घर बैठे बनेगा 5 साल के बच्चों का बाल आधार कार्ड! UIDAI की नई सुविधा से अभिभावकों को राहत
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) दिसंबर से पांच साल तक के बच्चों के लिए घर बैठे बाल आधार कार्ड बनाने ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।
HighLights
यूआईडीएआई दिसंबर से घर बैठे बाल आधार बनाने की सुविधा शुरू करेगा
अभिभावक अपने मोबाइल ऐप के माध्यम से बच्चे का आधार बना सकेंगे
पांच साल तक के बच्चों के लिए बायोमेट्रिक की आवश्यकता नहीं होगी
जागरण संवाददाता, आगरा। पांच साल तक के बच्चों का बाल आधार कार्ड बनवाने के लिए अब अभिभावकों को आधार केंद्र या डाकघर के चक्कर लगाने से राहत मिल सकती है। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआइडीएआइ) नई सुविधा शुरू करने की तैयारी कर रहा है। माता या पिता अपने मोबाइल फोन में आधार एप के माध्यम से घर बैठे बच्चे का आधार बना सकेंगे।
सुविधा का ट्रायल चल रहा है और दिसंबर से इसे शुरू किए जाने की संभावना है। यह खबर सुनते ही शहर के अभिभावकों के बीच उत्साह का माहौल है।
दिसंबर से शुरू हो सकती है नई सुविधा, चल रहा है ट्रायल
यूआईडीएआई के उप महानिदेशक प्रशांत कुमार ने बताया कि पांच साल तक के बच्चों के आधार के लिए बायोमीट्रिक नहीं लिया जाता है। केवल बच्चे की फोटो ली जाती है।
- माता या पिता को अपने मोबाइल में आधार एप डाउनलोड कर अपने आधार विवरण से लॉगिन करना होगा।
- बच्चे का आधार बनाने का विकल्प मिलेगा।
- एप के माध्यम से बच्चे की फोटो ली जाएगी और माता या पिता के बायोमीट्रिक से उसका सत्यापन होगा।
- इससे बच्चे के आधार में माता-पिता से संबंधित आवश्यक जानकारी दर्ज की जा सकेगी।
- प्रक्रिया पूरी होने के बाद बाल आधार को तत्काल डाउनलोड किया जा सकेगा।
- बच्चे के पांच वर्ष की आयु पूरी करने पर उसका बायोमीट्रिक अपडेट कराना होगा।
यूआईडीएआई आगरा प्रभारी बच्चू सिंह ने बताया कि सुविधा शुरू होने के बाद छोटे बच्चों का आधार बनवाने की प्रक्रिया आसान होने की उम्मीद है।
यह भी पढ़ें- यूपी में अक्टूबर से होगी धान की खरीद: किसानों की आई मौज, इस बार 2441 रुपये प्रति क्विंटल का भाव
यह भी पढ़ें- नाना रहे बिहार के DGP, माता-पिता भी सिविल सेवा में, अब IAS अनुनय झा बने मुरादाबाद के नए डीएम
अभिभावकों को समय बचने की उम्मीद
कमला नगर निवासी सतेंद्र और सदर बाजार निवासी सोमेश शर्मा ने बताया कि सुविधा जल्द शुरू होती है तो अभिभावकों को बड़ी राहत मिलेगी। आधार केंद्रों पर भीड़ के कारण बच्चों को लेकर घंटों इंतजार करना पड़ता है। घर बैठे आधार बनने से समय और आने-जाने की परेशानी दोनों बच सकेंगी।
