OTT एप्स का करते हैं इस्तेमाल? बच्चों की सेफ्टी के लिए तुरंत बदलें ये जरूरी सेटिंग्स
आजकल ज्यादातर घरों में बच्चे OTT एप्स और दूसरे एप्स के जरिए ऑनलाइन कंटेंट देखते हैं। ऐसे में उन्हें किसी भी संभावित एडल्ट कंटेंट के एक्सपोजर से बचाने ...और पढ़ें

बच्चों की सेफ्टी के लिए जान लें ये जरूरी सेटिंग्स। Photo- ChatGPT.

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली। स्मार्टफोन, टैबलेट और स्मार्ट टीवी अब बच्चों की रोजाना की जिंदगी का हिस्सा बन चुके हैं। लोकल सर्किल्स (LocalCircles) के सर्वे के मुताबिक, 37% पेरेंट्स ने कहा कि उनके बच्चे सबसे ज्यादा वीडियो और प्राइम वीडियो या नेटफ्लिक्स जैसे OTT प्लेटफॉर्म्स देखते हैं। प्रॉब्लम ये है कि कई घरों में पूरा परिवार एक ही अकाउंट का इस्तेमाल करता है। ऐसे में बच्चों के सामने कई बार एडल्ट कंटेंट भी आ जाता है। इस स्थिति से बचने के लिए, आइए जानते हैं कि हर OTT प्लेटफॉर्म में कौन सी सेटिंग्स ऑन होनी चाहिए।
Netflix: उम्र के हिसाब से तय करें कंटेंट लिमिट
- बच्चों के लिए एक अलग प्रोफाइल बनाएं। इसके लिए Netflix > Manage Profiles > Add Profile > Kids पर जाएं।
- नेटफ्लिक्स के सभी प्रोफाइल्स पर पिन (PIN) लगा कर रखें। इसके लिए नेटफ्लिक्स के अकाउंट सेक्शन में जाएं और प्रोफाइल लॉक का ऑप्शन चुनें।
- तीसरा जरूरी स्टेप 'पैरेंटल कंट्रोल्स' है। अकाउंट सेटिंग्स में जाकर इस ऑप्शन को सेलेक्ट करें। यहां पेरेंट्स बच्चे की उम्र के हिसाब से मैच्योरिटी रेटिंग्स चुन सकते हैं। बच्चों के साथ-साथ एडल्ट्स के लिए भी अलग-अलग ऑप्शन्स अवेलेबल हैं।
Amazon Prime Video: जरूर बदलें ये 3 सेटिंग्स
- सबसे जरूरी चीज है पैरेंटल कंट्रोल्स को ऑन करना। अकाउंट सेक्शन में जाकर इसे इनेबल करें।
- परचेज पर भी रिस्ट्रिक्शन्स लगाएं। बच्चे गलती से फिल्में खरीद सकते हैं, इसलिए पिन-बेस्ड परचेज सिक्योरिटी जरूरी है।
- उम्र के हिसाब से कंटेंट सेलेक्ट करें। यहां U, U/A 13+, U/A 16+ और A जैसे ऑप्शन्स अवेलेबल हैं। बच्चे की उम्र के मुताबिक सही कैटेगरी सेलेक्ट करें।
Jio Hotstar: पैरेंटल लॉक का ऑप्शन चुनें
- घरों में इसका इस्तेमाल बच्चों को कार्टून या क्रिकेट दिखाने के लिए किया जाता है। लेकिन उसी अकाउंट पर एडल्ट वेब सीरीज के सजेशन्स भी आ सकते हैं, जो बच्चों को परेशान कर सकते हैं।
- My Space सेक्शन में जाएं और App Kids Mode ओपन कर दें।
- पैरेंटल लॉक का ऑप्शन चुनें। इससे बच्चे पेरेंट्स के अकाउंट में लॉगिन नहीं कर पाएंगे।
YouTube: रिमाइंडर्स और डेली लिमिट जैसे फीचर्स हैं काम के
YouTube में 'फैमिली सेंटर' नाम का एक ऑप्शन होता है, इसे सेलेक्ट करें। यहां बच्चे के लिए एक अलग अकाउंट बनाया जा सकता है, जिसके जरिए उन्हें सिर्फ उनकी उम्र के हिसाब से ही कंटेंट दिखाया जाएगा।
ये ऑप्शन्स भी जरूर चुनें:
- रिमाइंडर: इसमें बच्चों को ब्रेक लेने के लिए हर आधे या 1 घंटे में एक रिमाइंडर दिया जाता है।
- डेली लिमिट: यूट्यूब शॉर्ट्स देखने के लिए एक फिक्स टाइम लिमिट सेलेक्ट की जा सकती है।
यह भी पढ़ें: Instagram Instants पर गलती से भेज दी है कोई फोटो? ऐसे तुरंत करें Undo