यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 11, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Agra Police Encounter: गैंगस्टर विनय श्रोत्रिय को एसटीएफ ने मार गिराया, 50 हजार रुपये इनाम था घोषित
Agra Police 13 जुलाई 2022 को दीवानी में पुलिस पर हमला बोल फरार हुआ था पेशी पर आया कुख्यात। दिसंबर 2018 से बंद जिला जेल में बंद था विनय। आगरा फिरोजाबाद ...और पढ़ें

आगरा, जागरण संवाददाता। आगरा में एसटीएफ के साथ मंगलवार की आधी रात को मुठभेड़ में ढेर हुआ बदमाश विनय श्रोत्रिय फिरोजाबाद और आगरा पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था। बदमाश ने फिरोजाबाद के नारखी थाना क्षेत्र में अगस्त 2016 में लूट के बाद भागने के दौरान दारोगा राजवीर को गोली मारकर घायल कर दिया था। गैंगस्टर पर 40 से अधिक मुकदमे दर्ज थे। वह इंटर रेंज गैंग आइआर-03 का सरगना था। दीवानी परिसर छह महीने पहले फरार गैंगस्टर पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
पेशी के दौरान पुलिस पर किया था हमला
फिरोजाबाद के थाना लाइनपार के गांव रुपसपुर का रहने वाला विनय श्रोत्रिय उर्फ विनय शर्मा दिसंबर 2018 से जिला जेल में बंद था। वह 13 जुलाई काे जिला जेल से दीवानी में पेशी पर आया था। दीवानी में विनय के साथी पुलिसकर्मी अनुज प्रताप पर हमला बोलकर उसे छुड़ा ले गए थे। कुख्यात का साथी सोनू कुशवाह निवासी मोहम्मदाबाद थाना रसूलपुर फिरोजाबाद आदि पहले से दीवानी परिसर में मौजूद थे।
पुलिस ने 50 हजार का किया था इनाम घोषित
सोनू से पूछताछ करने पर पुलिस को पता चला था कि विनय ने अपने साथियों छोटे उर्फ रिषभ राजपूत,राहुल निवासी इंद्रपुरी झील की पुलिया ककरऊ थाना उत्तर फिरोजाबाद, मिंटा यादव निवासी ककरऊ कोठी दौलतपुर खास थाना उत्तर, रवि यादव निवासी निवासी झील की पुलिया थाना उत्तर फिरोजाबाद आदि शामिल थे। कुख्यात पर आइजी रेंज नचिकेता झा द्वारा 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। जिसके बाद से एसटीएफ को उसकी तलाश थी।
ये भी पढ़ें...
कुख्यात ने जेल से रची थी फरारी की साजिश
विनय श्रोत्रिय ने दीवानी परिसर से फरार होने की साजिश जेल में रहकर रची थी। जिसके लिए उसने फेसबुक मैसेंजर पर मैेसेज भेजकर एवं वीडियाे काल पर साथियों से बात की थी। कुख्यात ने पेशी पर दीवानी आने से पहले 13 जुलाई 2022 को जेल के पीसीओ से साथी सोनू के मोबाइल पर फाेन किया था। छानबीन में आरक्षी अनुज प्रताप की लापरवाही पाई थी।
खबरें और भी
चाचा-भतीजे साथ करते थे वारदात
विनय के साथ उसका चाचा जयप्रकाश उर्फ जिज्जू भी बदमाश है। उसके खिलाफ हत्या समेत कई संगीन धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। लगभग डेढ़ साल पहले वह जेल से छूटा गया है। वहीं विनय 2018 में आगरा जेल जाने से पहले गांव आता-जाता रहता था। चाचा भी फिलहाल गायब है।
पचोखरा में दर्ज हुई थी विनय पर लूट की पहली रिपोर्ट
विनय शातिर लुटेरा है। उसके खिलाफ पहली रिपोर्ट 2013 में पचोखरा थाने में दर्ज हुई थी। उसके खिलाफ नारखी, टूंडला, उत्तर और दक्षिण थाने में कई रिपोर्ट दर्ज हैं। 2018 में उसके खिलाफ पचोखरा थाने से गैंगस्टर की कार्रवाई हुई थी।