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रामायण के ट्रेलर में रावण से भिड़ने वाला विशालकाय सफेद हाथी 'ऐरावत' कौन है? पढ़ें इसके जन्म, युद्ध और श्राप से जुड़ी कहानी

Published: Thu, 30 Jul 2026 11:04 AM (IST)

रामायण पार्ट 1 के ट्रेलर में रावण को देवराज इंद्र के दिव्य वाहन ऐरावत हाथी से लड़ते दिखाया गया है। ...और पढ़ें

रामायण के ट्रेलर में दिखा सफेद हाथी ऐरावत से जुड़ी कथा (Picture Credits- AI Image)

रामायण के ट्रेलर में दिखा सफेद हाथी ऐरावत से जुड़ी कथा (Picture Credits- AI Image)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। आज सुबह 4 बजकर 15 मिनट पर ब्रह्म मुहूर्त की शुभ बेला में नितेश तिवारी के निर्देशन में बनी 'रामायण पार्ट 1' का ट्रेलर रिलीज किया गया। हिंदू धर्म के अत्यंत पवित्र महाकाव्य रामायण पर आधारित फिल्म के ट्रेलर के एक सीन की काफी चर्चा हो रही है, जिसमें लंका पति रावण (यश), को एक विशालकाय सफेद हाथी से लड़ता हुआ दिखाया गया है, जो सामान्य हाथी से अलग रंग में सफेद, बड़े-बड़े पंखों वाला देवराज इंद्र का दिव्य वाहन 'ऐरावत' है। इस सीन को देखने के बाद कई लोगों के मन में सवाल उठ रहे हैं कि, आखिर ये ऐरावत कौन और रामायण में उसकी क्या भूमिका है?

ऐरावत कौन है?

पौराणिक कथाओं के अनुसार, ऐरावत हाथी समुद्र मंथन से निकला था, जो बाद में स्वर्ग के देवता देवराज इंद्र का दिव्य वाहन बना। ऐरावत हाथी के बारे में बताया जाता है कि, उसके चार बड़े-बड़े दांत हैं, जो व्यक्तिगत मान-सम्मान, प्रशंसा, जलन और निज वर्चस्व का प्रतीक है। कुछ पुराणों में उनके 10 दातों और 5 सूंडों का उल्लेख मिलता है। हिंदू शास्त्रों में ऐरावत को अति बलशाली और श्वेत (सफेद) रंग का दिव्य हाथी बताया गया है।

मूल रामायण कथा में ऐरावत हाथी का प्रमुख पात्र नहीं हैं, लेकिन लंका पति रावण स्वयं को तीनों लोकों का स्वामी मानता था। पौराणिक कथाओं में रावण को अति बलशाली और महा पराक्रमी बताया गया है, जिसने अपने तप और बल के दम पर कई देवताओं को हराया था। ट्रेलर में ऐरावत हाथी के साथ उसका युद्ध इस बात का प्रतीक है कि, रावण इतना ताकतवर था कि, उसने देवराज इंद्र और उनके दिव्य वाहन ऐरावत हाथी को भी चुनौती दे दी थी।

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ऐरावत हाथी (रामायण ट्रेलर)

ऐरावत के अन्य प्रचलित नाम

अभ्रमतंग- बादल निर्माण करने वाला
नागमल्ला- जो युद्ध में हिस्सा लेता है
अर्कसोदारा- सूर्य का भाई
एरावन- थाईलैंड में पुकारे जाने वाला नाम
श्वेतास्ती- जो सफेद रंग का हो।
गजरागरानी- हाथियों का राजा

हिंदू महाकाव्य रामायण के मुताबिक, ऐरावत का विवाह एक सफेद हथिनी से हुआ था। दोनों के मिलन से उनकी पहली संतानें सफेद पंखों वाले हाथी थे, जो उड़ भी सकते थे, लेकिन ऋषियों के श्राप के कारण उन्होंने उड़ने की क्षमता खो दी, लेकिन भारत में आज भी कई हिस्सों में लोगों का मानना है कि, आकाश में दिखाई देने वाले सफेद बादल सफेद हाथियों द्वारा ही बनते हैं।

ऐरावती की माता का नाम

आपको जानकार हैरानी होगी कि, रामायण की कथाओं के मुताबिक, ऐरावत की माता का नाम इरावती था, इसलिए उनका नाम ऐरावत रखा गया। माता सीता की खोज के लिए राम सेना के प्रमुख भालू जाम्बवान ने भगवान हनुमान की पूंछ की तुलना ऐरावत हाथी की सूंड से की थी।

हिंदू धर्म के अलावा जैन धर्म में भी ऐरावत हाथी का जिक्र देखने को मिलता है। जैन पौराणिक कथाओं के मुताबिक, ऋषद देव जी के जन्म के समय (भगवान विष्णु के 24वें अवतार और जैन धर्म के पहले तीर्थंकार) राजा इंद्र और ऐरावत ने उत्सव में हिस्सा लिया था।

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AI Image

इंद्र के वाहन ऐरावत का मंदिर

तमिलनाडु राज्य के तारासुरम में स्थित शिव मंदिरों में से एक ऐरावतेश्वर लिंग है। माना जाता है कि, ऋषि दुर्वासा के श्राप के कारण ऐरावत ने बाद में मंदिर के पवित्र जल में स्नान किया औ भगवान शिव की उपासना की। ऐरावत की याद में गर्भगृह में राजा इंद्र के साथ ऐरावत की भी मूर्ति स्थापित की गई है। इस मंदिर का निर्माण चोल काल में कराया गया था।

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