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    आगरा की होटल इंडस्ट्री को राहत, 20 कमरों तक के Hotels व्हाइट कैटेगरी में शामिल; सीपीसीबी ने जारी की गाइडलाइन

    By Nirlosh Kumar Edited By: Prateek Gupta
    Updated: Thu, 23 Jul 2026 11:06 AM (GMT+05:30)

    केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) ने होटल, रिजॉर्ट और मैरिज होम के लिए प्रदूषण श्रेणियों का पुनर्वर्गीकरण किया है, जिससे आगरा की होटल इंडस्ट्री क ...और पढ़ें

    होटल के कमरे की तस्वीर का सांकेतिक तौर पर प्रयोग किया गया है।

    होटल के कमरे की तस्वीर का सांकेतिक तौर पर प्रयोग किया गया है।

    निर्लोष कुमार, आगरा। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने सेवा क्षेत्र (सर्विस सेक्टर) में शामिल हाेटल, रिजोर्ट, रेस्टोरेंंट, ढाबों और मैरिज होम को कमरों, सिटिंग की क्षमता और अतिथियों के एकत्र होने की क्षमता के आधार पर चार कैटेगरी में बांटा है। पूर्व में व्हाइट कैटेगरी में होटल शामिल नहीं थे, लेकिन अब उसमें 20 कमरों तक के होटलों को शामिल किया गया है।

    पहले जहां 100 से अधिक कमरों वाले होटलों को रेड कैटेगरी में रखा गया था, वहीं अब 300 से अधिक कमरों वाले होटल रेड कैटेगरी में रखे गए हैं। ताजनगरी में इससे होटल इंडस्ट्री की राह प्रशस्त होगी। होटलाें को इसके लिए निर्धारित गाइडलाइन का पालन अनिवार्य रूप से करना होगा

    सीपीसीबी के सदस्य सचिव भारत कुमार शर्मा ने 20 जुलाई को सर्विस सेक्टर में शामिल होटल इंडस्ट्री से संबंधित अधिसूचना जारी की है। सीपीसीबी ने 12 फरवरी, 2025 को प्रदूषण क्षमता के आधार पर कमराें की सुविधा वाले होटल, बैंक्वेट हाल को रेड, आरेंज और ग्रीन कैटेगरी में शामिल किया था।

    100 से अधिक कमरों वाले होटल रेड, 20 से अधिक कमरों वाले होटल आरेंज और 20 कमरों तक के होटल ग्रीन कैटेगरी में रखे गए थे। सीपीसीबी की सिफारिशों पर पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने 17 अक्टूबर, 2025 को अधिसूचना करते हुए बिना कमरों वाले छोटे रेस्टोरेंट, बिना कमरे वाले होटल, क्लाउड किचन, रिजोर्ट को सफेद श्रेणी में शामिल किया था

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    इसके बाद भी सीपीसीबी से वर्गीकरण के नामकरण में स्पष्टीकरण करने पर सवाल किए जा रहे थे। सीपीसीबी की सेक्टर वर्गीकरण समिति ने 18 फरवरी, 13 मई और सात जुलाई को बैठक कीं।समिति ने होटल, रेस्टोरेंट, मैरिज होम आदि की प्रदूषण क्षमता पर विचार-विमर्श किया। समिति ने गतिविधि के प्रकार, अपशिष्ट जल उत्पादन क्षमता के आधार पर सर्विस सेक्टर के पुनवर्गीकरण की सिफारिश की।

    इसका आधार होटल-रिजोर्ट के लिए कमरों की संख्या, रेस्टोरेंट, ढाबों व भोजनालयों में बैठने की क्षमता, मैरिज होम के लिए अतिथियों के एकत्र होने के लिए निर्धारित भवन योजना, अग्नि सुरक्षा प्रमाण-पत्र और स्थानीय प्राधिकरण की अनुमति को माना गया। संशोधित कैटेगरी का पालन करने के निर्देश राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों और प्रदूषण नियंत्रण समितियों को दिए गए हैं।

    419 कार्यों को पांच कैटेगरी में बांटा था

    सीपीसीपी ने पिछले वर्ष जल, वायु और खतरनाक अपशिष्ट के आधार पर 419 कार्योें को पांच कैटेगरी रेड, आरेंज, ग्रीन, व्हाइट और ब्ल्यू में बांटा था। प्रदूषण स्कोर के आधार पर रेड कैटेगरी में 125, आरेंज में 137, ग्रीन में 94, व्हाइट में 54 और ब्ल्यू में नौ कार्य शामिल किए थे।

    पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (एमओईएफसीसी) ने 17 अक्टूबर को अधिसूवना करते हुए व्हाइट कैटेगरी में 86 उद्योगों को वर्गीकृत किया था।