वेनेजुएला में भूकंप से पहले लोगों को फोन पर मिला अलर्ट, क्या है गूगल का ये सिस्टम और कैसे करें इनेबल?
गूगल का एंड्रॉयड भूकंप अलर्ट सिस्टम स्मार्टफोन में दिए सेंसर का उपयोग करके शुरुआती सिस्मिक तरंगों का पता लगाता है। आपदा से कुछ सेकंड पहले यूजर्स को अल ...और पढ़ें

HighLights
वेनेजुएला में भूकंप से पहले लाखों को अलर्ट मिला।
स्मार्टफोन सेंसर से शुरुआती सिस्मिक तरंगों का पता चलता है।
यह सिस्टम 4.5 या अधिक तीव्रता के भूकंप पर काम करता है।
टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली। वेनेजुएला में भूकंप आने से ठीक पहले लाखों एंड्रॉयड स्मार्टफोन यूजर्स को गूगल की ओर से वार्निंग अलर्ट मिला था। यह अलर्ट दक्षिण अमेरिकी देशों को विनाशकारी भूकंप आने के कुछ ही सेकेंड पहले मिला था। गूगल का अलर्ट सिस्टम भूकंप की भविष्यवाणी नहीं करता है। यह भूकंप से ठीक पहले मिलने वाले शुरुआती सिग्नल की पहचान कर अपने यूजर्स को तेजी से धरती हिलने से पहले अलर्ट करता है। ऐसे भीषण आपदा में चंद सेकेंड पहले आया अलर्ट लाखों लोगों की जान बचा सकता है।
क्या गूगल ने वेनेजुएला में अलर्ट भेजा था?
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक यूजर ने पोस्ट शेयर किया है। इस पोस्ट के साथ एक स्क्रीनशॉट शेयर किया गया है, जिसमें अनुमानित 6.2 मैग्नीट्यूड के भूकंप का अलर्ट दिखाई दे रहा है। इसमें भूकंप का केंद्र लगभग 341 किलोमीटर दूर दिखा रहा था।

🇻🇪👏Google envío a los venezolanos una alerta sismica a las 6:04pm, esto le salvó la vida a miles de venezolanos pic.twitter.com/gOzpCZhNmp
— DatoWorld (@DatosAme24) June 25, 2026
कैसे काम करता है एंड्रॉयड भूकंप अलर्ट सिस्टम?
Google का Android Earthquake Alerts System भूकंप के आने के ठीक पहले की सिस्मिक वेव्स की पहचान करता है। इसके बाद वह उस जगह के यूजर्स को अलर्ट भेजना शुरू करता है। गूगल की यह टेक्नोलॉजी अरबों एंड्रॉयड स्मार्टफोन के भरोसे है, जिनमें मोशन सेंसर मिलता है। ये सेंसर धरती की छोटी-छोटी मूवमेंट को डिटेक्ट करती हैं। इस तरह यह सिस्टम एंड्रॉयड स्मार्टफोन में दिए जाने वाले सेंसर के एक विशाल नेटवर्क पर काम करता है।
स्मार्टफोन के एक्सेलेरोमीटर प्राइमरी सिस्टमिक वेव्स, जिन्हें पी-वेव्स के रूप में जाना जाता है, का आसानी से पता लगा लेते हैं। ये तरंगे भूकंप की सबसे विनाशकारी एस-वेव्स की तुलना में तेजी से ट्रेवल करती हैं। यही कारण है कि यह सिस्टम भूकंप आने से कुछ सेकेंड पहले अलर्ट कर देता है। इसके साथ ही बचाव के तरीके भी बताता है।
दूसरी आपदा का भी लगा सकता है पता
किसी भी आपदा की भविष्यवाणी करना लगभग नामुमकिन है। हालांकि, टेक्नोलॉजी की मदद से शुरुआती संकेतों का पता लगाया जा सकता है और होने वाले नुकसान को कुछ हद तक कम जरूर किया जा सकता है। भूकंप के अलावा इस तरह का अलर्ट सिस्टम बाढ़, चक्रवात, आंधी-तूफान और लू जैसी आपदाओं में कारगर हो सकता है।
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एंड्रॉयड फोन में कैसे एक्टिव करें अलर्ट सिस्टम
एंड्रॉइड स्मार्टफोन में भूकंप अलर्ट सिस्टम को इनेबल करने के लिए सबसे पहले आपको यह चेक करना होगा कि आपका फोन एंड्रॉयड 5 या उससे ऊपर के एंड्रॉयड वर्जन पर रन कर रहा हो। इसके साथ ही फोन में इंटरनेट और लोकेशन सर्विस एक्टिव होना जरूरी है।
इसके बाद आपको अपने फोन पर सेटिंग्स आइकन पर टैप करें और सेफ्टी एंड इमरजेंसी पर टैप करना है। अगर आपके यह ऑप्शन नहीं दिख रहा तो लोकेशन ओपन करें और एडवांस पर टैप करें। यहां मेनू में अर्थक्विक अलर्ट सर्च करें और टॉगल बटन से इनेबल करें।
किन यूजर को मिलता है अलर्ट
यह अलर्ट इनेबल होने पर भी आपको तभी भूकंप की चेतावनी मिलेगी जब फोन यूज कर रहे होंगे। यह अलर्ट हल्के भूकंप के झटके जिनकी तीव्रता 4.5 या उससे अधिक होती के लिए होते हैं। हालांकि, तेज भूकंप की स्थिति में यह सिस्टम फोन के सेटिंग और डू-नॉट-डिस्टर्ब को बायपास कर जोर-जोर आवाज के साथ इमरजेंसी अलर्ट देने लगता है।