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    कैलेंडर की सही दिशा बदल सकती है आपकी लाइफ, जानें वास्तु शास्त्र के ये 5 अचूक नियम

    Updated: Tue, 06 Jan 2026 11:36 AM (IST)

    समय की कद्र करने वालों पर ही समय मेहरबान होता है। कैलेंडर को सही दिशा में लगाकर आप न केवल अपने घर के वास्तु दोष को ठीक कर सकते हैं, बल्कि अपनी ऊर्जा औ ...और पढ़ें

    कहां लगाएं कैलेंडर (Image Source: AI-Generated)

    कहां लगाएं कैलेंडर (Image Source: AI-Generated)

    HighLights

    1. नया साल शुरू होते ही पुराने कैलेंडर को घर से हटा देना चाहिए

    2. कैलेंडर पर बने चित्र आपके अवचेतन मन पर गहरा प्रभाव डालते हैं

    3. दरवाजे के पीछे कैलेंडर को नहीं टांगना चाहिए

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। वास्तु शास्त्र में घर की हर छोटी-बड़ी वस्तु की एक निश्चित दिशा और ऊर्जा बताई गई है। कैलेंडर हर घर में होता है। लेकिन, अक्सर हम कैलेंडर को खाली दीवार देखकर कहीं भी टांग देते हैं। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि कैलेंडर केवल तारीखें देखने का जरिया नहीं है। बल्कि, यह आपके समय और प्रगति का प्रतीक है? कैलेंडर आपके जीवन पर काफी हद तक असर डालता है।

    गलत दिशा में लगा कैलेंडर न केवल आपकी तरक्की को रोक सकता है, बल्कि घर में तनाव और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां भी ला सकता है। आइए जानते हैं कैलेंडर से जुड़े वास्तु के वो 5 नियम जो आपकी किस्मत बदल सकते हैं।

    1. दक्षिण दिशा है पूरी तरह वर्जित

    वास्तु शास्त्र के अनुसार, कैलेंडर को कभी भी दक्षिण दिशा (South) में नहीं लगाना चाहिए। दक्षिण दिशा को 'ठहराव' की दिशा माना जाता है और इसके स्वामी यमराज हैं। अगर, आप यहां कैलेंडर लगाते हैं, तो यह आपके परिवार के सदस्यों की प्रगति में बाधा उत्पन्न करने का काम करता है। इससे समय आपके पक्ष में नहीं रहता और घर के मुखिया के स्वास्थ्य पर भी गहरा असर पड़ सकता है।

    2. तरक्की के द्वार खोलती हैं ये दिशाएं

    पूर्व दिशा (East): पूर्व दिशा के स्वामी सूर्य हैं, जो उदय और प्रगति के प्रतीक हैं। यहां कैलेंडर लगाने से जीवन में नए अवसर मिलते हैं और मान-सम्मान बढ़ता है। लाल या गुलाबी रंग के कैलेंडर यहाँ शुभ होते हैं।

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    उत्तर दिशा (North): यह दिशा कुबेर देव की है। यहाँ कैलेंडर लगाने से धन लाभ और करियर में उन्नति होती है। उत्तर में हरे या नीले रंग के कैलेंडर का प्रयोग करना बेहतर होता है।

    पश्चिम दिशा (West): अगर आप अपने रुके हुए कामों को गति देना चाहते हैं, तो पश्चिम दिशा में कैलेंडर लगाना लाभप्रद होता है।

    3. मुख्य दरवाजे और दरवाजे के पीछे न लगाएं

    अक्सर जगह बचाने के लिए लोग कैलेंडर को दरवाजे के पीछे टांग देते हैं। वास्तु के अनुसार, यह एक गंभीर दोष माना जाता है। दरवाजे के पीछे कैलेंडर होने का मतलब है कि आप समय से पीछे चल रहे हैं। इसी तरह, मुख्य द्वार के सामने भी कैलेंडर नहीं होना चाहिए। क्योंकि, वहां से गुजरने वाली ऊर्जा समय चक्र से प्रभावित होकर घर में तनाव पैदा कर सकती है।

    Calender Direction

    (Image Source: AI-Generated)

    4. पुराने कैलेंडर को तुरंत हटाएं

    नया साल शुरू होते ही पुराने कैलेंडर को घर से विदा कर देना चाहिए। कई लोग पुराने कैलेंडर के ऊपर ही नया कैलेंडर टांग देते हैं या पिछले साल का कैलेंडर दीवार पर लगा रहने देते हैं। वास्तु में इसे 'रुका हुआ समय' माना जाता है, जो आपकी पुरानी यादों और असफलताओं को वर्तमान से जोड़े रखता है और भविष्य के रास्ते बंद कर देता है।

    5. चित्रों का चुनाव सोच-समझकर करें

    कैलेंडर पर बने चित्र आपके अवचेतन मन पर गहरा प्रभाव डालते हैं। कभी भी ऐसे कैलेंडर का प्रयोग न करें जिसमें हिंसक जानवर, युद्ध के दृश्य, पतझड़ या उदास करने वाले चित्र हों। घर में हमेशा उगते हुए सूरज, हरियाली, देवी-देवता या सकारात्मक दृश्यों वाले कैलेंडर ही लगाएं।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।