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    संसद में गूंजा आगरा कैंट पर डिप्टी स्टेशन मैनेजर की पिटाई का प्रकरण, रेल मंत्री ने दिया मामले पर जवाब

    By Amit Dixit Edited By: Prateek Gupta
    Updated: Wed, 05 Aug 2026 09:48 PM (IST)

    आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर डिप्टी स्टेशन मैनेजर नरेंद्र सिंह चाहर की आरपीएफ कर्मियों द्वारा पिटाई का मामला संसद में गूंजा। रेल मंत्री ने बताया कि दो सब ...और पढ़ें

    आगरा कैंट स्टेशन पर डिप्टी स्टेशन मैनेजर को इस तरह आरपीएफ जवान खींचकर ले गए थे। फाइल फोटो

    आगरा कैंट स्टेशन पर डिप्टी स्टेशन मैनेजर को इस तरह आरपीएफ जवान खींचकर ले गए थे। फाइल फोटो

    जागरण संवाददाता, आगरा। कैंट रेलवे स्टेशन के डिप्टी स्टेशन मैनेजर (डीएसएम) नरेंद्र सिंह चाहर की पिटाई का प्रकरण संसद में गूंजा है। राज्यसभा सदस्य रामजी लाल सुमन ने 31 जुलाई को यह प्रकरण उठाया था। उन्होंने रेल मंत्री से 12 जुलाई की सुबह 11 बजे हुई पूरी घटना का जवाब मांगा। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) कर्मियों ने डीएसएम को स्टेशन पर 300 मीटर तक घसीटा था।

    रेलवे के परिचालन विभाग के कर्मचारियों ने इसकी निंदा की थी। जवाब में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इस प्रकरण में आरपीएफ के दो सब इंस्पेक्टर सहित चार जवानों को निलंबित किया जा चुका है। तीन सदस्यीय समिति पूरे प्रकरण की जांच कर रही है। रेलवे ने यह भी स्पष्ट किया कि रेलवे सुरक्षा की जिम्मेदारी केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल को सौंपने का कोई प्रस्ताव नहीं है

    कैंट रेलवे स्टेशन में 12 जुलाई की सुबह 11 बजे हीराकुंड एक्सप्रेस पहुंची थी। प्लेटफार्म नंबर एक पर महिला यात्री रंजीता सामान लेने के लिए नीचे उतरी थी। इस बीच ग्रीन सिग्नल हो गया और ट्रेन चल दी। रंजीता ने दौड़ लगा दी। यह देखकर वहां मौजूद डीएसएम नरेंद्र सिंह चाहर ने गार्ड से बात की और फिर ट्रेन को रुकवाने के लिए कहा। चेन पुलिंग के आरोप में आरपीएफ कर्मियों ने रंजीता को पकड़ लिया।

    बिना रसीद दिए एक हजार रुपये का जुर्माना लगा दिया। डीएसएम ने चेन पुलिंग से इन्कार किया और गार्ड द्वारा ट्रेन रुकवाने की बात कही। इससे नाराज आरपीएफ कर्मियों ने डीएसएम की पिटाई कर दी। इस घटना के प्रकरण में देशभर के रेलवे के कर्मचारी एक जुट हो गए

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    राज्यसभा में इस प्रकरण को सदस्य रामजी लाल सुमन ने उठाया। रेल मंत्री ने अपने जवाब में कहा कि तीन सदस्यीय समिति पूरे प्रकरण की जांच कर रही है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई होगी।

    इस माह पूरी होगी जांच

    तीन सदस्यीय कमेटी ने अब तक 24 अधिकारियों और कर्मचारियों के बयान दर्ज किए हैं। अभी तक महिला यात्री रंजीता का बयान दर्ज नहीं किया गया है। जल्द ही समिति बयान दर्ज करेगी। इस माह तक जांच पूरी होगी।