AI की वजह से महंगे होंगे सस्ते स्मार्टफोन, कीमतों में लगभग 30% तक बढ़ोतरी का है अनुमान
वैश्विक रिसर्च फर्म जेफरीज की रिपोर्ट के अनुसार, एआई की बढ़ती मांग के कारण मेमोरी चिप की कीमतें बढ़ रही ...और पढ़ें

मेमोरी चिप की बढ़ती लागत से 30 प्रतिशत तक महंगे हो सकते हैं स्मार्टफोन

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पीटीआई, नई दिल्ली। वैश्विक रिसर्च फर्म जेफरीज ने ताजा रिपोर्ट में कहा है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के चलते बढ़ती मांग के कारण मेमोरी की कीमतें बढ़ रही हैं। इससे सस्ते (लो-एंड) स्मार्टफोन की कीमतें लगभग 30 प्रतिशत तक बढ़ सकती हैं, जिससे ग्राहक नए फोन खरीदने में देरी कर सकते हैं या पुराने उत्पाद का विकल्प चुन सकते हैं।
2027 में भी जारी रहेगी चिप शॉर्टेज

रिपोर्ट में कहा गया है कि एआई से जुड़ी मांग के कारण वैश्विक आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा उसी में खप रहा है, जिससे मेमोरी की कीमतों में भारी उछाल आया है। अनुमान है कि कैलेंडर वर्ष 2027 में कुल मेमोरी मांग का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा एआई के लिए होगा। साथ ही, उसी वर्ष एआइ कंपनियों की ओर से लगभग 1.5 ट्रिलियन डालर का पूंजीगत खर्च किए जाने की उम्मीद है, जिससे आने वाली कई तिमाहियों तक मेमोरी की कीमतें ऊंची बनी रह सकती हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, कैलेंडर वर्ष के मध्य तक मेमोरी की कीमतें अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच सकती हैं। हालांकि, स्मार्टफोन निर्माता, खासकर किफायती सेगमेंट वाले अभी से ही उपकरणों की बढ़ती कीमतों का असर महसूस कर रहे हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि प्रति यूनिट मेमोरी की लागत में लगभग तीन गुना का उछाल आया है।
कैलेंडर वर्ष 2025 में यह अनुमानित 20 डॉलर थी, जो अब बढ़कर 60-65 डॉलर के आसपास पहुंच गई है। यह दबाव विशेष रूप से 200 डॉलर से कम कीमत वाले एंड्रायड स्मार्टफोन पर अधिक है, जहां कुल निर्माण लागत में मेमोरी का हिस्सा लगभग 60 प्रतिशत होने का अनुमान है।
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