किस दिशा में रखना चाहिए एयर कूलर? भारी नुकसान से बचने के लिए जानिए सही दिशा और जरूरी नियम
गर्मी में एयर कूलर का इस्तेमाल करते हैं तो वास्तु शास्त्र के अनुसार उसकी सही दिशा भी जान लें। जानिए कूलर को किस दिशा में रखना शुभ माना जाता है। ...और पढ़ें

कूलर रखते वक्त किन बातों का ध्यान रखें? (AI-Generated Image)
HighLights
कूलर में जल और वायु तत्व का मेल माना जाता है
उत्तर-पश्चिम दिशा कूलर के लिए सबसे शुभ मानी जाती है
वास्तु में उत्तर और पूर्व दिशा भी अच्छे विकल्प माने गए हैं
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। गर्मी का मौसम आते ही ज्यादातर घरों में एयर कूलर का इस्तेमाल बढ़ जाता है। कूलर कम खर्च में अच्छी ठंडक देता है, इसलिए यह आज भी लोगों की पहली पसंद बना हुआ है। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि वास्तु शास्त्र में कूलर की दिशा को भी महत्वपूर्ण माना गया है? मान्यता है कि कूलर में जल और वायु दोनों तत्व मौजूद होते हैं, इसलिए इसे सही स्थान पर रखने से घर का वातावरण सकारात्मक बना रह सकता है।
हालांकि, ये बातें वास्तु मान्यताओं पर आधारित हैं, लेकिन कई लोग घर में सुख-शांति और सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने के लिए इन नियमों का पालन करते हैं।
उत्तर-पश्चिम दिशा मानी जाती है सबसे शुभ
वास्तु शास्त्र के अनुसार, कूलर रखने के लिए उत्तर-पश्चिम दिशा यानी वायव्य कोण सबसे अच्छी मानी जाती है। यह दिशा वायु तत्व से जुड़ी मानी जाती है। कहा जाता है कि यहां कूलर रखने से घर में ऊर्जा का संतुलन बना रहता है और परिवार के सदस्यों को नए अवसर मिल सकते हैं। साथ ही, ठंडी हवा का प्रवाह भी बेहतर तरीके से होता है।
उत्तर दिशा भी शुभ मानी जाती है
उत्तर दिशा का संबंध धन के देवता कुबेर और जल तत्व से जोड़ा जाता है। चूंकि, कूलर पानी की सहायता से ठंडी हवा देता है, इसलिए इसे उत्तर दिशा में रखना भी शुभ माना गया है। वास्तु मान्यताओं के अनुसार, इससे आर्थिक स्थिरता और सकारात्मकता बढ़ सकती है।
पूर्व दिशा भी है अच्छा ऑप्शन
अगर किसी कारण से उत्तर या उत्तर-पश्चिम दिशा में कूलर रखना संभव नहीं है, तो पूर्व दिशा का चुनाव किया जा सकता है। यह दिशा सूर्य और नई ऊर्जा का प्रतीक मानी जाती है। मान्यता है कि यहां कूलर रखने से घर में सकारात्मक माहौल बना रहता है और स्वास्थ्य पर भी अच्छा प्रभाव पड़ता है।
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दक्षिण-पूर्व दिशा में न रखें कूलर
वास्तु शास्त्र में दक्षिण-पूर्व दिशा को अग्नि तत्व की दिशा माना गया है। इसलिए इस स्थान पर कूलर रखने की सलाह नहीं दी जाती। मान्यता है कि जल और अग्नि तत्व का टकराव घर में तनाव, मतभेद और असंतुलन पैदा कर सकता है।
कूलर से जुड़े इन नियमों का भी रखें ध्यान
वास्तु के अनुसार, कूलर को हमेशा साफ-सुथरा रखना चाहिए। लंबे समय तक गंदा या खराब कूलर घर में नहीं रखना चाहिए। इसके अलावा कूलर का पानी समय-समय पर बदलते रहना जरूरी माना जाता है। रुका हुआ और गंदा पानी न केवल स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है, बल्कि वास्तु में भी इसे शुभ नहीं माना गया है।
ध्यान रखें कि वास्तु के ये नियम पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित हैं। इन्हें वैज्ञानिक तथ्य नहीं माना जाता, लेकिन बहुत से लोग इन्हें सकारात्मक जीवनशैली का हिस्सा मानते हैं।
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