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    महिलाएं हनुमान जी को चोला क्यों नहीं चढ़ाती? जानिए इसके पीछे का सच

    Updated: Wed, 13 May 2026 11:54 AM (IST)

    हिंदू धर्म में महिलाओं को हनुमान जी की पूजा करने की तो इजाजत है, लेकिन उन्हें स्पर्श या चोला चढ़ाने की नहीं। जानिए इसके पीछे का धार्मिक कारण? ...और पढ़ें

    महिलाएं हनुमान जी को चोला क्यों नहीं चढ़ाती? (AI-Generated Image)

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    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में हनुमान जी को कलयुग का देवता कहा जाता है, जिनकी पूजा करने से भक्त के संपूर्ण दुखों का नाश होता है। भगवान शिव के 11वें रुद्र अवतार हनुमान जी ने भगवान श्रीराम के कार्यों को सिद्ध करने के लिए अवतार लिया था।

    देशभर में उनके कई छोटे और बड़े मंदिर हैं, जहां भक्त अपनी इच्छा पूरी होने पर उन्हें लड्डू का भोग, फल, अनाज और चोला अर्पण करते हैं। लेकिन इनकी पूजा करते समय महिलाओं को क्यों हनुमान जी को छूने या चोला चढ़ाने से मना किया जाता है? आइए जानते हैं इसके पीछे का धार्मिक मत क्या है?

    महिलाएं हनुमान जी को चोला क्यों नहीं चढ़ाती?

    हिंदू धर्म में आस्था रखने वाले लोगों का मानना है कि, हनुमान जी बाल ब्रह्मचारी हैं, उन्हें सभी स्त्रियों में अपनी माताएं नजर आती हैं, जिस वजह से किसी भी स्त्री को उनपर चोला चढ़ाने या पैर छूने की मनाही होती है

    मान्यताओं के मुताबिक, हनुमान जी ने आजीवन बाल ब्रह्मचारी व्रत पालन करने का संकल्प लिया है।

    महिलाएं हनुमान जी को चोला क्यों नहीं चढ़ाती (2)

    हालांकि इस पर क्षेत्रीय मान्यताएं अलग-अलग हो सकती हैं, क्योंकि आंध्र प्रदेश में हनुमान जी और मां सुवर्चला देवी का मंदिर है, जहां स्थानीय लोग उनके विवाह के प्रसंग पर अटूट आस्था रखते हैं।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें।

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