यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 17, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
भूकंप डिटेक्टर बन जाएगा स्मार्टफोन, इस फीचर की मदद से पहले मिलेगा अलर्ट
Earthquake safety alerts एंड्रॉइड का Earthquake alerts फीचर स्मार्टफोन में भूकंप के झटकों का पता लगाकर यूजर्स को पहले से अलर्ट भेजता है। इसे एक्टिव कर ...और पढ़ें

टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली एनसीआर में सोमवार की सुबह काफी तेज भूकंप के झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के मुताबिक सोमवार सुबह 5:36 बजे दिल्ली-एनसीआर में 4.0 तीव्रता का भूकंप आया। अगर आपको भूकंप (Earthquake) से पहले ही उसकी जानकारी मिल जाए तो कैसा होगा? ऐसा हो सकता है वह भी आपके एंड्रॉइड स्मार्टफोन के जरिये। एंड्रॉइड पर एक ऐसा फीचर है जो भूकंप जैसी स्थिति में अलर्ट कर देता है।
कैसे यूज करें भूकंप अलर्ट फीचर
फोन में भूकंप का अलर्ट पाने के लिए एक फीचर को इनेबल करना होगा। अलर्ट पाने के लिए फोन में इंटरनेट कनेक्शन होना जरूरी है। साथ ही Earthquake alerts की लोकेशन को भी टर्न ऑन करना होगा। इस फीचर को कैसे इनेबल करते हैं। नीचे बताया गया है।
-फोन में Settings को ओपन करना है।
-Safety & emergency पर आना है।
-Earthquake alerts पर टैप करना है।
-इसके Earthquake alerts को टर्न ऑन करना होगा।
यहां आप अलर्ट का डेमो भी चेक कर सकते हैं। साथ ही यहां Earthquake Safety tips भी दिए गए हैं।
.jpg)
कैसे काम करता है फीचर
एंड्रॉइड का Earthquake alerts फीचर कई चीजों को मेजर करता है।
सेंसर्स का उपयोग- एंड्रॉइड फोन में एक अक्सेलरोमीटर और जाइरोस्कोप जैसे सेंसर्स होते हैं, जो जमीन के कंपन को मापने में मदद करते हैं। जब इन सेंसर्स द्वारा भूकंप के हल्के झटके महसूस होते हैं, तो स्मार्टफोन उस जानकारी को Google के सिस्टम में भेजता है।
क्लाउड-बेस्ड डेटा प्रोसेसिंग- Google का सिस्टम इन डेटा को तुरंत प्रोसेस करता है और भूकंप के आकार और स्थान का अनुमान लगाता है। इसके बाद यूजर्स को अलर्ट भेजा जाता है।
स्मार्टफोन के नेटवर्क का यूज- भूकंप का पता चलने के बाद Android फोन के माध्यम से Google की सर्विस नेटवर्क का इस्तेमाल करते हुए यह चेतावनी तुरंत लोकल यूजर्स तक पहुंचती है।

सिस्टम की सटीकता पर सवाल
Google की मानें तो भूकंप अलर्ट सिस्टम बहुत सटीक है। यह छोटे-छोटे भूकंपों को भी पहचान सकता है, जो आमतौर पर महसूस नहीं होते। हालांकि, कई बार गूगल के इस फीचर पर सवाल भी खड़े हुए हैं।
खबरें और भी
ब्राजील में गूगल का यह फीचर एक्टिव नहीं है। इसको बंद करने के पीछे कहा गया कि यह फेक जानकारी देता है। जिससे लोग परेशान हो सकते हैं। वहीं, भारत की बात करें तो यह फीचर एंड्रॉइड यूजर्स के लिए लाइव है।