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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 20, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Vinayak Chaturthi 2025: वैशाख में कब है विनायक चतुर्थी? अभी नोट करें डेट और शुभ मुहूर्त

    Updated: Sun, 20 Apr 2025 04:00 PM (IST)

    सनातन धर्म में सभी तिथि का विशेष महत्व है। इसी प्रकार हर महीने के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि भगवान गणेश को प्रिय है। इस दिन जीवन में सुख-शांत ...और पढ़ें

    Lord Ganesh: भगवान गणेश को प्रिय है चतुर्थी तिथि (Pic Credit- Freepik)
    Lord Ganesh: भगवान गणेश को प्रिय है चतुर्थी तिथि (Pic Credit- Freepik)

    HighLights

    1. हर महीने में 2 बार चतुर्थी व्रत किया जाता है।
    2. इस दिन चंद्र दर्शन करने की मनाही है।
    3. गणेश जी की पूजा करने से संकट दूर होते हैं।

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सनातन धर्म में किसी भी शुभ और मांगलिक काम की शुरुआत करने से पहले भगवान गणेश की पूजा-अर्चना करने का विधान है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, गणपति बप्पा की पूजा करने से साधक के सभी काम सफल होते हैं। वहीं, चतुर्थी तिथि पर भगवान गणेश की पूजा करने की विशेष महत्व है।

    वैदिक पंचांग के अनुसार, वैशाख माह में विनायक चतुर्थी का पर्व मनाया जाएगा।  इस दिन भगवान गणेश की पूजा करने से जीवन के सभी बाधाएं दूर होती हैं। ऐसे में ही आइए जानते हैं विनायक चतुर्थी की डेट और शुभ मुहूर्त के बारे में।  

    विनायक चतुर्थी 2025 डेट और शुभ मुहूर्त (Vinayak Chaturthi 2025 Date and Shubh Muhurat)

    वैदिक पंचांग के अनुसार, वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी की शुरुआत 30 अप्रैल को दोपहर 2 बजकर 12 मिनट पर हो रही है। वहीं, तिथि का समापन अगले दिन यानी 1 मई को सुबह 11 बजकर 23 मिनट पर हो रहा है। ऐसे में विनायक चतुर्थी  1 मई को मनाई जाएगी।

    पंचांग

    सूर्योदय - सुबह 05 बजकर 40 मिनट पर

    सूर्यास्त - शाम 06 बजकर 56 मिनट पर

    चन्द्रोदय- सुबह 08 बजकर 23 मिनट पर

    चंद्रास्त- रात 11 बजकर 18 मिनट पर

    ब्रह्म मुहूर्त - सुबह 04 बजकर 14 मिनट से 04 बजकर 57 मिनट तक

    विजय मुहूर्त - दोपहर 02 बजकर 31 मिनट से 03 बजकर 24 मिनट तक

    गोधूलि मुहूर्त - शाम 06 बजकर 55 मिनट से 07 बजकर 17 मिनट तक

    निशिता मुहूर्त - रात्रि 11 बजकर 56 मिनट से 12 बजकर 39 मिनट तक

    विनायक चतुर्थी पूजा विधि (Vinayak Chaturthi Puja Vidhi)

    • इस के दिन सुबह जल्दी उठें और स्नान करने के बाद सूर्य देव को अर्घ्य दें।
    • चौकी पर साफ कपड़ा बिछाकर भगवान गणेश की प्रतिमा को विराजमान करें।
    • गणेश जी को  मोदक, दूर्वा, हल्दी समेत आदि चीजें अर्पित करें।
    • दीपक जलाकर सच्चे मन से आरती करें।
    • गणेश जी के मंत्रों का जप और गणेश चालीसा का पाठ करें।
    • मोदक और फल का भोग लगाकर लोगों में प्रसाद बाटें।

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    करें यह उपाय

    आर्थिक तंगी को दूर करने के लिए विनायक चतुर्थी का दिन शुभ माना जाता है। इस दिन पूजा के दौरान ऋणहर्ता गणेश स्तोत्र का पाठ करें। साथ ही प्रभु से जीवन में सुख-शांति की प्राप्ति के लिए कामना करें। इससे आर्थिक तंगी दूर होती है और गणेश जी प्रसन्न होते हैं।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।