रोज सुबह पक्षियों को सतनाजा खिलाने से कैसे दूर होते हैं घर के सारे वास्तु दोष?
सनातन परंपरा में सतनाजा (सात अनाजों का मिश्रण) जिसे वास्तु और ज्योतिष शास्त्र में ब्रह्मांडीय ऊर्जा को संतुलित करने का एक वैज्ञानिक तरीका माना गया है। ...और पढ़ें

वास्तु शास्त्र में 7 अनाज के उपाय (Picture Credit AI- Generated Image)
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सनातन परंपरा और प्राचीन धर्म शास्त्रों के अनुसार, हर नियम के पीछे एक गहरा विज्ञान छिपा है। ज्यादातर लोग सतनाजा (7 अनाजों का मिश्रण) के दाने को एक साधारण टोटका या अंधविश्वास मानते हैं। लेकिन वास्तु शास्त्र और ज्योतिष शास्त्र में सतनाजा कोई जादुई चमत्कार नहीं है, बल्कि अलग-अलग ब्रह्मांडीय ऊर्जाओं को संतुलित करने का एक सटीक और सरल वैज्ञानिक फॉर्मूला भी है।
जब हम उचित विधि से इन 7 तरह के अनाजों को मिलाकर भूत यज्ञ करते हैं, तो प्रकृति के साथ हमारा गहरा तालमेल बनता है, जिससे घर की नकारात्मक ऊर्जा खत्म हो जाती है। आइए जानते हैं इन 7 अनाजों के पीछे का असल शास्त्रीय और वैज्ञानिक कारण क्या है?
सतनाजा के 7 अनाज कौन-कौन से हैं?
हर अनाज सीधे तौर पर किसी न किसी मुख्य ग्रह और घर की एक खास दिशा से जुड़ा होता है।
काला उड़द स्थिरता के लिए
घर का दक्षिण पश्चिम (Southwest)कोना हमारे जीवन में स्थिरता लाने का काम करता है। हमारे शास्त्रीय ग्रंथों में हर नियम के पीछे एक गहरा राज छिपा है। अगर आप बार-बार करियर में उतार-चढ़ाव का सामना कर रहे हैं या परिवार में रिश्ते टूट रहे हैं, तो इसका मललब है कि इस कोने में ऊर्जा का संतुलन अस्थिर है।
ऐसे में काल उड़द राहु ग्रह की ऊर्जा को शांत करने में मदद करता है। जब इसे इस दिशा को संतुलित करने के लिए किया जाता है, तो जीवन में अचानक आने वाली परेशानियां रुकती हैं और करियर व रिश्तों में मजबूती आती है।
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काला तिल
घर की पश्चिम (West) दिशा का संबंध हमारे पैसों की बचत और सुरक्षा से है। ऐसे में काला तिल शनि ग्रह की भारी ऊर्जा को कंट्रोल करने का काम करता है। इसे संतुलित करने से घर में अचानक होने वाले पैसों के नुकसान रुकते हैं और घर के चारों और एक सुरक्षा कवच बन जाता है, जिससे बुरी नजर नहीं प्रवेश करती है।
पीला चना
घर के उत्तर-पूर्व (Northeast) कोना हमारे दिमाग और सोचने समझने की क्षमता से जुड़ा स्थान माना जाता है। पीला चना गुरु ग्रह का प्रतीक माना जाता है। अगर घर के लोग गलत फैसले ले रहे हैं, तो चना इस जोन को ठीक करके परिवार के सदस्यों की निर्णय क्षमता को मजबूत करता है।
हरा मूंग
घर की उत्तर (North) दिशा नए अवसरों और बुद्धि के विकास की दिशा मानी जाती है। हरी मूंग बुध ग्रह से जुड़ी मानी जाती है, जो व्यापार और बुद्धि का स्वामी माना जाता है। जब घर में इसकी सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है, तो बच्चों का पढ़ाई में मन और याद करने की क्षमता बढ़ती है। इसके साथ ही व्यापार करने वाले लोगों की बिक्री में वृद्धि भी होती है।
चावल
घर की उत्तर-पश्चिम (Northwest)दिशा हमारे मन और शांति को नियंत्रित करती है। चावल स्वभाव से ठंडा होता है और यह चंद्रमा का प्रतीक भी है। इसे संतुलित रखने से मन का तनाव और घर के रोज-रोज के झगड़े शांत होते हैं, जिससे घर में पैसों का संचार बना रहता है।
गेहूं
घर की पूर्व दिशा (East) का सीधा कनेक्शन समाज, सरकार और आपके मान-सम्मान से होता है।
गेहूं सीधे सूर्य ग्रह की तेज ऊर्जा से जुड़ा है। जब ईस्ट जोन में गेहूं के जरिए ऊर्जा स्थिर होती है, तो घर के मुखिया का समाज में नाम, इज्जत और लोगों को लीड करने की क्षमता बढ़ती है।
जौ
घर की ईशान कोण (Northeast) अगर ब्लॉक हो, तो जीवन में तरक्की के नए रास्ते बंद हो जाते हैं। जो ब्रह्मांड की ऐसी तरंगों (Wave) को एक्टिव करता है, जो राहु और गुरु दोनों को प्रभावित करती हैं। यह करियर या बिजनेस में लंबे समय से चली आ रही अड़चने दूर होने के साथ नौकरी या काम के नए और बेहतर मौके मिलते हैं।
जब इन 7 अनाजों को बराबर मात्रा में मिलाते हैं, (जिसे सतनाजा या सप्तधान्य कहते हैं) तो यह एक प्रकार का पावरफुल एनर्जी मिक्स बन जाता है।
जब आप इसे रोज सुबह घर से बाहर पक्षियों या चींटियों को खिलाते हैं तो आपके घर से जुड़ी सभी दिशाओं के दोष और ग्रहों की नकारात्मक ऊर्जा धीरे-धीरे अपने आप खत्म हो जाती है।
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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें।