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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 04, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    क्या होते हैं Spyware Infected Apps? हैकर के पास कैसे पहुंचती है यूजर की प्राइवेट और बैंकिंग जानकारियां

    By Shivani KotnalaEdited By: Shivani Kotnala
    Updated: Sun, 04 Jun 2023 08:59 AM (IST)

    हाल ही में एक रिपोर्ट में सामने आया था कि प्ले स्टोर पर करीब 100 से ज्यादा ऐप्स ऐसे पाए गए हैं जो पॉपुलर हैं और यूजर की जानकारियों को चुराने का काम कर ...और पढ़ें

    What is spyware infected apps how it works
    What is spyware infected apps how it works

    नई दिल्ली, टेक डेस्क। स्मार्टफोन का इस्तेमाल ऐप्स के बिना अधूरा है। हर दूसरा यूजर अपनी जरूरत और सुविधा को ध्यान में रखकर डिवाइस में प्ले स्टोर से ऐप डाउनलोड करता है। स्मार्टफोन यूजर की जरूरत का फायदा उठा कर ही कई बार हैकर्स कुछ ऐसे ऐप्स को डिजाइन करते हैं जो काम के लगते तो हैं, लेकिन असल में यूजर की जानकारियों को चुराने का काम करते हैं।

    अगर आप भी प्ले स्टोर से ऐप्स डाउनलोड करते हैं तो ये जानकारी आपके काम की हो सकती है। दरअसल हाल ही में प्ले स्टोर पर स्पाईवेयर- इनफेक्टेड ऐप्स की पहचान हुई थी। स्पाईवेयर- इनफेक्टेड ऐप्स क्या होती हैं और कैसे काम करती हैं, इस आर्टिकल में बता रहे हैं-

    क्या है स्पाईवेयर- इनफेक्टेड ऐप्स?

    ये वे ऐप्स होते हैं जो यूजर की जरूरत के लिए डिजाइन किए जाते हैं, लेकिन कुछ समय बाद यूजर की जानकारियों को चुराने के इरादे से इन्हें इन्फैक्टेड किया जाता है।

    दिल्ली पुलिस के साइबर सेल में काम करने वाले रामेश्वर रावत कहते हैं...

    यूजर के फोन में मौजूद ऐप्स हैकर्स को यूजर की जानकारियों तक पहुंचने का जरिया बन जाते हैं। इतना ही नहीं, इनफेक्टेड ऐप्स यूजर के डिवाइस में यूजर की प्राइवेट और बैंकिंग जानकारियों को चुराने और यूजर के डिवाइस का एक्सेस दूर बैठे हैकर को देते हैं।

    किन ऐप्स को बनाते हैं हैकर निशाना?

    हैकर अक्सर उन्हीं ऐप्स को चुनते हैं, जिनका इस्तेमाल सबसे ज्यादा किया जाता है। हाल ही के मामले में SpinOk नाम के स्पाईवेयर मॉड्यूल की पहचान हुई थी। इन स्पाईवेयर को करीब 110 ऐप्स में जोड़ा गया था। ये वे ऐप्स थे जो गेमिंग से जुड़े थे। इन ऐप्स को प्ले स्टोर से 421,290,300 से ज्यादा बार डाउनलोड भी किया जा चुका था

    स्पाईवेयर- इनफेक्टेड ऐप्स कैसे करते हैं काम

    स्पाईवेयर की मदद से दूर बैठे हैकर को डिवाइस का एक्सेस मिल जाता है, जिसके बाद हैकर डिवाइस में कुछ फाइल्स को अपलोड करने और सर्च करने का काम कर सकते हैं।

    इसके अलावा, यूजर के डिवाइस से कुछ जानकारियों को कॉपी कर कंटेंट को रिप्लेस किया जा सकता है।

    बचने के लिए क्या तरीका आता है काम?

    स्पाईवेयर- इनफेक्टेड ऐप्स से बचने के लिए लिए ऐप को तुंरत अपडेट करने की जरूरत होती है। किसी स्थिति में अगर ऐप प्ले स्टोर पर नहीं मिलता है तो इसे डिवाइस से अनइंस्टॉल करना ही समाधान बनता है। इसके अलावा, स्पाईवेयर डिटेक्ट करने के लिए स्मार्टफोन को एंटीवायरस से स्कैन किया जा सकता है।

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