Wimbeldon 2026: कील लगी, खून बहा... दो बार पिछड़े; फिर भी जीत गए यानिक सिनर
यानिक सिनर ने विंबलडन अभियान की शुरुआत 50वीं रैंक वाले मिओमिर केचमानेविक को पांच सेट के रोमांचक मुकाबले में हराकर की। ...और पढ़ें
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यानिक सनिर को मिली शानदार जीत

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
एपी, लंदन: गत विजेता यानिक सिनर ने एक ही मैच में दो बार वापसी करते हुए पांच सेट तक खिंचे मुकाबले में 50वीं रैंक वाले मिओमिर केचमानेविक को हराकर अपने विंबलडन अभियान की जोरदार शुरुआत की।
फ्रेंच ओपन के महीने भर बाद अलग तरह की चुनौती का सामना करने उतरे शीर्ष वरीय इटली के सिनर ने मिओमिर को 4-6, 6-3, 6-7(6), 6-2 और 6-3 से हराया। सेंटर कोर्ट पर साढ़े तीन घंटे तक चले मुकाबले में सिनर ने दिखा दिया कि वह ग्रास कोर्ट का अपना खिताब इतनी आसानी से नहीं छोड़ेंगे।
जमकर लड़ी लड़ाई
फ्रेंच ओपन के दौरान गर्मी से परेशान होने के बाद दूसरे सेट में हारने वाले सिनर ने उस मैच के बाद एक भी आधिकारिक मैच नहीं खेला था। फ्रेंच ओपन के उस मैच में गर्मी से पीड़ित सिनर को पांच सेट तक जूझने के बाद हार का सामना करना पड़ा था। उन्हें अर्जेंटीना के जुआन मैनुअल सेरुंडोलो ने हराया था।
लंदन के अपेक्षाकृत ठंडे मौसम में सिनर ने जमकर लड़ाई लड़ी और अपने ग्रैंड स्लैम करियर का 94वां मैच जीता। अब वह इटली के लिए सबसे ज्यादा ग्रैंड स्लैम मैच जीतने के मामले में निकोला पीत्रांगेली के बराबर आ गए हैं। सिनर ने मैच के बाद स्वीकार किया कि वह शुरू में उतना अच्छा नहीं खेल पाए थे लेकिन बाद में उन्होंने अपना खेल सुधारा। दरअसल, सिनर पहले सेट में 4-6 से हार गए थे और प्रशंसकों को लगा कि कहीं ऐसा ना हो कि वह फ्रेंच ओपन की तरह यहां भी हार जाएं लेकिन दूसरे सेट में उन्होंने बड़ी आसानी से जीत दर्ज करते हुए ये शंकाएं निर्मूल साबित कर दीं।
हालांकि थोड़ी ही देर बाद प्रशंसक फिर कांप उठे जब सिनर चलते मैच में गिर गए और फिर कुछ वक्त बाद उनके जूते पर खून के छींटे भी दिखे। हालांकि इन सबके बावजूद सिनर डटे रहे और तीसरा सेट टाइब्रेकर में हारने के बाद अगले दोनों सेट बेहद आसानी से जीतते हुए मुकाबला अपने नाम कर लिया। मैच के बाद सिनर ने बताया कि उन्हें कील से चोट लग गई थी और वह नहीं चाहते थे कि मैच रुके, इसलिए खेलते रहे।
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सिलसिला रखा बरकरार
सिनर ने गत विजेता के पहले राउंड में ना हारने के सिलसिले को भी बरकरार रखा। प्रोफेशनल एरा में सिर्फ 2002 के विजेता लेटन हेविट को अगले साल पहले राउंड में हार का सामना करना पड़ा था। ऑस्ट्रेलिया से आने वाले हेविट को 2003 में क्रोएशिया के इवो कार्लोविक ने मात दी थी।
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