यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 06, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
डीजीपी राजीव कृष्ण की मातहतों को सीख, छोटे अपराधों के प्रति दृष्टिकोण व धारणा बदलें पुलिस अधिकारी
DGP UP Rajeev Krishna Video Conferencing with officers डीजीपी राजीव कृष्ण ने सभी एडीजी जोन पुलिस आयुक्तों आइजी व डीआइजी रेंज एसएसपी व एसपी से कहा कि ...और पढ़ें

HighLights
- पहली वीडियो कांफ्रेंसिंग में अधिकारियों को पढ़ाया 'ब्राेकेन विंडो थ्योरी'' का पाठ
- बताए प्राथमिकता के दस बिंदु, पूरे मनोयोग से काम की अपेक्षा
- पुलिसिंग में एआइ के उपयोग को बढ़ाने पर रहेगा विशेष जोर
राज्य ब्यूरो, जागरण, लखनऊ : डीजीपी राजीव कृष्ण ने अधीनस्थ अधिकारियों को छोटे अपराधों के प्रति अपना दृष्टिकोण व धारणा बदलने के साथ ही उन्हें पूरी गंभीरता से लेने का निर्देश दिया है। पदभार ग्रहण करने के बाद पहली वीडियो कांफ्रेंसिंग में उन्होंने अपनी प्राथमिकता के दस बिंदुओं को बताने के साथ ही न्यूयार्क पुलिस की 'ब्राेकेन विंडो थ्योरी' की चर्चा की।
डीजीपी ने कहा किअपराध शास्त्र के इस सिद्धांत पर चलकर जिस तरह अमेरिका में छोटे-छोटे अपराधों पर ध्यान दिया गया उसी प्रकार उप्र पुलिस के अधिकारियों को भी छोटे अपराधों को गंभीरता से लेकर अपने दृष्टिकोण बदलने की आवश्यकता है।
अपराध के प्रति जीरो टालरेंस की नीति केवल एक स्लाेगन नहीं है। बल्कि यह एक दृष्टिकोण है, जिससे हम परिवर्तन ला सकते हैं। उन्होंने अधीनस्थों से पूरे मनोयोग से काम करने की अपेक्षा की। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआइ) की दिशा में विशेषज्ञों के सहयोग से कदम बढ़ाए जाएंगे। पुलिसिंग में एआइ का प्रयोग करने वाला उप्र प्रथम राज्य होगा।
डीजीपी ने सभी एडीजी जोन, पुलिस आयुक्तों, आइजी व डीआइजी रेंज, एसएसपी व एसपी से कहा कि विश्व स्तर के अच्छे कामों को अपनी कार्यशैली में शामिल किया जाए। जिले के टाप 10 अपराधियों व कुख्यात अधिकारियों को अपने स्तर से तय करने होंगे। उनकी सूची बनाने से लेकर मानीटरिंग व कार्रवाई अपने स्तर से सुनिश्चित करानी होगी।
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इसके अलावा महिला सुरक्षा को उच्च प्राथमिकता से रखा जाए अौर छेड़खानी की घटना को भी पूरी गंभीरता से लेकर कार्रवाई की जाए। उन्होंने शोहदाें के विरुद्ध आगरा जोन में चलाए गए आपरेशन पहचान की प्रशंसा की। उन्हाेंने कहा कि इसी तरह साफ्टवेयर की मदद से छेड़खानी करने वालों का डेटाबेस बनाकर समीक्षा व कार्रवाई की जरूरत है।
महिला अपराधों पर और प्रभावी नियंत्रण के लिए डीजीपी मुख्यालय स्तर से जल्द एसओपी भी जारी की जाएगी। डीजीपी ने जनसुनवाई को और प्रभावी बनाया जाए। कानून व्यवस्था के मोर्चे पर अधिकारियों को छोटी से छोटी सूचना को गंभीरता से लेकर उसका विश्लेषण करना होगा। बैठक में एडीजी कानून-व्यवस्था अमिताभ यश व अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
यह भी दिए निर्देश
- साइबर अपराध को पूरी गंभीरता से लिया जाए। इसके विरुद्ध लड़ाई में एक वर्ष के भीतर उप्र पुलिस को देश में प्रथम स्थान पर लाने का लक्ष्य।
- पुलिस सेवाओं को और बेहतर बनाया जाए।
- एडीजी जोन व आइजी रेंज पुलिसकर्मियों की समस्याओं को समझने व उनकी मुसीबत में खड़े होने का करें प्रयास।
कर्मियों की दक्षता की होगी मैपिंग
उप्र पुलिस विश्व का सबसे बड़ा पुलिस बल है। बीते दिनों 60,244 आरक्षियों की भर्ती हुई है। इनमें बड़ा प्रतिशत ऐसे आरक्षियों का है, जिनका मानसिक स्तर राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं को पास करने का है। कहा, पुलिसकर्मियों की योग्यता, गुणवत्ता व दक्षता की मैपिंग की जाए।