टूटी और पुरानी चूड़ियों का क्या करें? सुहागन महिलाओं को ध्यान रखने चाहिए ये वास्तु नियम
वास्तु शास्त्र के अनुसार टूटी और पुरानी चूड़ियां घर में नकारात्मकता लाती हैं। सुहागन महिलाओं को इन्हें संभालकर रखना चाहिए। ...और पढ़ें

विवाहित महिलाएं को पुरानी और टूटी चूड़ियों का क्या करें? (Picture Credit- AI Generated)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। यह सवाल अक्सर विवाहित महिलाओं के मन में उठता होगा कि आखिर पुरानी और टूटी हुई चूड़ियों का क्या करें। अमूमन महिलाएं अपनी पहनी हुई चूड़ियों को जब मन भर जाता है, तो किसी और को दे देती हैं, वहीं कुछ महिलाएं इसे फेंक देती हैं। लेकिन वास्तु के हिसाब से यह दोनों ही तरीके सही नहीं हैं।
चूड़ियां सुहाग का सामान होती हैं और इन्हें मन भर जाने या इनके टूटने, खराब होने पर वास्तु के हिसाब से विसर्जित करने की बात बताई गई है। चलिए हम आपको पुरानी और टूटी हुई चूड़ियों से जुड़ी कुछ जरूरी बातें बताते हैं।
चिटकी हुई चूड़ी न पहनें
अगर आपके चूड़ियों के सेट में कोई चूड़ी टूट गई है, तो उसे तुरंत सेट से हटा दें। इस तरह की चूड़ियों को पहनने से रिश्तों पर असर पड़ता है। टूटी चूड़ियां जीवन में नकारात्मकता लेकर आती हैं। यह रिश्ते में बेवजह तनाव पैदा करती हैं।
टूटी चूड़ियों का विसर्जन
अगर चूड़ियां टूट गई हैं या फिर पुरानी हो गई हैं और आप उन्हें पहनना नहीं चाहते हैं, तो फेंकने की जगह उनका विसर्जन कर दें। विसर्जन करने के लिए आप उन्हें एक कागज में लपेटें और फिर मिट्टी में गाड़ दें या फिर उसे किसी पेड़ के नीचे रख दें।
बिखेरकर न रखें
बहुत सी महिलाओं में आदत होती है कि वे अपनी पुरानी और टूटी हुई चूड़ियों को बच्चों को खेलने के लिए दे देती हैं, बच्चे इन्हें बिखेर देते हैं। वास्तु के हिसाब से चूड़ियों का बिखरना रिश्तों का बिखरना माना जाता है। इसलिए अपनी पहनी हुई चूड़ियों को कभी भी खेलने के लिए बच्चों को न दें।
बना लें सजावट का सामान
अगर आपके पास ढेर सारी पुरानी और टूटी हुई चूड़ियां इकट्ठा हो गई हैं और आपका मन उन्हें फेंकने का नहीं करता है, तो आप उनका इस्तेमाल घर का ही कोई सजावट का सामान बनाने में कर सकती हैं। इससे चूड़ियों से जुड़ी आपकी यादें घर में ही रह जाएंगी।
अतः अपनी चूड़ियों को किसी को देने की जगह या तो विसर्जित कर दें या फिर कोई सजावट का सामान बनाकर उसे हमेशा के लिए अपनी यादों का हिस्सा बना लें।
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