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पूजा में एक दीये से क्यों नहीं जलाते दूसरा दीपक? यहां पढ़ें इसके पीछे का गहरा रहस्य 

Updated: Tue, 18 Aug 2026 04:40 PM (IST)

हिंदू धर्म में पूजा के दौरान एक दीपक से दूसरे दीपक को जलाना वर्जित माना गया है। ऐसा करने से ...और पढ़ें

भूलकर भी न करें दीपक से जुड़ी ये गलती (AI-Generated Image)

भूलकर भी न करें दीपक से जुड़ी ये गलती (AI-Generated Image)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में पूजा-पाठ और मांगलिक कार्यों में दीपक जलाने का विशेष महत्व है। दीपक के बिना कोई भी पूजा, आरती या अनुष्ठान पूर्ण नहीं माना जाता है। इसलिए दीपक जरूर जलाना चाहिए। धार्मिक मान्यता के अनुसार, पूजा के दौरान दीपक जलाने से घर का वातावरण शुद्ध होता है और नकारात्मकता का नाश होता है।

दीपक की लौ से भक्त का मन शांत होता है। दीपक जलाते समय शास्त्रों में बताई गई बातों का ध्यान रखना चाहिए, जिससे पूजा सफल होती है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, पूजा करते समय एक दीपक से दूसरे दीपक को भूलकर भी नहीं जलाना चाहिए। अब आपके मन में सवाल आ रहा होगा कि आखिर ऐसा करने से क्यों मना किया जाता है? आइए इस आर्टिकल में इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।

एक दीपक से दूसरा दीपक क्यों नहीं जलाना चाहिए?

जूठे भोजन के समान अशुद्ध- मंदिर में जो दीपक पहले से जल रहा होता है, वह किसी देवी-देवता के नाम का होता है। अगर उस दीपक से किसी दूसरे दीपक को जलाते हैं, तो इसे जूठे भोजन के समान अशुद्ध माना जाता है। इसी वजह से वास्तु शास्त्र के अनुसार, एक देवता को अर्पित की गई अग्नि दूसरे देवता को अर्पित नहीं की जानी चाहिए। पूजा के दौरान यह गलती भूलकर भी नहीं करनी चाहिए।

कर्ज की समस्या- एक दीपक से दूसरे दीपक को जलाने से व्यक्ति को जीवन में भारी कर्ज की समस्या का सामना करना पड़ सकता है और तिजोरी में धन नहीं टिकता है।

पूजा का सफल न होना- ऐसा माना जाता है कि जो लोग दीपक को पहले से जल रहे दीपक से जलाते हैं, तो उनकी पूजा कभी सफल नहीं होती और उन्हें देवी-देवताओं की कृपा प्राप्त नहीं होती है। इसलिए पूजा करते समय दीपक को हमेशा माचिस से ही जलाना चाहिए।

नकारात्मक ऊर्जा का वास- वास्तु शास्त्र के अनुसार, जब एक जलते हुए दीपक से दूसरा दीपक जलाया जाता है, तो घर में नकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इसका बुरा प्रभाव परिवार के सभी सदस्यों पर पड़ता है, क्योंकि दीपक को दूसरे दीपक को जलाने पर उस दीपक की लौ में भी नकारात्मकता चली जाती है।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें।