Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    मौत के देवता यमराज की भी नहीं चलती इनके आगे! जानिए हनुमान जी के 'चिरंजीवी' होने का सीक्रेट

    Updated: Tue, 07 Jul 2026 08:00 AM (IST)

    हिंदू धर्म में हनुमान जी को चिरंजीवी माना जाता है, जिस कारण मृत्यु के देवता यमराज का उन पर कोई वश नहीं चलता। जानिए इसके पीछे का रहस्य? ...और पढ़ें

    मौत के देवता यमराज का भी हनुमान जी पर कोई वश नहीं

    मौत के देवता यमराज का भी हनुमान जी पर कोई वश नहीं

    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में यमराज को मौत यानी मृत्यु का देवता कहा जाता है। इसके अलावा उन्हें न्याय करने वाले देवता यानी धर्मराज के रूप में भी पूजा जाता है। पौराणिक कथाओं के मुताबिक यमराज का वश हर किसी पर चलता है, सिवाय एक के और वो हैं हनुमान जी।

    आइए जानते हैं उस कहानी के बारे में जिसके कारण भक्तों का मानना है कि, यमराज का भी हनुमान जी पर कोई वश नहीं चलता।

    हनुमान जी हैं चिरंजीवी

    हिंदू धर्म में चिरंजीवी उन्हें कहा जाता है, जो अमर और अजेय है। कहने का मतलब जिसके कोई खत्म नहीं कर सकता है। हिंदू पौराणिक कथाओं में 8 चिरंजीवियों का जिक्र देखने को मिलता है, जिसमें से एक हनुमान जी भी हैं। माना जाता है कि, हनुमान जी कलियुग के अंत तक धरती पर निवास करेंगे। इसलिए भक्तों का मानना है कि, मौत के देवता यमराज का हनुमान जी पर कोई वश नहीं है।

    आपको जानकार हैरानी होगी कि, हनुमान जी को अमरता का वरदान जन्म के साथ नहीं मिला था। उनके असाधारण बचपन और भगवान राम के प्रति उनकी अटूट भक्ति के बाद देवताओं ने उनपर दिव्य आशीर्वाद की बारिश की, जिससे वे अमर और अजेय बन गए। हनुमान जी को कोई भी आम या दिव्य ताकत हरा नहीं सकती है। यह तक की मौत भी नहीं।

    hanuman ji

    भगवान राम का वचन आज भी निभा रहे हैं

    रामायण काल में जब राम जी इस भौतिक दुनिया से विदा ले रहे थे, तब हनुमान जी ने भी उनके साथ चलने की जिद की, लेकिन प्रभु श्रीराम ने कहा, जब तक मेरा नाम याद रहेगा, तब तक तुम पृथ्वी पर रहो। उस पल से लेकर आज और आने वाले कई सदियों तक हनुमान जी भक्तों के शाश्वत रक्षक बन गए।

    खबरें और भी

    माना जाता है कि, जहां कहीं भी रामायण का पाठ होता है या भगवान राम का नाम सच्ची श्रद्धा के साथ लिया जाता है, वह हनुमान जी जरूर मौजूद होते हैं। भक्त जब आज भी हनुमान चालीसा की इस चौपाई का जाप करते हैं-

    संकट ते हनुमान छुड़ावै, मन क्रम वचन ध्यान जो लावै। तो संकट मोचन हनुमान उन्हें हर दुख, तकलीफ, डर से बचाते हैं। भक्तों को उनका नाम यह एहसास दिलाता है कि, विश्वास मौत के डर से भी अधिक शक्तिशाली है।

    कुल मिलाकर असली रहस्य यह नहीं है कि, हनुमान जी पर यमराज का कोई वश नहीं है। खास बात यह है कि, जिस भगवान ने उन्हें हमेशा रहने का आशीर्वाद दिया, उसपर मौत का कोई वश नहीं है।

    यह भी पढ़ें- उत्तराखंड का वह गांव जहां हर रात हनुमान जी के लिए रखा जाता है भोजन, वजह जानकर उड़ जाएंगे होश

    यह भी पढ़ें- हनुमान नहीं, ये था बजरंगबली के बचपन का असली नाम! बहुत कम लोग जानते हैं ये रहस्य

    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।