यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 10, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Made In India होता है Apple का हर सातवां iPhone, पिछले साल देश में बने 14 अरब डॉलर के आईफोन
Apple कंपनी अपने कुल उत्पादन का 14 प्रतिशत या प्रत्येक सात में से एक आइफोन भारत में बनाती है। फॉक्सकान 67 प्रतिशत पेगाट्रान 17 प्रतिशत तो विस्ट्रान 1 ...और पढ़ें

रॉयटर्स, नई दिल्ली। एपल ने पिछले वित्त वर्ष यानी 2023-24 में भारत में 14 अरब डॉलर मूल्य के आइफोन बनाए। पिछले वित्त वर्ष यानी 2022-23 से तुलना करें तो उत्पादन दोगुना हो गया है। उत्पादन में बढ़ोतरी से पता चलता है कि एपल भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने के चलते चीन पर अपनी दीर्घकालिक निर्भरता में कटौती करने के प्रयासों में तेजी ला रहा है।
आंकड़ों पर गौर करें तो अब कंपनी अपने कुल उत्पादन का 14 प्रतिशत या प्रत्येक सात में से एक आइफोन भारत में बनाती है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक फाक्सकान जहां 67 प्रतिशत आइफोन एपल के लिए बनाती है वहीं पेगाट्रान कारपोरेशन की आइफोन निर्माण में हिस्सेदारी 17 प्रतिशत है।

पेगाट्रान और टाटा के बीच डील
कर्नाटक में विस्ट्रान कारपोरेशन का संयंत्र है और इसका कुछ दिनों पहले टाटा समूह ने अधिग्रहण कर लिया था, वह 16 प्रतिशत आइफोन बनाती है। खास बात यह है कि पेगाट्रान अपने मैन्यूफैक्चरिंग संयंत्र को टाटा समूह को बेचने की तैयारी कर रही है। इस संयुक्त उद्यम में टाटा कम से कम 65 प्रतिशत हिस्सेदारी ले सकती है।
टाटा अपनी सब्सिडियरी कंपनी टाटा इलेक्ट्रानिक्स के माध्यम से इस संयुक्त उद्यम को संचालित करेगी। पेगाट्रान के चेन्नई स्थित संयंत्र में 10 हजार कर्मचारी हैं और यहां पर सालाना 50 लाख आइफोन बनते हैं। वर्ष, 2017 में एपल ने भारत में आईफोन का निर्माण शुरू किया था।
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पीएलआई योजना का दिख रहा असर
केंद्र सरकार की प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) योजना से एपल सहित कई गैजेट निर्माताओं को देश में मैन्यूफैक्चरिंग के लिए उत्साहित करने का काम किया है। सरकार ने 14 क्षेत्रों में पीएलआइ योजनाएं शुरू की हैं जो भारतीय मैन्यूफैक्चरर्स को विश्वस्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाएंगी।