आगरा-अलीगढ़ ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे, अधिकारियों ने किया गांवों का निरीक्षण; भूमि का मिलेगा उचित मुआवजा
आगरा-अलीगढ़ ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए अधिकारियों ने गांवों का निरीक्षण किया। किसानों ने कम मुआवजे पर आपत्ति जताई और उचित दर व नौकरी की मा ...और पढ़ें

खंदौली क्षेत्र में ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के लिए गांव का मुआयना करते अधिकारी।
HighLights
किसानों ने भूमि मुआवजे की दर पर आपत्ति जताई।
अधिकारियों ने उचित मुआवजे और न्याय का आश्वासन दिया।
संवाद सूत्र, खंदौली (आगरा)। आगरा-अलीगढ़ ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे परियोजना को लेकर शुक्रवार को एडिशनल कमिश्नर राजेश कुमार यादव, अपर जिलाधिकारी आजाद भगत सिंह और एसडीएम सुमित कुमार ने दौरा किया।
मलूपुर, रामनगर, पेतखेड़ा और खंदौली गांवों का निरीक्षण कर प्रस्तावित सड़क मार्ग और अधिग्रहित होने वाली भूमि का जायजा लिया।
इस दौरान किसानों ने अधिकारियों के सामने कम मुआवजे को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि उनकी उपजाऊ और बेशकीमती जमीन के मुकाबले बेहद कम दर तय की गई है।
किसानों ने साफ कहा कि यदि जमीन के हिसाब से उचित मुआवजा नहीं मिला तो वे भूमि अधिग्रहण नहीं होने देंगे।
निरीक्षण के दौरान किसानों ने अधिकारियों को बताया कि क्षेत्र की जमीन बेहद उपजाऊ और कीमती है, लेकिन अवार्ड बनाते समय वास्तविक स्थिति को नजरअंदाज किया गया है।
किसानों का नेतृत्व कर रहे हरिओम सिंह जुरैल और चौधरी होशियार सिंह ने सर्किल रेट पर सवाल उठाते हुए कहा कि मलूपुर में 30 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर, रामनगर में 80 लाख रुपये और पेतखेड़ा में 20 लाख रुपये की दर तय की गई है।
जबकि कई स्थानों पर पहले से ही डेढ़ करोड़ रुपये तक का सर्किल रेट लागू है। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा तय की गई दरें किसानों के साथ अन्याय हैं और इसमें शीघ्र संशोधन होना चाहिए।
हरिओम सिंह जुरैल ने अधिकारियों को मौके पर जमीन की वास्तविक स्थिति से अवगत कराते हुए कहा कि पूरे क्षेत्र की भूमि अत्यंत उपजाऊ है और किसानों को कम से कम एक करोड़ रुपये के हिसाब से चार गुना मुआवजा मिलना चाहिए।
किसानों ने यह भी मांग रखी कि प्रत्येक प्रभावित परिवार से एक सदस्य को नौकरी दी जाए। एडिशनल कमिश्नर राजेश कुमार यादव ने किसानों को आश्वस्त करते हुए कहा कि किसानों को सही और उचित मुआवजा दिलवाया जाएगा।
किसी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को किसानों की समस्याओं के समाधान में तेजी लाने के निर्देश भी दिए।
इस मौके पर मलूपुर के प्रधान प्रताप सिंह, रामकिशन नेताजी, बलवीर सिंह, रामेश्वर सिंह, नेत्रपाल सिंह, अशोक कुमार, अमित चौधरी, रनवीर सिंह, बनवारी लाल, चंद्रपाल सिंह, कैप्टन श्रीकिशन सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
वहीं पेतखेड़ा से कैप्टन ओमवीर सिंह, हरिपाल सिंह, विद्याराम, श्यामवीर सिंह, विनोद कुमार कोयर और श्रीपाल सिंह बघेल सहित अन्य किसानों ने भी विरोध दर्ज कराया।