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विश्वकर्मा पूजा 2026: मशीनों पर क्यों बनाया जाता है स्वस्तिक और क्या है औजारों की पूजा का खास महत्व?

Published: Tue, 08 Sep 2026 08:02 AM (IST)

विश्वकर्मा पूजा के दिन मशीनों और औजारों की पूजा क्यों की जाती है? जानिए इस दिन मशीनों पर स्वस्तिक बनाने की परंपरा क्यों है।

मशीनों की पूजा का महत्व (AI-Generated image)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। भारत में विश्वकर्मा पूजा (Vishwakarna Jayanti 2026) का त्योहार बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है। यह दिन उन सभी लोगों के लिए खास होता है जो किसी न किसी निर्माण कार्य, तकनीक या मशीनरी से जुड़े हुए हैं। इस दिन फैक्ट्रियों, कारखानों, मोटर गैराज, दुकानों और यहां तक कि हमारे घरों में भी मशीनों और औजारों की पूजा की जाती है।

आपने अक्सर देखा होगा कि पूजा के दौरान मशीनों की अच्छी तरह से साफ-सफाई की जाती है और फिर उन पर रोली या सिंदूर से 'स्वस्तिक' का पवित्र चिह्न बनाकर पूजा जाता है। आइए समझते हैं कि आखिर ऐसा क्यों किया जाता है और इस दिन का क्या महत्व है।

मशीनों पर स्वस्तिक क्यों बनाया जाता है?

भारतीय संस्कृति में 'स्वस्तिक' को अत्यंत शुभ, मंगलकारी और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना गया है। जब विश्वकर्मा पूजा के दिन मशीनों, वाहनों और औजारों पर स्वस्तिक बनाया जाता है, तो इसके पीछे यह मान्यता होती है कि भगवान विश्वकर्मा का आशीर्वाद इन मशीनों पर हमेशा बना रहे।

स्वस्तिक बनाने से मशीनों में सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है, जिससे वे सुचारू रूप से चलती हैं और जल्दी खराब नहीं होतीं। साथ ही, यह चिह्न किसी भी तरह की कार्यस्थल दुर्घटना या तकनीकी खराबी से बचाने का भी काम करता है।

सृष्टि के पहले इंजीनियर

हमारे धार्मिक शास्त्रों की मानें तो भगवान विश्वकर्मा को दुनिया का सबसे पहला वास्तुकार (आर्किटेक्ट) और इंजीनियर कहा जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, प्राचीन काल में देवी-देवताओं के लिए सुंदर भवन, स्वर्ग लोक, पुष्पक विमान और शक्तिशाली हथियारों का निर्माण भगवान विश्वकर्मा ने ही किया था। इस दुनिया में जो कुछ भी सृजनात्मक है, जिससे हमारा जीवन आसान और संचालित होता है, वह सब उन्हीं की महान देन है।

औजारों की पूजा का असली महत्व

इस दिन पर सभी इंजीनियर, बढ़ई, वेल्डर, राजमिस्त्री और कारीगर अपने-अपने औजारों की पूरे विधि-विधान से पूजा करते हैं। यह पूजा असल में हमारे काम और रोजी-रोटी के साधनों के प्रति सम्मान और धन्यवाद जताने का एक सुंदर तरीका है। लोगों का दृढ़ विश्वास है कि औजारों की पूजा करने से उनके हुनर में गजब का निखार आता है। भगवान की कृपा से नौकरी और व्यापार में दिन-दूनी रात-चौगुनी तरक्की होती है और जीवन में सुख-समृद्धि बढ़ती है।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें।