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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 29, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Agra News: बैंक प्रबंधक सचिन उपाध्याय हत्याकांड; कलक्ट्रेट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष बेटी समेत गिरफ्तार, पढ़िए अब तक की अपडेट

By Ali AbbasEdited By: Abhishek Saxena
Updated: Sun, 29 Oct 2023 12:39 PM (IST)

Agra Bank Manager Murder Case Latest News In Hindi सचिन के पिता केशव देव शर्मा ने 15 अक्टूबर को तहरीर दी थी। ताजगंज थाने में 18 अक्टूबर को हत्या का मु ...और पढ़ें

Agra News: बैंक प्रबंधक हत्याकांड में कलक्ट्रेट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष बेटी समेत गिरफ्तार
Agra News: बैंक प्रबंधक हत्याकांड में कलक्ट्रेट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष बेटी समेत गिरफ्तार

HighLights

  1. ताजगंज थाने में 18 अक्टूबर को बैंक प्रबंधक की हत्या का दर्ज हुआ था मुकदमा
  2. पत्नी प्रियंका, ससुर बिजेंद्र सिंह रावत और साले कृष्णा को किया है नामजद

जागरण संवाददाता, आगरा। बैंक प्रबंधक सचिन उपाध्याय हत्याकांड में आरोपित पत्नी प्रियंका और ससुर कलक्ट्रेट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष बिजेंद्र सिंह रावत को ताजगंज पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। हत्याकांड में फरार चल रही पत्नी-ससुर और पुलिस के बीच 10 दिन से लुकाछिपी का खेल चल रहा था।

दोनों भूमिगत हो गए थे। पुलिस और सर्विलांस टीम उनकी गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी थी। दोनों के प्रयागराज जाने की सूचना पुलिस को मिली थी। इसके बाद उन तक पहुंच गई।

ताजगंज में शमसाबाद रोड स्थित रामरघु एग्जोटिका में रहने वाले सचिन उपाध्याय बैंक प्रबंधक थे। पुलिस को 12 अक्टूबर को उनके आत्महत्या करने की सूचना मिली। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सचिन उपाध्याय की गला दबाकर हत्या करने पुष्टि हुई।

पुलिस ने सचिन के साले को भेज दिया था पहले ही जेल

बिजेंद्र सिंह रावत कलक्ट्रेट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष हैं। पुलिस ने 20 अक्टूबर को सचिन के साले कृष्णा को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था। पत्नी प्रियंका हालत खराब होने पर अस्पताल में भर्ती होना बताया था। इस दौरान वह अस्पताल से गायब हो गई थीं।

गिरफ्तारी से बचने को पत्नी और ससुर भूमिगत हो गए थे। पुलिस ने उनके रिश्तेदारों के यहां भी दस्तक दी थी। आरोपितों की 10 दिन से पुलिस से लुकाछिपी चल रही थी। सचिन के स्वजन पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे थे।

पुलिस आयुक्त डा. प्रीतिंदर सिंह ने पुलिस को निर्देश दिए थे कि पहले आरोपितों के विरुद्ध साक्ष्य जुटा लिए जाएं। दबिश के लिए गठित टीम की मानीटरिंग डीसीपी सिटी सूरज कुमार राय कर रहे थे। इसी दौरान सर्विलांस टीम से मिली सूचना के बाद एक टीम प्रयागराज भेजी गई थी। शनिवार शाम को पुलिस ने आरोपित पत्नी और ससुर को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस रविवार को हत्याकांड से जुड़े अनसुलझे सवालों के उत्तर दे सकती है। पुलिस अधिकारियों द्वारा दोनों आरोपितों के पकड़ने की पुष्टि तो कर रही है, लेकिन दोनों कहां से पकड़ा है, उन्होंने क्या जानकारी दी है, फिलहाल यह नहीं बता रही है।

