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    आगरा के स्कूलों में गर्मी का कहर, छात्र हो रहे बीमार; एक बच्चे की नाक से निकला खून

    By Sandeep Kumar Edited By: Prateek Gupta
    Updated: Sat, 27 Jun 2026 10:12 PM (IST)

    आगरा में भीषण गर्मी और सुविधाओं की कमी से परिषदीय विद्यालयों के छात्र बीमार पड़ रहे हैं। गढ़ी वृंदावन प्राथमिक विद्यालय में एक छात्र की नाक से खून आने ...और पढ़ें

    भीषण गर्मी और बिजली गुल, आगरा के सरकारी स्कूल में पढ़ते बच्चे।

    भीषण गर्मी और बिजली गुल, आगरा के सरकारी स्कूल में पढ़ते बच्चे।

    जागरण संवाददाता, आगरा। तेज धूप के सात लगातार चढ़ता पारा लोगों के लिए मुसीबत बन गया है। ऐसे स्थिति में परिषदीय विद्यालय भी सुविधाओं के अभाव में झुलसते नजर आ रहे है। कहीं कक्षा में बच्चों की तबीयत बिगड़ रही है, तो कहीं बिजली की आंख-मिचौली और उमस ने पढ़ाई को मुश्किल बना दिया है।

    शनिवार को बरौली अहीर ब्लाक के गढ़ी वृंदावन प्राथमिक विद्यालय में तो भीषण गर्मी के कारण कक्षा एक के एक छात्र की नाक से खून आने लगा। इस घटना ने हालात की गंभीरता सामने ला दी।

    भीषण गर्मी और उमस के बीच परिषदीय विद्यालयों की कक्षाएं मूल-भूत सुविधाओं के अभाव में शिक्षा का केंद्र कम संघर्ष स्थल ज्यादा बनती जा रही हैं। शनिवार को बरौली अहीर क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय गढ़ी वृंदावन में कक्षा-एक के छात्र अमन की अचानक तबीयत बिगड़ गई। अफरा-तफरी की स्थिति बन गई

    शिक्षकों ने आनन-फानन में प्राथमिक उपचार कराया और उसके बाद बच्चे को घर भेजा गया, लेकिन इस घटना ने शिक्षकों के साथ अन्य अभिभावक चिंता में पड़ गए हैं।

    प्रधानाध्यापक सुधीर दीक्षित ने बताया कि तेज गर्मी के बीच छात्र की नाक से अचानक खून आने लगा, जिससे अन्य छात्र भी घबरा गए। प्राथमिक उपचार देने के बाद छात्र को कुछ देर कक्षा में ही आराम कराया। इसके बाद प्राथमिक उपचार देकर घर भेज दिया।

    अन्य स्थानों पर बेहाल दिखे विद्यार्थी

    यह स्थिति सिर्फ प्राथमिक विद्यालय गढ़ी वृंदावन में ही नहीं है, अन्य विद्यालयों में पढ़ रहे बच्चे भी भीषण गर्मी में बिजली की व्यवस्था न होने से बेहाल रहे। कई बच्चों को पसीने से तरबतर हालत में कक्षाओं में बैठकर पढ़ना पड़ा, जबकि कुछ स्थानों पर शिक्षकों को मजबूरी में बरामदों में कक्षाएं चलानी पड़ीं।

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    नाम न छापने की शर्त पर कई विद्यालयों के शिक्षकों ने बताया कि वर्तमान में स्थिति और भी कठिन इसलिए हो रही है क्योंकि कई विद्यालयों में बिजली का कनेक्शन है, लेकिन बिजली आपूर्ति नहीं होती। जहां होती है, वो नियमित नहीं है। पंखे और अन्य उपकरण होने के बावजूद बिजली कटौती और वोल्टेज की समस्या के चलते राहत नहीं मिल रही है। नतीजा कक्षाओं में घुटन और असहनीय गर्मी।