कुत्तों का बेवजह भौंकना महज इत्तेफाक नहीं! इसके पीछे छिपे हैं 4 बड़े ज्योतिषीय कारण
क्या आप पर भी कुत्ते बेवजह भौंकते हैं? इसके पीछे का चौंकाने वाला ज्योतिषीय रहस्य क्या है। कहीं, यह आपके ...और पढ़ें

कुत्ते का भौंकना किस ओर करता है इशारा? (Image Source: AI-Generated)
HighLights
हिंदू धर्म में कुत्तों को यमराज का द्वारपाल माना जाता है
कुत्ते के भौंकने को एक चेतावनी के रूप में देखा जाता है
काले कुत्ते को रोटी खिलाने से ग्रह दोष शांत होते हैं
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। आपने अक्सर गली-मोहल्लों में देखा होगा कि कुत्तों को किसी शख्स पर भौंकते देखा होगा। कुछ लोग जहां शांति से निकल जाते हैं और कुत्ते उन्हें देखते भी नहीं। वहीं, कुछ लोगों को देखते ही कुत्ते अचानक आक्रामक हो जाते हैं और उन पर जोर-जोर से भौंकने लगते हैं। विज्ञान कहता है कि यह गंध या डर की वजह से होता है। लेकिन, इस चीज का एक ज्योतिषीय कारण भी है।
ज्योतिष शास्त्र और पुराणों में इसके पीछे के जो रहस्य बताए गए हैं, वे वाकई हैरान कर देने वाले हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, कुत्तों का संबंध मुख्य रूप से दो ग्रहों- शनि और केतु से माना जाता है। आइए जानते हैं इसके पीछे के ज्योतिषीय कारण क्या हैं।
1. केतु ग्रह का संकेत
ज्योतिष में कुत्ते को 'केतु' का प्रतीक माना गया है। केतु को एक रहस्यमयी और छाया ग्रह माना जाता है। अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में केतु की स्थिति खराब है या केतु दोष है, तो कुत्ते उसे देखते ही अशांत हो जाते हैं और भौंकना शुरू कर देते हैं। यह एक संकेत है कि व्यक्ति को अपने जीवन में आने वाली परेशानियों के प्रति सतर्क रहना चाहिए।
2. नकारात्मक ऊर्जा और आभा (Aura)
शास्त्रों के अनुसार, कुत्तों की छठी इंद्रिय (Sixth Sense) बहुत तेज होती है। वे उन नकारात्मक शक्तियों या बुरी आत्माओं को भी देख सकते हैं जो मानवीय आंखों से ओझल होती हैं। अगर किसी शख्स के चारों ओर नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव है या उसका 'ओरा' (Aura) दूषित है, तो कुत्ते उसे पहचान लेते हैं और भौंककर उसे दूर रहने की चेतावनी देते हैं।
3. शनि देव की दृष्टि
कुत्तों को शनि देव का दूत भी माना जाता है। मान्यता है कि जिन लोगों पर शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या का अशुभ प्रभाव चल रहा होता है, कुत्ते अक्सर उनके प्रति आक्रामक व्यवहार करते हैं। यह इस बात का इशारा हो सकता है कि व्यक्ति को शनि देव को प्रसन्न करने के उपाय करने की आवश्यकता है।

(Image Source: AI-Genera)
4. पूर्वजों और पितरों का संकेत
हिंदू धर्म में कुत्तों को यमराज का द्वारपाल भी माना जाता है। कई बार कुत्ते उन लोगों पर भौंकते हैं जिनके घर में पितृ दोष होता है या जिनके पूर्वज अतृप्त होते हैं। कुत्ते के भौंकने को एक चेतावनी के रूप में देखा जाता है कि जातक को अपने पूर्वजों की शांति के लिए उपाय करने चाहिए।
क्या करें अगर आप पर भी भौंकते हैं कुत्ते?
अगर आपके साथ ऐसा बार-बार हो रहा है, तो ज्योतिष शास्त्र में इसके कुछ सरल उपाय बताए गए हैं:
रोटी खिलाएं: शनिवार के दिन काले कुत्ते को सरसों का तेल लगाकर रोटी खिलाएं। इससे शनि और केतु दोनों शांत होते हैं।
सम्मान दें: कुत्तों को कभी मारें नहीं। उन्हें बिस्किट या दूध पिलाना आपके जीवन की बाधाओं को कम करता है।
कुंडली की जांच: अगर यह समस्या बहुत अधिक है, तो किसी विशेषज्ञ से केतु और शनि की स्थिति की जांच कराएं।
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