Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 06, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    कब शुरू हुई थी Video Calling सर्विस , किसने-किसको किया था पहला वीडियो कॉल

    By Ankita PandeyEdited By:
    Updated: Tue, 06 Dec 2022 08:01 PM (IST)

    आज हम आसानी से किसी को कभी भी कहीं से भी वीडियो कॉस कर सकते हैं। हमारे पास इतने सारे ऐप्स जैसे- वॉट्सऐप जूम गूगल मीट है। जिसमें बस एक क्लिक करके हम वी ...और पढ़ें

    Who, when and whom get the very first video call
    Who, when and whom get the very first video call

    नई दिल्ली, टेक डेस्क। बीते दो सालों में वीडियो कॉलिंग और वीडियो कॉन्फ्रेसिंग का चलन बहुत बढ़ गया है। इसका ज्यादातर श्रेय कोविड-19 महामारी को जाता है। इसके कारण दुनिया के हर कोने में लोगों को अपने घरों में कई महीनों तक बंद रहना पड़ा था। ऐसे में अपने परिजनों से जुड़ने के लिए लोगों ने वीडियो कॉलिंग का सहारा लिया। टेक कंपनियों ने भी इस आपदा को अवसर की तरह लिया और अपने ऐप्स में कई एतिहासिक बदलाव किए, जिसमें ऐप में लोगों की सीमा को बढ़ाकर हजारो में कर देना भी शामिल है।

    वीडियो कॉलिंग में हुआ बदलाव

    हर छोटे बड़े ऐप्स अपने यूजर्स को बेस्ट एक्सपीरियंस देने में जुट गए और अब आए दिन इसमें कोई ना कोई बदलाव किए जा रहे हैं। मगर क्या आपने कभी सोचा है कि भले आज हम इतना एंडवास विडियो कॉलिंग फीचर्स इस्तेमाल करते हैं। लेकिन सबसे पहला वीडियो कॉल कैसा होगा और किसको किया गया होगा। तो आइये इसके बारे में जानते हैं।

    यह भी पढ़ें - कहीं छूट तो नहीं गई आपकी ट्रेन ! इन ऐप्स से मिनटों में चेक करें Live Running Status

    कब हुआ था पहला वीडियो कॉल

    वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग या वीडियो कॉलिंग ब्लैक एंड व्हाइट स्टिल इमेज से बढ़कर पर्सन-टू-पर्सन कम्युनिकेशन तक पहुंच गई है। लेकिन इसकी शुरूआत 1870 के दशक में दिखाई दी, जब बेल लैब्स ने एक इमेज और ऑडियो को वॉयर के माध्यम से पेश करने की बात कही थी। लेकिन पहला वीडियो कॉल 30 जून, 1970 को पिट्सबर्ग के मेयर पीटर फ्लेहर्टी और अल्कोआ के अध्यक्ष और सीईओ जॉन हार्पर के बीच हुआ। जिसके एक दिन बाद यानी 1 जुलाई, 1970 को आठ पिट्सबर्ग कंपनियों में स्थित 38 पिक्चरफोन के साथ आधिकारिक तौर पर शुरू किया गया था।

    बहुत महंगी थी सेवा

    ये वीडियो क्रॉन्फ्रेंसिंग पिक्चरफोन मॉड II नामक डिवाइस पर की गई थी। ये एक क्यूव के आकार में आने वाला एक छोटा डिलाइस था, जिसमें 250-लाइन रिज़ॉल्यूशन के साथ 5.5-इंच का काला और सफेद CRT डिस्प्ले और साथ ही 30 इंटरलेस्ड फ्रेम प्रति सेकंड की रिफ्रेश रेट थी। इसका उपयोग करने के लिए लोगों से हर महीने 160 डॉलर का शुल्क देना पड़ता था, जो आज के समय में 1,092 डॉलर यानी लगभग 77,000 रुपये के समान है। इतना ही नहीं इस कीमत पर आपको केवल 30 मिनट का कॉल समय मिलता था। हालांकि बाद में AT&T ने पैंतालीस मिनट की वीडियो कॉलिंग के साथ कीमत को घटाकर 75 डॉलर प्रति माह कर दिया था।

    खबरें और भी

    ये है पहला वीडियो कॉलिंग ऐप

    Cornell University IT विभाग के कर्मियों ने CU-SeeMe पेश किया। ये पहला निःशुल्क वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग एप्लिकेशन था। इसे 1992 में Mac और 1994 में Windows मे पेश किया गया था। ये कुछ ऐसी जानकारियां है, जो आपको वीडियो कॉलिंग की हिस्ट्री से रूबरू कराती है।

    यह भी पढ़ें - iPhone 14: 25500 रुपये तक के डिस्काउंट पर मिल रहा है Apple का ये स्मार्टफोन, जानें डिटेल