घर में बार-बार टूट रही हैं भगवान की मूर्तियां, तो हो जाएं सावधान! गरुड़ पुराण में छिपा है बड़ा संकेत
अगर घर में बार-बार भगवान की मूर्तियां टूट रही हैं तो इसे शास्त्रों में किस संकेत से जोड़ा गया है? जानिए गरुड़ पुराण और वास्तु शास्त्र की मान्यताएं।

भगवान की मूर्ति टूटने के संकेत (AI-Generated Image)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। घर के मंदिर में रखी भगवान की मूर्तियां केवल आस्था का प्रतीक नहीं होतीं, बल्कि उन्हें सकारात्मक ऊर्जा का स्रोत भी माना जाता है। ऐसे में अगर घर में बार-बार मूर्तियां टूटने लगें, तो लोग इसे लेकर चिंतित हो जाते हैं। हिंदू धार्मिक मान्यताओं और वास्तु शास्त्र में टूटी हुई मूर्तियों को लेकर कई बातें बताई गई हैं।
क्या कहते हैं शास्त्र?
गरुड़ पुराण और वास्तु शास्त्र के अनुसार, खंडित यानी टूटी हुई मूर्तियों की पूजा नहीं करनी चाहिए। मान्यता है कि ऐसी मूर्तियां पूजा स्थल की सकारात्मक ऊर्जा को प्रभावित कर सकती हैं।
धार्मिक दृष्टि से माना जाता है कि देवी-देवताओं की मूर्तियों का विशेष सम्मान करना चाहिए। अगर मूर्ति टूट जाए या खंडित हो जाए, तो उसे बदल देना शुभ माना जाता है।
बार-बार मूर्तियां टूटने के क्या हो सकते हैं कारण?
वास्तु शास्त्र के अनुसार इसके पीछे कई कारण माने जाते हैं। जैसे:
- पूजा स्थान का गलत दिशा में होना
- मंदिर के आसपास गंदगी या भारी सामान रखना
- नियमित पूजा-पाठ और साफ-सफाई का अभाव
- बहुत पुरानी या कमजोर मूर्तियां होना
हालांकि, हर घटना को अशुभ संकेत मानना भी सही नहीं माना जाता। कई बार मूर्तियां सामान्य कारणों से भी टूट सकती हैं।
टूटी हुई मूर्तियों का क्या करें?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार टूटी हुई मूर्तियों को घर में लंबे समय तक नहीं रखना चाहिए। उन्हें सम्मानपूर्वक किसी पवित्र नदी, तालाब या पीपल के पेड़ के नीचे विसर्जित करना शुभ माना जाता है।

(AI-Generated Image)
ध्यान रखने वाली बातें
- खंडित मूर्तियों की पूजा न करें
- मंदिर को हमेशा साफ रखें
- पूजा स्थान पर अनावश्यक सामान न रखें
- समय-समय पर मूर्तियों की स्थिति जांचते रहें
घर के मंदिर में किन बातों का रखें ध्यान?
घर का मंदिर हमेशा सकारात्मक ऊर्जा वाला स्थान माना जाता है। इसलिए वहां साफ-सफाई, नियमित दीपक और पूजा का विशेष महत्व बताया गया है। वास्तु मान्यताओं के अनुसार मंदिर सही दिशा में हो और वहां शांति का वातावरण बना रहे, तो घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है।
घर में टूटी मूर्तियां रखने से क्यों बचने की सलाह दी जाती है?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, घर का मंदिर हमेशा शांत और सकारात्मक ऊर्जा से भरा होना चाहिए। माना जाता है कि अगर लंबे समय तक खंडित मूर्तियां घर में रखी रहें, तो पूजा-पाठ में मन कम लगने लगता है और घर का वातावरण भी प्रभावित हो सकता है। इसलिए समय-समय पर मंदिर की सफाई करना, दीपक जलाना और श्रद्धा के साथ पूजा करना शुभ माना गया है।
साथ ही, यह भी कहा जाता है कि नई मूर्ति स्थापित करने से पहले पूजा स्थान को अच्छी तरह शुद्ध कर लेना चाहिए, ताकि घर में सकारात्मकता और सुख-शांति बनी रहे।
यह भी पढ़ें- क्या टूटे हुए बर्तन घर में रखना अशुभ होता है? वास्तु शास्त्र में बताए गए हैं इसके प्रभाव
यह भी पढ़ें- नमक का शुक्र और चंद्रमा से क्या है कनेक्शन? वास्तु शास्त्र की ये बातें शायद ही कोई आपको बताएगा
अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें।
देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।