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एक ही जगह पर अलग-अलग फोन में 5G स्पीड इतनी अलग क्यों? ज्यादातर लोग नहीं जानते

Updated: Tue, 18 Aug 2026 04:00 PM (IST)

एक ही जगह पर अलग-अलग 5G फोन में स्पीड भिन्न होने के कई कारण हैं। इसमें फोन का 5G मॉडेम, सपोर्टेड बैंड, कैरियर एग्रीगेशन और एंटीना पावर मुख्य भूमिका निभाते हैं।

एक ही जगह पर अलग-अलग फोन में 5G स्पीड इतनी अलग क्यों? ज्यादातर लोग नहीं जानते

एक ही जगह पर अलग-अलग फोन में 5G स्पीड इतनी अलग क्यों? ज्यादातर लोग नहीं जानते

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संक्षेप में पढ़ें

टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली। क्या आप भी एक ही जगह पर दो अलग-अलग 5G स्मार्टफोन यूज करते हैं? तो कभी न कभी आपने ये जरूर एक्सपीरियंस किया होगा कि दोनों में इंटरनेट की स्पीड काफी अलग देखने को मिलती है। एक फोन में जहां 500Mbps की स्पीड मिल रही होती है, वहीं दूसरे में सिर्फ 200Mbps या उससे भी कम स्पीड मिलती है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब नेटवर्क और लोकेशन एक ही है, तो स्पीड में इतना फर्क क्यों है?

दरअसल, 5G की स्पीड सिर्फ टेलीकॉम कंपनी के नेटवर्क पर डिपेंड नहीं करती बल्कि इसमें स्मार्टफोन का 5G मॉडेम, यूज किए जा रहे बैंड, नेटवर्क एग्रीगेशन और फोन की एंटेना पावर भी इसमें बड़ी भूमिका निभाती है। चलिए आज इसी के बारे में विस्तार से जानते हैं...

फोन का 5G मॉडेम सबसे बड़ी वजह

अलग-अलग स्मार्टफोन में अलग क्षमता वाले 5G मॉडेम देखने को मिलते हैं। नया या ज्यादा एडवांस मॉडेम ज्यादा बैंड को सपोर्ट कर सकता है और बेहतर ढंग से नेटवर्क सिग्नल को प्रोसेस कर सकता है। जबकि किसी दूसरे डिवाइस का मॉडेम कम बैंड या कम स्पीड कैटेगरी को सपोर्ट करने वाला हो सकता है। इसी कारण से एक ही नेटवर्क पर दोनों फोन की परफॉर्मेंस अलग-अलग देखने को मिल सकती है।

5G बैंड भी डालते हैं असर

जियो, एयरटेल और VI जैसी टेलीकॉम कंपनियां अलग-अलग 5G स्पेक्ट्रम बैंड का यूज करती हैं। ऐसे में हर एक फोन सभी 5G बैंड को सपोर्ट नहीं करता। अगर आपके डिवाइस में वही बैंड सपोर्ट नहीं करता, जिस पर उस एरिया में बेहतर 5G नेटवर्क मौजूद है, तो स्पीड कम मिल सकती है।

कर्रिएर एग्रीगेशन से बदल सकती है स्पीड

इतना ही नहीं कुछ स्मार्टफोन तो एक साथ कई 5G बैंड को जोड़कर यूज कर सकते हैं, इसे कर्रिएर एग्रीगेशन कहा जाता है। इससे ज्यादा बैंडविड्थ मिलती है और बेहतर डाउनलोड स्पीड मिलती है। ऐसे में अगर दूसरा डिवाइस ये सुविधा सपोर्ट नहीं करता या उस वक्त इसका यूज नहीं कर रहा है तो उसकी स्पीड कम हो सकती है।

इसके अलावा फोन का डिजाइन, एंटीना की पोजीशन और सिग्नल रिसेप्शन क्षमता भी स्पीड को एफेक्ट कर सकती है। रूम के अंदर दीवारों के पीछे या फोन को गलत तरीके से होल्ड करने पर सिग्नल वीक हो सकता है। इसके अलावा नेटवर्क पर उस वक्त कितने लोग जुड़े हैं, इसका भी असर स्पीड पर पड़ता है। इसलिए एक ही जगह पर अलग-अलग फोन में 5G स्पीड अलग हो सकती है।

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