सकारात्मक ऊर्जा और तरक्की के लिए घर में कहां और कैसे टांगें विंड चाइम?
विंड चाइम घर की सजावट के साथ-साथ सकारात्मक माहौल बनाने का भी एक लोकप्रिय माध्यम है। चलिए जानते हैं इसे कहां और किस दिशा में लगाना शुभ माना गया है। ...और पढ़ें

नकारात्मक ऊर्जा खत्म करने के लिए लगाएं विंड चाइम (AI-Generated Image)
HighLights
विंड चाइम लगाने के वास्तु में कुछ नियम बताए गए हैं
बेडरूम में विंड चाइम लगाने से बचना चाहिए
घर के मुख्य प्रवेश द्वार के पास विंड चाइम लगाना शुभ माना गया है
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। विंड चाइम (Wind Chime) केवल घर की सजावट का सामान नहीं है, बल्कि वास्तुशास्त्र और फेंगशुई में इसे सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करने वाला महत्वपूर्ण उपाय माना जाता है। इसकी मधुर ध्वनि वातावरण में शांति और सुखदता का एहसास कराती है। लेकिन, इसे गलत स्थान पर लगाया जाए तो इसका प्रभाव कम हो सकता है। आइए जानते हैं कि घर में विंड चाइम लगाने के लिए कौन-सी जगह सबसे बेस्ट होती है।
उत्तर और पूर्व दिशा में लगाना शुभ
वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर की उत्तर और पूर्व दिशा विंड चाइम लगाने के लिए सबसे शुभ मानी जाती है। इन दिशाओं को सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश द्वार माना जाता है। यहां विंड चाइम लगाने से घर में सुख, शांति और आर्थिक उन्नति का वातावरण बनता है। अगर आपके घर में खिड़की या बालकनी पूर्व दिशा में है, तो वहां विंड चाइम लगाना फायदेमंद माना जाता है।
मुख्य द्वार के पास लगा सकते हैं
घर के मुख्य प्रवेश द्वार के पास भी विंड चाइम लगाया जा सकता है। माना जाता है कि इसकी मधुर आवाज नकारात्मक ऊर्जा को दूर रखती है और सकारात्मक ऊर्जा (Positive Energy) को घर के भीतर आने में सहायता करती है। हालांकि, ध्यान रखें कि विंड चाइम ऐसी जगह हो जहां हवा का हल्का प्रवाह बना रहे, ताकि उसकी ध्वनि स्वाभाविक रूप से सुनाई दे।
बालकनी और खिड़कियों के पास
बालकनी, बरामदे या खिड़कियों के पास विंड चाइम लगाने से इसकी मधुर ध्वनि पूरे घर में फैलती है। इससे वातावरण अधिक शांत और आनंददायक महसूस होता है। साथ ही, यह घर की सुंदरता को भी बढ़ाता है।
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बेडरूम में लगाने से बचें
वास्तु शास्त्र के अनुसार, बेडरूम में विंड चाइम लगाने से बचना चाहिए। इसकी लगातार होने वाली ध्वनि कुछ लोगों की नींद और मानसिक शांति को प्रभावित कर सकती है। इसलिए, इसे ऐसे स्थान पर लगाना बेहतर होता है जहां परिवार के सदस्य दिन के समय अधिक समय बिताते हों।
धातु और लकड़ी के विंड चाइम का चयन
वास्तु में अलग-अलग दिशाओं के लिए अलग प्रकार के विंड चाइम सुझाए गए हैं। उत्तर-पश्चिम और पश्चिम दिशा में धातु (मेटल) के विंड चाइम शुभ माने जाते हैं, जबकि पूर्व और दक्षिण-पूर्व दिशा में लकड़ी से बने विंड चाइम लगाने की सलाह दी जाती है।
इन बातों का रखें खास ध्यान
टूटे-फूटे या खराब हो चुके विंड चाइम का उपयोग नहीं करना चाहिए। अगर विंड चाइम टूट हो जाए तो उसे बदल देना बेहतर माना जाता है। साथ ही, इसे हमेशा साफ-सुथरा रखें, ताकि इसकी आवाज मधुर बनी रहे और घर का वातावरण सकारात्मक महसूस हो।
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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें।