मास्टर बेडरूम के लिए कौन सी दिशा सबसे शुभ? अनजाने में की गई एक गलती छीन सकती है आपका सुकून
वास्तु शास्त्र के अनुसार, मास्टर बेडरूम की दिशा आपकी किस्मत बदल सकती है। जानें क्यों उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) में बेडरूम बनाना पड़ता है भारी। ...और पढ़ें

मास्टर बेडरूम से जुड़े वास्तु नियम (AI-Generated Image)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। वास्तु शास्त्र में घर की दिशाएं केवल दीवारों का कोना नहीं होतीं, बल्कि वे आपके जीवन की ऊर्जा, स्वास्थ्य और आर्थिक स्थिति को भी तय करती हैं। घर का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होता है 'मास्टर बेडरूम'।
अगर यह सही दिशा में न हो, तो परिवार के मुखिया को मानसिक तनाव, स्वास्थ्य और धन संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। आइए जानते हैं वास्तु के अनुसार मास्टर बेडरूम के लिए कौन सी दिशा वरदान है और कौन सी दिशा नुकसानदेह।
भूलकर भी उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) में न बनाएं बेडरूम
वास्तु शास्त्र में उत्तर-पूर्व दिशा को 'ईशान कोण' कहा जाता है। यह दिशा जल तत्व और आध्यात्मिक ऊर्जा की मानी गई है। इसे घर का सबसे पवित्र स्थान माना जाता है, इसलिए यहां केवल पूजा घर, ध्यान कक्ष या बच्चों का पढ़ाई का कमरा होना चाहिए।
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वास्तु कहता है कि इस दिशा में मास्टर बेडरूम होने से घर की सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह में बाधा आती है। इससे घर के मुखिया को तरक्की में रुकावटें और स्वास्थ्य संबंधी गंभीर परेशानियां हो सकती हैं। कमाई करने वाले व्यक्ति के लिए इस दिशा में सोना उनकी प्रगति को रोक सकता है।
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मास्टर बेडरूम के लिए सबसे सही दिशा
अगर आप नया घर बना रहे हैं या कमरा शिफ्ट करने की सोच रहे हैं, तो दक्षिण-पश्चिम (नैऋत्य कोण) दिशा मास्टर बेडरूम के लिए सबसे शुभ मानी जाती है।
स्थिरता: यह दिशा पृथ्वी तत्व की है, जो जीवन और करियर में स्थिरता (Stability) लाती है।
रिश्ते: इस दिशा में बेडरूम होने से पति-पत्नी के रिश्तों में मधुरता बनी रहती है और आपसी तालमेल बढ़ता है।
सुख-समृद्धि: दक्षिण-पश्चिम में बेडरूम होने से घर में धन का संचय बढ़ता है और मुखिया का स्वास्थ्य बेहतर रहता है।
क्या उत्तर-पूर्व कभी शुभ हो सकता है?
कुछ विशेष परिस्थितियों में उत्तर-पूर्व दिशा का बेडरूम सकारात्मक फल भी दे सकता है, खासकर तब जब घर के उत्तर या पूर्व में काफी खुली जगह हो। हालांकि, वास्तु के सामान्य नियम यही कहते हैं कि परिवार के मुख्य सदस्य को इस दिशा में सोने से बचना चाहिए।
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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें।