तुलसी में रोज जल चढ़ाने से चमकती है किस्मत, लेकिन इन दिनों में पानी देना है बेहद अशुभ
तुलसी के पौधे में रोज सुबह जल अर्पित करने से घर में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा आती है। जानिए तुलसी में जल चढ़ाने का धार्मिक महत्व और इससे जुड़े वास्तु नियम।

क्या आप भी रोज देते हैं तुलसी के पौधे में पानी? (AI-Generated Image)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म और वास्तु शास्त्र में तुलसी के पौधे को पूजनीय स्थान दिया गया है और इसे मां लक्ष्मी का ही रूप माना गया है। सनातन परंपरा में तुलसी के पौधे में रोज सुबह जल अर्पित करने का बहुत बड़ा धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है। मान्यता है कि जो व्यक्ति रोजाना स्नान करने के बाद पूरी श्रद्धा से तुलसी जी में जल चढ़ाता है, उसके घर में कभी धन-धान्य की कमी नहीं होती और मां लक्ष्मी की कृपा सदैव बनी रहती है।
तुलसी में नियमित रूप से पानी डालने से घर की नकारात्मक ऊर्जा खत्म होती है और सकारात्मकता का वास होता है। सुबह-सुबह तुलसी को जल अर्पित करने से पारिवारिक जीवन में सुख-शांति बनी रहती है, वास्तु दोष दूर होते हैं।
हालांकि, रोज जल चढ़ाने के इस पावन नियम का पूरा फल आपको तभी मिलता है, जब आप इससे जुड़े कुछ खास नियमों का पालन करते हैं। वास्तु शास्त्र के नियमों के अनुसार, कुछ ऐसे खास दिन और मौके बताए गए हैं जब तुलसी में जल चढ़ाना वर्जित माना जाता है। अगर इन मौकों पर जल चढ़ाया जाए, तो इसका विपरीत असर घर की सुख-समृद्धि पर पड़ सकता है।
आइए जानते हैं कि रोज जल अर्पित करते समय आपको किन खास दिनों में ध्यान रखना चाहिए:
1. रविवार के दिन जल अर्पित न करें
वास्तु शास्त्र और पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, रविवार का दिन भगवान विष्णु को समर्पित होता है और माना गया है कि इस दिन तुलसी जी उनके लिए निर्जला व्रत रखती हैं। ऐसे में रविवार को जल चढ़ाने से उनका उपवास टूट जाता है, जिसे धार्मिक दृष्टि से शुभ नहीं माना जाता।
2. एकादशी की तिथि का रखें ध्यान
एकादशी का दिन भगवान विष्णु और मां तुलसी दोनों के लिए बेहद खास माना गया है। इस खास तिथि पर भी तुलसी जी निर्जला उपवास रखती हैं। एकादशी को तुलसी में जल अर्पित करने से उनका व्रत खंडित हो जाता है, जिससे घर में आर्थिक समस्याएं और अशांति आ सकती है।
3. ग्रहण काल के दौरान न चढ़ाएं जल
सूर्य ग्रहण हो या फिर चंद्र ग्रहण इन दोनों ही मौके पर पूरे वातावरण में नकारात्मक ऊर्जा सक्रिय रहती है। ग्रहण के दौरान तुलसी के पौधे में न तो पानी डालना चाहिए, ना ही उसके पत्ते तोड़ने चाहिए और न ही उसे स्पर्श करना शुभ माना गया चाहिए।
इन बातों का हमेशा रखे ध्यान
रोज सुबह नहाने के बाद साफ-सुथरे कपड़े पहनकर शांत मन से तुलसी में जल अर्पित करें। शाम के समय जल चढ़ाने के बजाय तुलसी जी के पास घी का एक दीपक जलाना सबसे ज्यादा शुभ माना जाता है।
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