क्यों हत्या की, इससे तुम्हे क्या मिला

क्यों हत्या की? इससे तुम्हे क्या मिला? तुम्हे बेटे से क्या परेशानी थी? बैंक प्रबंधक सचिन उपाध्याय के पिता केशव देव शर्मा के पास बहू के लिए इस तरह के सवालों की लंबी सूची है। शनिवार रात बहू की गिरफ्तारी का पता चलने पर केशव देव का कहना था कि वह बहू से यह जरूर पूछेंगे कि अपना ही घर उजाड़ कर क्या मिला।

बहू को बेटे से ऐसी क्या परेशानी थी, जो उसकी हत्या कर दी। यह सब करके उसे क्या मिला। परिवार बिखर गया। सचिन के पिता केशव देव सेवानिव़ृत्त शिक्षक हैं। सचिन उनका होनहार बेटा था। वह पहले अहमदाबाद में कस्टम में तैनात थे। बाद में उनका चयन बैंकिंग सेवा में हो गया था।

बहू चाहती थी जैसा मैं कहूं, सचिन वैसा करे

केशव देव शर्मा ने बताया कि बहू प्रियंका चाहती थी कि जैसा वह कहे, सचिन वही करे। बहू की इसी जिद के चलते दोनों के रिश्ते तल्ख होते चले गए। बेटे की खुशी और उसकी गृहस्थी बचाने के लिए उन्होंने उसके घर आना-जाना कर दिया था। रामरघु एग्जोटिका का मकान वर्ष 2017 में केशव देव ने ही खरीदकर दिया था।पिता ने बताया कि बहू चाहती थी कि वह यह मकान उसके नाम कर दें, वह इसके लिए तैयारस नहीं थे। उन्होंने बहू से कह दिया था कि मकान सचिन आैर उसका ही है, लेकिन वह नाम नहीं करेंगे। मकान की 33 हजार रुपये महीने किस्त भी वह अभी तक भर रहे हैं।

बहू की है मुख्य भूमिका

केशव देव शर्मा ने ताजगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। उनका कहना है कि बेटे की हत्या में मुख्य भूमिका बहू प्रियंका की है। उसके भाई और ससुर ने हत्या में पूरा सहयोग किया। अब पुलिस पूछताछ में बाकी बातें निकलकर सामने आएंगी।

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रात में ही पोस्टमार्टम कराना चाहते थे ससुराल वाले

पिता केशव देव ने बताया कि ससुराल वाले 12 अक्टूबर की रात में सचिन का पोस्टमार्टम कराना चाहते थे। इसकी प्रक्रिया भी पूरी करा ली थी। बेटे के शरीर पर जले और चोट के निशान देखकर उन्हें शक हो गया था। सचिन के ससुराल वाले सहमति के लिए पंचनमा पर हस्ताक्षर कराने के लिए वह उनके पास आए थे। परिवार के लोगों ने पैनल से पोस्टमार्टम कराने की कहा। इसके बाद उन्होंने हस्ताक्षर नहीं किए। डीसीपी सिटी से मिलकर पैनल से पोस्टमार्टम कराने की कहा।

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स्वजन बोले पुलिस कोशिश कर रही थी

बेटे की हत्याराेपित बहू प्रियंका और उसकी मदद करने वाले ससुर बिजेंद्र सिंह रावत को पुलिस द्वारा पकड़ने का स्वजन रात को पत चला। स्वजन का कहना था कि पुलिस प्रयास कर रही थी। उसे 10 दिन में सफलता मिल ही गई। वह पुलिस के आभारी हैं।

इन प्रश्नों का उत्तर जानने का प्रयास करेगी पुलिस

  • 11 अक्टूबर की शाम को सचिन उपाध्याय औ प्रियंका के बीच किस बात पर विवाद हुआ था। जिसने सचिन की जान ले ली।
  • घटना के बाद प्रियंका ने सबसे पहले किसे फोन किया था। पिता और भाई ने हत्याकांड में किस तरह उनकी मदद की थी।
  • प्रियंका और सचिन के बीच कितने समय से विवाद चल रहा था। दोनों के रिश्तों में इतनी तल्खी आने का क्या कारण था।
  • हत्या का मुकदमा दर्ज होने के बाद सचिन की पत्नी प्रियंका और ससुर बिजेंद्र सिंह रावत कहां रहे थे। उन्हें किन लोगों ने शरण दी थी।