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    कंगाल को भी करोड़पति बना देता है नया घर, बस खरीदते समय ध्यान रखें ये वास्तु नियम

    Updated: Mon, 22 Jun 2026 10:08 AM (IST)

    नया घर खरीदते समय वास्तु शास्त्र के नियमों का पालन करना महत्वपूर्ण है ताकि घर में सुख-शांति और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहे। गलत वास्तु दिशाओं से नकारात्मक ...और पढ़ें

    नया मकान चमका देगा आपकी किस्मत (Picture Credit- AI Generated)

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    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। आज के समय लोगों का घर खरीदने का एक बड़ा सपना होता है। इसके लिए लोग जीवन में अधिक मेहनत करते हैं, जिससे आसानी से अपने सपने को पूरा कर सकें। जब सपना पूरा हो जाता है, तो लोगों की चाहत होती है कि घर में सदैव सुख, शांति बने रहे है, लेकिन कई बार देखने को मिलता है कि नए घर में भी नकारात्मक ऊर्जा का वास होता है।

    इसका प्रभाव सुख, शांति, स्वास्थ्य और आर्थिक स्थिति पर पड़ता है। इसलिए कहा जाता है कि नए घर को लेते समय वास्तु शास्त्र के नियम के बारे में जरूर जान लें। वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में वास्तु दोष और नकारात्मक ऊर्जा होने से घर के सदस्यों को जीवन में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में आइए इस आर्टिकल में आपको विस्तार से बताते हैं कि नया घर लेते समय वास्तु शास्त्र से जुड़ी किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

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    मुख्य द्वार की दिशा और बनावट

    वास्तु शास्त्र के अनुसार, उत्तर, पूर्व या उत्तर-पूर्व दिशा को घर के मुख्य द्वार के लिए शुभ मानी जाती है। इस दिशा में घर का मुख्य द्वार होने से सकारात्मक ऊर्जा का आगमन होता है, क्योंकि यह दिशाएं घर में अवसरों को आमंत्रित करती हैं। एक बात का ध्यान रखें कि घर का मुख्य दरवाजा हमेशा अंदर की ओर खुलना चाहिए।

    रसोई- रसोई के लिए दक्षिण-पूर्व दिशा को शुभ माना जाता है। इसे आग्नेय कोण भी कहा जाता है। यह अग्नि का स्थान माना जाता है।

    बालकनी- वास्तु शास्त्र के अनुसार, बालकनी के लिए पूर्व, उत्तर या उत्तर-पूर्व दिशा को दिशा उत्तम माना जाता है। इस दिशा में बालकनी होने से मानसिक शांति और आर्थिक स्थिति में वृद्धि में वृद्धि होती है।

    मंदिर- मंदिर के लिए उत्तर-पूर्व दिशा को पवित्र माना जाता है। इस दिशा में मंदिर होने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है और भक्त को पूजा का पूर्ण फल प्राप्त होता है। गलत दिशा में मंदिर होने से जीवन में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

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    बाथरूम- घर की पश्चिम या उत्तर-पश्चिम में दिशा में बाथरूम होना चाहिए, क्योंकि यह दिशा नकारात्मक ऊर्जा को बाहर निकालने के लिए सबसे अच्छी मानी जाती है।

    सीढ़ियां- नया घर लेते समय ध्यान रखें कि सीढ़ियां दक्षिण-पश्चिम दिशा में हो। गलत दिशा में सीढ़ियां होने से घर में नकारात्मक ऊर्जा का वास होता है।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।