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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 27, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    वॉट्सऐप यूजर्स हो जाएं सावधान, गूगल ड्राइव पर स्टोर किया डाटा हो सकता है लीक

    By Shilpa SrivastavaEdited By:
    Updated: Tue, 28 Aug 2018 07:24 AM (IST)

    वॉट्सऐप ने कहा है कि अगर यूजर्स गूगल ड्राइव पर डाटा बैकअप रखते हैं तो गूगल लॉ एनफोर्समेंट एजेंसीज को मांगे जाने पर डाटा उपलब्ध करा सकती है ...और पढ़ें

    वॉट्सऐप यूजर्स हो जाएं सावधान, गूगल ड्राइव पर स्टोर किया डाटा हो सकता है लीक
    वॉट्सऐप यूजर्स हो जाएं सावधान, गूगल ड्राइव पर स्टोर किया डाटा हो सकता है लीक

    नई दिल्ली (टेक डेस्क)। वॉट्सऐप यूजर्स अगर अपना डाटा बैकअप गूगल ड्राइव पर रखते हैं तो उनका डाटा एनक्रिप्टेड नहीं होगा। इस बात की जानकारी वॉट्सऐप ने खुद दी है। वॉट्सऐप डाटा तब तक ही एनक्रिप्टेड होगा जब तक वो ऐप पर सेव रहेगा। वॉट्सऐप ने बताया है कि उसने गूगल के साथ साझेदारी की थी जिसके तहत वॉट्सऐप मैसेजेज और मीडिया को गूगल ड्राइव पर रखा जा सकेगा। अभी यूजर्स का डाटा गूगल सर्वर पर रखा जा सकता है। इसके लिए गूगल ड्राइव पर फिलहाल 15 जीबी की फ्री स्टोरेज उपलब्ध कराई गई है। वॉट्सऐप ने वर्ष 2017 में भी यूजर्स को बताया था कि गूगल ड्राइव पर स्टोर किए गए मैसेजेज और मीडिया कंटेंट एनक्रिप्टेड नहीं होते हैं।

    वॉट्सऐप यूजर के पास है विकल्प:

    एक स्वतंत्र सिक्योरिटी रिसर्चर्र साईं कृष्णन कोटापल्ली ने कहा है कि वॉट्सऐप यूजर के पास यह चुनाव करने की आजादी है कि वो अपने डाटा को गगूल ड्राइव पर सेव करना चाहता है या ऐप पर। गूगल ड्राइव पर डाटा सेव करना केवल एक फीचर है। अगर यूजर गूगल पर भरोसा करते हैं तो वो गूगल ड्राइव पर अपना डाटा सेव कर सकते हैं। इसी के साथ साईं कृष्णन कोटापल्ली ने यह भी बताया कि अगर लॉ एनफोर्समेंट एजेंसीज गूगल से यूजर डाटा मांगती हैं तो उन्हें डाटा एंजेंसियों को उपलब्ध कराना पड़ता है।

    हालांकि, वॉट्सऐप के एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन पर भी कई सवाल किए जा रहे हैं। मोदी सरकार ने वॉट्सऐप से भारत में फेक न्यूज रोकने के लिए एक कंपनी बनाने को कहा गया है। साथ ही किसी भी फेक मैसेज को फैलाने वाले ओरिजनल सोर्स का पता लगाने को भी कहा गया है। इसके अलावा रविशंकर ने कहा कि किसी भी मैसेज का सोर्स पता लगाना कोई रॉकेट साइंस नहीं है। बस वॉट्सऐप के पास इसका पता लगाने के लिए एक मैकेनिज्म होना चाहिए। लेकिन वॉट्सऐप ने सरकार की इस मांग क मानने से इनकार कर दिया है। वॉट्सऐप ने कहा है कि वो यूजर के डाटा को एक्सेस नहीं कर सकती है क्योंकि ये एंड-टू-एंड एनक्रिप्टेड होते हैं।

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