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    150 से अधिक CCTV कैमरे बंद, आगरा में मेट्रो कार्य से सुरक्षा पर खतरा

    Updated: Sat, 28 Mar 2026 02:58 PM (IST)

    स्मार्ट सिटी टीम ने यूपीएमआरसी से इन कैमरों को जल्द ठीक करने का आग्रह किया है, क्योंकि इनकी खराबी से निगरानी में बाधा आ रही है। ...और पढ़ें

    आगरा : करकुंज चौराहे पर खराब पड़े कैमरे । जागरण

    आगरा : करकुंज चौराहे पर खराब पड़े कैमरे । जागरण

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    जागरण संवाददाता, आगरा। एमजी रोड हो या फिर माल रोड, हाईवे। शहर की इन तीन प्रमुख रोड में मेट्रो कार्य के चलते 150 से अधिक सीसीटीवी कैमरे बंद पड़े हुए हैं।

    राजा की मंडी चौराहा, पश्चिमपुरी रोड सहित दर्जनभर से अधिक रोड और चौराहों के 70 कैमरों के डायरेक्शन भी बदले हुए हैं। इससे सुरक्षा व्यवस्था को खतरा पैदा हो गया है। कई कैमरों के सामने पेड़ों के पत्ते तक आ गए हैं।

    मेट्रो कार्य के चलते आई परेशानी, 70 से अधिक कैमरों के डायरेक्शन भी बदले

    स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में 1523 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। यह कैमरे चार श्रेणियों के हैं। नगर निगम स्थित एकीकृत कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से निगरानी की जाती है। उप्र मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) द्वारा सदर बाजार चौराहा से लेकर भगवान टाकीज चौराहा, खंदारी चौराहा से सिकंदरा तिराहा, भगवान टाकीज चौराहा से कालिंदी विहार तक, माल रोड, सुल्तानपुरा रोड में मेट्रो ट्रैक का निर्माण कराया जा रहा है। इसके चलते 150 कैमरे बंद पड़े हैं।

    सुरक्षा व्यवस्था को है खतरा, चार श्रेणी के लगाए गए हैं कैमरे

    स्मार्ट सिटी की टीम ने यूपीएमआरसी को जल्द से जल्द कैमरों को चालू करने के लिए कहा है। कई कैमरे कहां हैं, इसकी जानकारी स्मार्ट सिटी टीम को भी नहीं दी गई है। वहीं सिकंदरा चौराहा, पश्चिमपुरी रोड, करकुंज रोड, पानी की टंकी कालामहल, राजा की मंडी चौराहा, पचकुइयां चौराहा, शास्त्रीपुरम चौराहा के पास सहित दर्जनभर क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरों के डायरेक्शन सही नहीं हैं।

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    कैमरों को ठीक कराने की मांग

    कालीबाड़ी क्षेत्र के डॉक्टर देवाशीष भट्टाचार्य का कहना है कि कैमरों को जल्द ठीक कराया जाना चाहिए। खासकर प्रमुख सड़कों से कैमरे नहीं हटाए जाने चाहिए। बोदला के सुधीर कुमार गोयल का कहना है कि कैमरे के स्थल में बदलाव किया जा सकता है लेकिन लंबे समय तक कैमरे बंद नहीं होने चाहिए।

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    चार श्रेणी के हैं सीसीटीवी कैमरे

    1. ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकाग्निशन (एएनपीआर) : यह कैमरे अधिकांश चौराहों पर लगे हुए हैं। कैमरे वाहनों की नंबर प्लेट को रीड कर सकते हैं। इन कैमरों का प्रयोग यातायात के अलावा ई-चालान, चोरी के वाहनों को खोजने में किया जाता है।
    2. रेड लाइट वायलेशन डिटेक्शन (आरएलवीडी) : यह अत्याधुनिक यातायात निगरानी प्रणाली के कैमरे हैं। सिग्नल तोड़ने वाले वाहन चालकों की आसानी से पहचान हो जाती है और फोटो कैप्चर हो जाती है। इससे ई-चालान में मदद मिलती है। यह कैमरे एएनपीआर को मदद करते हैं।
    3. पैन टिल्ट जूम (पीटीजेड) : इस श्रेणी के कैमरे 200 फीट या फिर इससे अधिक की दूरी की रिकार्डिंग कर सकते हैं। इससे आसपास के क्षेत्र पर आसानी से निगरानी रखी जा सकती है। घटनाओं की फुटेज अच्छी तरीके से आती है।
    4. फिक्स्ड कैमरे : इस श्रेणी के कैमरे 360 डिग्री घूम सकते हैं। प्रमुख चौराहों पर इस श्रेणी के कैमरों का प्रयोग किया जा रहा है।

    मेट्रो कार्य के चलते एमजी रोड और हाईवे पर कुछ सीसीटीवी कैमरे बंद हैं। जिन कैमरों का डायरेक्शन सही नहीं है। उसे सही कराया जाएगा।

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    अंकित खंडेलवाल, सीईओ आगरा स्मार्ट सिटी प्राइवेट लिमिटेड।