यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 11, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
दिवाली पर ऑनलाइन शॉपिंग में हो सकता है फ्रॉड, ज्यादा डिस्काउंट का लालच बुरी बला
दिवाली का मौका खरीदारों में जोश भर देता है। बाजार में नया सामान खरीदने के लिए लोगों का हुजूम उमड़ने लगने लगता है। ऑनलाइन शॉपिंग करने वाले भी इस मौके क ...और पढ़ें

HighLights
- दिवाली की ऑनलाइन शॉपिंग करते वक्त सतर्कता बरतना जरूरी
- लालच और बचत के चक्कर में हो सकता है फाइनेंशियल नुकसान
- फेक शॉपिंग ऐप और वेबसाइट की कैसे कर सकते हैं पहचान
टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली। दिवाली की रौनक बाजारों में दिखने लगी है। इस मौके को खास बनाने के लिए लोगों में भी नई-नई चीजें अपने घर लाने की होड़ मची है। इस दौरान कोई ऑफलाइन खरीदारी को तरजीह दे रहा है, तो अच्छी-खासी संख्या उनकी भी है जो ऑनलाइन शॉपिंग पर भरोसा कर रहे हैं। इन दिनों ईकॉमर्स साइट और ऐप सामान्य से ज्यादा डिस्काउंट देकर ग्राहकों को लुभा रहे हैं। वैसे तो ऑनलाइन शॉपिंग में हमें बहुत-सी सहुलियतें मिलती हैं, लेकिन स्कैम वगैरह का रिस्क भी बढ़ जाता है।
ऐसे में जरूरी है कि आप ऑनलाइन शॉपिंग करते वक्त कुछ जरूरी चीजों का ख्याल रखें। ताकि कोई आपको लालच का लाभ देकर चूना न लगा पाए। फाइनेंशियल नुकसान से खुद को सेफ रखने के लिए कुछ जरूरी चीजें चीजें हैं जो आपको जरूरी ध्यान रखनी चाहिए।
ऑनलाइन शॉपिंग में किस तरह का रिस्क
इस बात को कोई नहीं झुठला सकता कि ऑनलाइन शॉपिंग से हमारी जिंदगी पहले के मुकाबले आसान हो गई है। कुछ भी मंगाना हो 10 मिनट में डिलीवर हो जाता है। इसका एक दूसरा पहलू भी है फ्रॉड और साइबर ठगी का। जिसमें आए दिन लोग फाइनेंशियली अपना नुकसान करवा लेते हैं। खासकर फेस्टिव सीजन में तो ऐसे मामले खूब सुनते को मिलते हैं। इस समय ठग भोलेभाले लोगों से पैसे ऐंठने के लिए नए-नए तिकड़म अपनाते हैं। कहीं ज्यादा ऑफर्स का लालच देकर ग्राहकों को लुभाया जाता है तो कहीं 'बाय वन गेट वन फ्री' जैसी डील में लोगों को फंसाने की कोशिश होती है।

1. ऑनलाइन शॉपिंग में ठगी का रिस्क बना रहता है।
2. ठग ऑफर्स और ज्यादा छूट का लालच देते हैं।
3. बाय वन गेट वन फ्री जैसी डील भी खूब देखने को मिलती हैं।
4. कूपन और रिवार्ड में लोग फंस जाते हैं।
5. स्कैमर्स फेक वेबसाइट और ऐप के जरिये पैसे ऐंठने की फिराक में रहते हैं।
शॉपिंग के वक्त सतर्कता जरूरी
भले ही आप इस दिवाली 100 रुपये की शॉपिंग करें या फिर 1000 की। दोनों ही जगह आपको शॉपिंग के वक्त सतर्क रहना बहुत जरूरी है। इस दौरान ऐसे ऐप और वेबसाइट आपको गुमराह कर सकते हैं जो दिखने में तो असली की तरह होते है, लेकिन उनकी सच्चाई कुछ और ही होती है। इन फेक ईकॉमर्स प्लेटफॉर्म पर खूब सारा डिस्काउंट दिया जाता है। यहां तक कि 80 प्रतिशत तक भी यहां छूट मिलती है। हालांकि जब सामान आपके पास डिलीवर होता है तो उसकी क्वालिटी बहुत घटिया होती है।
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नीचे कुछ प्वॉइंट में समझें कि आप खुद को ठगी से कैसे सेफ रख सकते हैं।
1. जिस ऐप या वेबसाइट से शॉपिंग कर रहे हैं सबसे पहले उसकी विश्वसनीयता को परख लें। इसके बारे में पता करने के कई तरीके हैं। जैसे आप वेबसाइट का यूआरएल चेक करें। फेक शॉपिंग वेबसाइट के यूआरएल में ग्रामर की गलतियां होना आम बात है। अगर कोई शॉपिंग ऐप है तो उसके डेवलपर के बारे में प्लेस्टोर पर जाकर पढ़ें।
2. सोशल मीडिया पर दिखाए गए विज्ञापन पर आंख मूंदकर बिल्कुल भी भरोसा न करें। अगर कोई प्रोडक्ट आपको सोशल मीडिया पर दिखाए गए विज्ञापन में पसंद आ रहा है तो कोशिश करें कि उसे अमेजन या फ्लिपकार्ट जैसी भरोसेमंद साइट पर चेक किया जाए।
3. कुछ लोग सिर्फ रिव्यू पढ़कर ही क्वालिटी का अंदाजा लगा लेते हैं। जबकि ऐसा करना कई बार रिस्की भी होता है। कुछ प्रोडक्ट पर फेक रिव्यू भी होते हैं यानी उन्हें पैसे देकर करवाया जाता है। ताकि ग्राहक का मन डायवर्ट हो सके। इसलिए हमेशा किसी भी चीज के नेगेटिव और पॉजिटिव दोनों ही तरह के रिव्यू होना जरूरी है।
4. आपको खरीदारी करने से पहले टर्म एंड कंडीशन और वारंटी पॉलिसी को बारीकी से पढ़ना चाहिए।
5. अगर आपने कोई सामान ऑनलाइन मंगाया है तो आपको डिलीवरी ब्वॉय के सामने ही बॉक्स को ओपन करके उसे चेक कर लेना चाहिए।
हो जाए फ्रॉड तो क्या करें
अगर आपको किसी भी तरह के फ्रॉड का अंदेशा हो तो इसकी शिकायत साइबर थाने में करें। किसी भी तरह की धोखाधड़ी की शिकायत https://consumerhelpline.gov.in/ पर जाकर कर सकते हैं। साथ ही 1800-11-4000 या 1915 पर जाकर भी यह काम किया जा सकता है।