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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 30, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    मालवेयर की एंट्री होने पर डिवाइस में मिलते हैं ये चार संकेत, कहीं आपके साथ तो नहीं हो रहा ऐसा

    By Shivani KotnalaEdited By: Shivani Kotnala
    Updated: Mon, 30 Oct 2023 09:15 AM (IST)

    how to check for malware मालवेयर की एंट्री यूजर की बैंकिंग और प्राइवेट जानकारियों के लिए एक बड़ा खतरा होती हैं। हालांकि सवाल यही उठता है कि फोन या लैप ...और पढ़ें

    मालवेयर की एंट्री का ऐसे चल सकता है पता
    मालवेयर की एंट्री का ऐसे चल सकता है पता

    HighLights

    1. मालवेयर यूजर की बैंकिंग और प्राइवेट जानकारियों के लिए एक बड़ा खतरा है।
    2. डिवाइस में मालवेयर की एंट्री होने पर इसका पता लगाया जा सकता है।

    टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली। मालवेयर एक ऐसा सॉफ्टवेयर है, जो आपकी मर्जी के बिना आपके डिवाइस में आ जाता है। मालवेयर की डिवाइस में एंट्री यूजर की बैंकिंग और प्राइवेट जानकारियों के लिए एक बड़ा खतरा होती हैं। हालांकि, सवाल यही उठता है कि फोन या लैपटॉप पर मालवेयर की एंट्री हो चुकी है, इसका पता कैसे लगाया जाए।

    दरअसल, किसी भी डिवाइस में मालवेयर की एंट्री होने पर इसका पता लगाया जा सकता है। मालवेयर की एंट्री होने पर फोन या लैपटॉप में कुछ बदलाव देखने को मिलते हैं। मालवेयर की एंट्री के कुछ संकेतों को खतरे से पहले बजने वाली घंटी समझ सकते हैं।

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    मालवेयर की एंट्री पर मिलते हैं ये संकेत

    किसी अनजान एप्लिकेशन का दिखाई देना

    आपको अपने डिवाइस में कोई ऐसा एप्लिकेशन नजर आ रहा है, जिसे आपने इन्स्टॉल ही न किया हो तो ये मालवेयर होने का इशारा हो सकता है। डिवाइस में इस तरह के एप्लिकेशन मालवेयर अटैक का हिस्सा होते हैं।

    सोशल मीडिया अकाउंट से पोस्ट

    मालवेयर अटैक में अक्सर देखा जाता है कि यूजर के सोशल मीडिया अकाउंट को कोई दूसरा अनऑथराइज्ड पर्सन हैंडल करने लगता है। सोशल मीडिया साइट्स पर आपके अकाउंट से कोई ऐसी पोस्ट नजर आ रही है, जिसे आपने नहीं किया है तो यह डिवाइस में मालवेयर अटैक का इशारा होता है।

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    सिक्योरिटी सेटिंग में बदलाव

    यूजर के डिवाइस में सिक्योरिटी सेटिंग की मदद से ही मालवेयर को डिवाइस पर पूरा कंट्रोल नहीं मिल पाता है। यही वजह है कि कुछ मालवेयर अटैक में डिवाइस की सिक्योरिटी सेटिंग को डिसेबल कर दिया जाता है। अगर डिवाइस की सिक्योरिटी सेटिंग में किसी तरह का बदलाव देख रहे हैं तो यह मालवेयर की एंट्री का संकेत हो सकता है।

    झूठे वायरस अलर्ट

    कई बार यूजर के डिवाइस में वायरस अलर्ट का मैसेज आता है। असल में ऐसे अलर्ट झूठे होते हैं। कुछ मालवेयर झूटे एंटीवायरस सॉफ्टवेयर के रूप में डिवाइस में नजर आते हैं। अलर्ट में यूजर को डराया जाता है कि आपका डिवाइस में वायरस आ गया है, तुरंत एंटीवायरस सॉफ्टवेयर इंस्टॉल करें।

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