यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 08, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
सरकार ने संसद में 5G रोलआउट पर दिया खास अपडेट, यहां जानें सारी जरूरी डिटेल
भारत में 5G का रोलआउट के साथ ही इसने काफी लोकप्रियता बटोरी है। भारत में 5G का रोलआउट अक्टूबर 2022 में शुरू हुआ था जिसे लगभग एक साल हो गए है। फिलहाल सर ...और पढ़ें

HighLights
- भारत में 5G नेटवर्क रोलआउट अक्टूबर 2022 में शुरू हुआ।
- एयरटेल और रिलायंस जियो दोनों ने अक्टूबर 2022 में अपने कस्टमर्स के लिए 5Gको रोलआउट करना शुरू कर दिया था।
- 2023 तक देश भर के 738 जिलों में 5G नेटवर्क को शुरू कर दिया गया है।
टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली। भारत में मुख्य रुप तीन टेलीकॉम ऑपरेटर्स है, जिसमें एयरटेल, जियो और वीआई शामिल है। बता दें कि भारत में 5G नेटवर्क रोलआउट अक्टूबर 2022 में शुरू हुआ, जिसमें एयरटेल और रिलायंस जियो दोनों ने अक्टूबर 2022 में अपने कस्टमर्स के लिए 5Gको रोलआउट करना शुरू कर दिया था।
बड़ी बात यह है कि पिछले एक साल में एयरटेल और रिलायंस जियो ने अपनी 5G सेवाओं में तेजी से बढ़ोतरी की है। इतना ही नहीं देश के ज्यादातर हिस्सों को कवर कर लिया है। सबसे बड़ी बात ये है कि इसके लिए यूजर्स को कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना पड़ा।
ससंद में 5G की हुई बात
- संचार राज्य मंत्री देवुसिंह चौहान ने संसद के चालू सत्र में 5G रोलआउट पर अपडेट दिया।उन्होंने कहा कि 24 नवंबर, 2023 तक देश भर के 738 जिलों में 5G नेटवर्क को शुरू कर दिया गया है, जिसके बाद कुल 3,94,298 बेस स्टेशन इस्टॉल किए गए हैं।
- इनमें लगभग 100 मिलियन ग्राहक 5G सेवाओं का उपयोग कर रहे हैं। इसके अलावा यह भी बताया गया कि देश में 5G रोलआउट दुनिया में सबसे तेज पांचवीं पीढ़ी (5G) रोलआउट में से एक है।
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टेलीकॉम कंपनियों के भी हुआ फायदा
- सत्र के दौरान यह भी बताया गया कि इससे दूरसंचार कंपनियों को भी फायदा हुआ है।
- बता दें कि टेलीकॉम प्रोवाइडर्स ने कुल 2 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया है, जिसमें जुलाई-अगस्त 2022 में नीलामी में स्पेक्ट्रम के लिए 1.5 लाख करोड़ रुपये खर्चे हुए है।
- सरकार ने यह भी बताया कि 24 नवंबर 2023 तक, 5G नेटवर्क ने देश भर के 738 जिलों में शुरू किया गया है और कुल 3,94,298 बेस स्टेशन स्थापित किए गए हैं, जिनमें लगभग 100 मिलियन ग्राहक 5G सेवाओं का उपयोग कर रहे हैं।
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