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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 09, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Twitter पर ट्रोल करना पड़ सकता है भारी, सस्पेंड हुए 7 करोड़ अकाउंट्स

    By Harshit HarshEdited By:
    Updated: Mon, 09 Jul 2018 05:46 PM (GMT+05:30)

    सोशल मीडिया साइट ट्विटर ने अफवाहों और ट्रोल को रोकने के लिए 7 करोड़ फर्जी अकाउंट्स सस्पेंड किए ...और पढ़ें

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    नई दिल्ली (टेक डेस्क)। सोशल मीडिया साइट ट्विटर ने 7 करोड़ यूजर्स के अकाउंट सस्पेंड कर दिए हैं। कंपनी के ट्रस्ट और सेफ्टी वाइस प्रेसिडेंड डेल हार्वे और प्लेटफॉर्म पॉलिसी के अधिकारी योल रोथ ने इस बात की जानकारी ब्लॉग पोस्ट के जरिए दी। ब्लॉग पोस्ट के मुताबिक कंपनी ने ट्विटर के जरिए अब्यूज और ट्रोल पर लगाम लगाने के लिए जंग की शुरुआत कर दी है। इसके लिए हम नई तकनीक पर काम कर रहे हैं। साथ ही, पॉलिसी में बदलाव करके भड़काउ कंटेंट और ट्विट्स को भी मॉनिटर किया जा रहा है। हालांकि, अभी काफी काम करना बाकी है। हमारी कोशिश यह रहेगी की ट्विटर जैसे प्लेटफॉर्म पर फर्जी अकाउंट, अफवाहों और ट्रोल को बढ़ावा न मिले।
     
     
    हर सप्ताह 1 करोड़ फर्जी अकाउंट किए जाते हैं रिपोर्ट
     
    इस ब्लॉग पोस्ट के मुताबिक कंपनी के सिस्टम में प्रतिदिन 9.9 मिलियन (यानी की करीब 1 करोड़) फर्जी और ऑटोमेटेड अकाउंट रजिस्टर होते हैं। जो कि पिछले साल दिसंबर के 6.4 मिलियन एवं सितंबर 2017 के 3.2 मिलियन से काफी ज्यादा हैं। ब्लॉग पोस्ट के मुताबिक कंपनी ने बताया कि पिछले साल से तकनीक और प्रोसेस इंप्रूवमेंट की वजह से हम 214 फीसद से ज्यादा फर्जी अकाउंट को हर साल हटा रहे हैं। यह आंकड़ा साल-दर-साल और भी बढ़ सकता है। वहीं, इस साल मार्च में हमारे सिस्टम में 17 हजार अकाउंट्स प्रतिदिन रिपोर्ट किए गए, जो फरवरी 2018 (25,000 अकाउंट प्रतिदिन) के मुकाबले कम हैं। इसके अलावा नए बदलाव के बाद स्पैम अकाउंट की संख्या में 10 फीसद की कमी देखी गई है।
     
    (स्त्रोत- ट्विटर ब्लॉग)
     
    बढ़ते दबाव की वजह से कंपनी ने उठाया कदम
     
    अमेरिकी मीडिया और दुनियाभर में आलोचना झेलने और बढ़ते दबाव की वजह से कंपनी ने अपनी पॉलिसी में बदलाव करके फर्जी अकाउंट्स और ट्रोल पर लगाम लगाने की शुरुआत की है। इससे पहले ही ट्विटर की पैरेंट कंपनी फेसबुक और सिस्टर कंपनी व्हाट्सएप ने भी अफवाहों को रोकने के लिए कदम उठाया है। फेसबुक डाटा लीक विवाद के बाद से तमाम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लोगों के निशाने पर आ गए, जिसकी वजह से अफवाहों और ट्रोल के अलावा फर्जी अकाउंट्स के लिए नियमों में बदलाव किया गया है।