New Year 2026: नए साल के संकल्पों में शामिल करें ये पॉजिटिव बदलाव, खुशियों से भर जाएगा घर-आंगन
नए वर्ष में कैलेंडर के साथ संकल्प भी बदलें, क्योंकि जब संकल्प बदलते हैं, तब ही जीवन बदलता है। यह समय है न केवल अपने लिए, बल्कि पूरे समाज के लिए। यह नि ...और पढ़ें
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New Year 2026 Tips: लोगों को जोड़ने और दूरियों को दूर करने का संकल्प लें
HighLights
ज्ञान के अभाव में इच्छाएं कमजोर पड़ जाती हैं।
हमारा जीवन दूसरों के लिए उपयोगी और सहायक बने।
अपने ज्ञान को निरंतर सुदृढ़ करने का संकल्प लें।
श्री श्री रवि शंकर (आर्ट आफ लिविंग के प्रणेता आध्यात्मिक गुरु)। नए वर्ष के आगमन के सुअवसर पर हमारे पास इच्छाओं और संकल्पों की एक सूची होती हैं। यह स्वाभाविक है। परंतु कार्य की शुरुआत विवेक और ज्ञान के साथ होनी चाहिए। जब हमारी इच्छाएं और कर्म ज्ञान की शक्ति से युक्त होते हैं, तभी जीवन में स्थायी आनंद और संतोष का अनुभव होता है।
ज्ञान के अभाव में इच्छाएं कमजोर पड़ जाती हैं, योजनाएं साधारण बन जाती हैं और भविष्य पर अनिश्चितता की परछाई छा जाती है। यहां ‘ज्ञान’ से मेरा अभिप्राय है - आत्मज्ञान, अर्थात स्वयं को तथा अपने जीवन को व्यापक संदर्भ में समझना।
आज हम यहां इस ग्रह पर कुछ योगदान देने के लिए हैं। बदले में संसार हमें जो कुछ देता है, हम उसे स्वीकार करते हैं और उसका आनंद लेते हैं, किंतु प्रश्न यह है कि हम पृथ्वी के लिए क्या योगदान दे रहे हैं? हमें स्वयं से यह प्रश्न करते रहना चाहिए, “जब तक मैं इस धरती पर हूं, मैं और क्या कर सकता/सकती हूं?” यही चिंतन हमारे मन में जीवित रहना चाहिए। स्पष्ट दृष्टि और उद्देश्य के साथ जीवन आनंद से भर जाता है और तब मन में निराशा टिक नहीं पाती है।
आज जब दुनिया अनेक कठिन परिस्थितियों, समस्याओं और चुनौतियों से गुजर रही है, ऐसे समय में आप आशा की किरण हैं। अपने आसपास हर व्यक्ति को आशा दीजिए, समाज और लोगों को ऊपर उठाइए। ज्ञान और आध्यात्मिक जानकारी को अपना लक्ष्य बनाकर चलिए। विज्ञान भी आध्यात्मिकता के महत्व को मानता है, इसलिए अपने ज्ञान को निरंतर सुदृढ़ करने का संकल्प लें।
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ध्यान को अपनी दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बनाएं और यह भी सुनिश्चित करें कि हमारे आसपास के लोग भी इस अभ्यास से जुड़ें। 2026 में प्रवेश करते हुए यह संकल्प लें कि हम अधिक से अधिक लोगों तक ज्ञान और ध्यान से जोड़ेगे। इसे अपनी संकल्प-सूची में अवश्य रखें- ज्ञान का प्रसार करना, समाज में आनंद और प्रसन्नता बढ़ाना तथा अपने मूल स्रोत से जुड़े रहना।
ज्ञान में समय बिताने से हमारे सभी कार्य और योजनाएं अधिक सशक्त, स्पष्ट और प्रभावी हो जाते हैं। जीवन की यात्रा में कभी न कभी हम स्वयं समस्याओं में फंसते हैं या दूसरों के साथ मतभेदों में उलझ जाते हैं। यह संकल्प लें कि जिनसे दूरी बन गई है, उनसे फिर से मित्रता करें।
आगे बढ़कर हाथ बढ़ाएं और टूटे हुए संबंधों को फिर से जोड़ें। आज हम हर ओर संघर्ष देख रहे हैं। आज संघर्ष केवल सीमाओं पर नहीं, लोगों के दिलों में भी चल रहे हैं। यदि हममें से प्रत्येक व्यक्ति एकता को मजबूत करने, लोगों को जोड़ने और दूरियों को दूर करने का संकल्प ले, तो यह अत्यंत सार्थक होगा। यदि कहीं टकराव हो, आप समाधान के लिए मध्यस्थ बन सकते हैं, व्यक्तिगत रूप से भी और सामूहिक रूप में भी।
नए वर्ष में कैलेंडर के साथ संकल्प भी बदलें, क्योंकि जब संकल्प बदलते हैं, तब ही जीवन बदलता है। यह समय है न केवल अपने लिए, बल्कि पूरे समाज के लिए। यह निश्चय करें कि हमारा जीवन दूसरों के लिए उपयोगी, प्रेरक और सहायक बने।