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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 02, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Telecommunications Act 2023: WhatsApp नहीं रहा अब प्राइवेट! सरकार पढ़ सकती है पर्सनल चैट

    Updated: Tue, 02 Jul 2024 11:46 AM (GMT+05:30)

    देश में नए टेलीकम्युनिकेशन एक्ट 2023 के कई सेक्शन लागू हो चुके हैं। इसी के साथ वॉट्सऐप यूजर्स के लिए एक नई परेशानी खड़ी हो सकती है। हर दूसरे स्मार्टफो ...और पढ़ें

    भारत में बंद हो सकता है WhatsApp...
    भारत में बंद हो सकता है WhatsApp...

    HighLights

    1. वॉट्सऐप मैसेज एंड-टू-एंड एनक्रिप्टेड रहते हैं।
    2. नए एक्ट के बाद वॉट्सऐप पर भी निगरानी रहेगी।

    टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली। वॉट्सऐप का इस्तेमाल हर दूसरा स्मार्टफोन यूजर कर रहा है। यह चैटिंग ऐप न सिर्फ चैटिंग बल्कि, कॉलिंग और फाइल शेयरिंग का भी एक कॉमन जरिया बन गया है।

    वॉट्सऐप को लेकर हमेशा ही यह दावा किया जाता है कि खुद वॉट्सऐप दो यूजर के बीच होने वाली चैट को नहीं पड़ सकता। यानी वॉट्सऐप मैसेज एंड-टू-एंड एनक्रिप्टेड रहते हैं।

    हालांकि, भारत में एक नए एक्ट के साथ यह सब बातें एक खास स्थिति में किसी काम की नहीं रह जाएंगी। जी हां, नए टेलीकम्युनिकेशन एक्ट 2023 के लागू होने के बाद से ही वॉट्सऐप को लेकर कुछ बातें पहली जैसी नहीं रहेंगी।

    क्या है नया टेलीकम्युनिकेशन एक्ट 2023

    नए टेलीकम्युनिकेशन एक्ट 2023 के कई सेक्शन लागू हो चुके हैं। इनमें 1, 2, 10 से लेकर 30 और 42, 44, 46,47,50 से लेकर 58, 61,62 लागू हो चुके हैं। इन लागू सेक्शन के साथ ही देश की सरकार को नई शक्तियां मिल चुकी हैं।

    दरअसल, नए कानून के साथ सरकार को यह अधिकार होगा कि इमरजेंसी की स्थिति में टेलीकम्युनिकेशन सर्विस और नेटवर्क का पूरा कंट्रोल वह अपने हाथों में ले।

    गैजेट नोटिफिकेशन के मुताबिक, सुरक्षा, सार्वजनिक व्यवस्था या अपराधों की रोकथाम के आधार पर सरकार द्वारा ऐसा किया जाएगा। यानी इमरजेंसी और पब्लिक सिक्योरिटी की स्थिति में वॉट्सऐप का कंट्रोल भी आपके हाथ में न होकर सरकार के हाथ में होगा।

    ये भी पढ़ेंः New Telecom Act: इमरजेंसी में सरकार के हाथ में होगा टेलीकॉम सर्विस का पूरा कंट्रोल, आज से लागू होगा नया कानून

    सरकार की रहेगी कड़ी निगरानी

    सेक्शन 20 के क्लॉज 2 के मुताबिक, इमरजेंसी की स्थिति में सरकार किसी भी मैसेज को रिसीवर तक पहुंचने से पहले ही रोक सकती है। सीबीआई, ईडी जैसी 10 सेंट्रल एजेंसी को यह अधिकार होगा।

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    हालांकि, केंद्रीय और राज्य के मान्यता प्राप्त पत्रकारों को इस निगरानी से बाहर रखा गया है।

    हालांकि, किसी तरह की न्यूज अगर सरकार को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरनाक लगती है तो इन कॉल और मैसेज पर भी निगरानी रखी जा सकती है।

    बता दें, इस एक्ट के तहत वॉट्सऐप, टेलीग्राम और सिग्नल जैसे प्लेटफॉर्म भी आते हैं।

    बंद हो सकता है भारत में वॉट्सऐप

    हालांकि, आईटी एक्ट 2021 के खिलाफ एक याचिका की सुनवाई के दौरान वॉट्सऐप ने साफ कहा था कि वॉट्सऐप को लेकर एंड टू एंड एनक्रिप्शन बाधित होगा तो कंपनी भारत में इस प्लेटफॉर्म को बंद कर देगी।