नमक का शुक्र और चंद्रमा से क्या है कनेक्शन? वास्तु शास्त्र की ये बातें शायद ही कोई आपको बताएगा
वास्तु और ज्योतिष के अनुसार, नमक का लेन-देन आपके शुक्र और चंद्र ग्रहों को प्रभावित करता है। जानिए क्यों शाम को नमक देना मना है और क्या हैं इसके आसान उ ...और पढ़ें

नमक के उपाय से करें ग्रहों को मजबूत (AI-Generated Image)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय घरों में नमक को केवल खाने का स्वाद बढ़ाने वाली चीज नहीं माना जाता है, बल्कि इसका गहरा संबंध घर की सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा से होता है।
अक्सर हमारे घर के बड़े-बुजुर्ग सलाह देते हैं कि किसी से बार-बार नमक नहीं मांगना चाहिए और न ही सूरज ढलने के बाद इसे उधार देना चाहिए। ज्योतिष और वास्तु शास्त्र में इन बातों के पीछे बहुत ही ठोस और आध्यात्मिक कारण बताए गए हैं।
ग्रहों से है कैसे जुड़ा है नमक
- मान्यता है कि नमक का संबंध मुख्य रूप से शुक्र और चंद्रमा से होता है।
शुक्र ग्रह: यह ग्रह हमारे जीवन में धन, ऐश्वर्य, भौतिक सुख-सुविधाओं और दांपत्य जीवन का कारक है।
चंद्र ग्रह: चंद्रमा हमारे मन की स्थिति, भावनाओं और मानसिक शांति को नियंत्रित करता है।
जब हम नमक का लेन-देन करते समय असावधानी बरतते हैं, तो इन दोनों ग्रहों की स्थिति पर असर पड़ता है।
बार-बार नमक मांगने से बढ़ सकती है आर्थिक तंगी
सफेद रंग की वस्तुओं का स्वामी शुक्र ग्रह को माना जाता है, इसलिए नमक भी इसी श्रेणी में आता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जो लोग दूसरों से बार-बार नमक मांगकर इस्तेमाल करते हैं, उनका शुक्र ग्रह कमजोर होने लगता है।
शुक्र के कमजोर होने का सीधा असर आर्थिक स्थिति पर पड़ता है- फिजूलखर्ची बढ़ती है, बचत कम हो जाती है और व्यक्ति को अचानक पैसों की कमी का सामना करना पड़ सकता है। यही कारण है कि पुराने समय में लोग नमक को मुफ्त में लेने या देने से बचते थे।
मानसिक शांति पर भी होता है असर
नमक का संबंध चंद्रमा से होने के कारण यह हमारे मन को भी प्रभावित करता है। दूसरों से नमक मांगने की आदत से कुंडली में चंद्रमा का प्रभाव बिगड़ सकता है, जिससे मानसिक तनाव, चिड़चिड़ापन और बेचैनी जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। इससे परिवार में छोटी-छोटी बातों पर विवाद और रिश्तों में कड़वाहट आने की संभावना भी बनी रहती है।
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शाम के समय क्यों नहीं देना चाहिए नमक?
वास्तु शास्त्र के अनुसार, सूर्यास्त यानी शाम के समय नमक उधार देना शुभ नहीं माना जाता। ऐसी मान्यता है कि ऐसा करने से घर की सकारात्मक ऊर्जा बाहर चली जाती है और माता लक्ष्मी नाराज हो सकती हैं। हालांकि, यह पूरी तरह पारंपरिक मान्यताओं पर टिका है, लेकिन आज भी कई लोग इसका सख्ती से पालन करते हैं।
सकारात्मकता के लिए नमक के उपाय
ज्योतिष और वास्तु में नमक को नकारात्मकता दूर करने का एक शक्तिशाली जरिया माना गया है:
- घर में पोछा लगाते समय पानी में थोड़ा सेंधा नमक मिलाने से वातावरण सकारात्मक बना रहता है।
- मानसिक शांति के लिए कांच की कटोरी में नमक भरकर बाथरूम या घर के किसी कोने में रखना लाभकारी माना जाता है।
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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें।