अमरनाथ यात्रा 2026: बीच में अटके आगरा से गए श्रद्धालु, नहीं कर पाए बाबा बर्फानी के दर्शन
अमरनाथ यात्रा के पांचवें दिन ही बाबा बर्फानी पिघल गए, जिससे आगरा के कई श्रद्धालु दर्शन नहीं कर पाए। बढ़ते तापमान और जलवायु परिवर्तन के कारण हिमलिंग जल ...और पढ़ें

अमरनाथ यात्रा पर गया आगरा के श्रद्धालुओं का जत्था।
जागरण संवाददाता, आगरा। लगभग आठ-नौ सौ किलोमीटर की यात्रा, कठिन चढ़ाई, बर्फीली वादियों का सफर और मन में सिर्फ एक ही आस बाबा बर्फानी के दिव्य दर्शन, लेकिन इस बार कई श्रद्धालुओं की यह आस अधूरी रह गई। अमरनाथ गुफा तक पहुंचने के बावजूद उन्हें प्राकृतिक रूप से निर्मित हिमलिंग के दर्शन नहीं हो सके।
तापमान में बढ़ोतरी और लगातार बदलते मौसम के कारण यात्रा के पांचवें दिन (मंगलवार) ही बाबा बर्फानी लगभग अंतर्ध्यान हो गए। बुधवार को पहुंचे श्रद्धालु यह समाचार सुनकर मायूस जरूर हुए, लेकिन उनकी आस्था में कोई कमी नहीं आई। उनका कहना है कि बाबा के धाम तक पहुंचना और उस पवित्र गुफा में शीश झुकाना भी सौभाग्य की बात है।
अगली बार समय से यात्रा कर बाबा बर्फानी के दिव्य दर्शन अवश्य करेंगे। अमरनाथ यात्रा तीन जुलाई से शुरू हुई थी और ठीक पांचवें दिन यानी मंगलवार को बाबा बर्फानी अंतर्ध्यान (पिघल गए) हो गए। 3880 मीटर ऊंचाई पर बनी पवित्र अमरनाथ गुफा में बर्फ का हिमलिंग हर साल प्राकृति रूप से आकार लेता है। बाबा के अंतर्ध्यान होने पर भी शहर के श्रद्धालुओं की आस्था बरकरार है।
कमला नगर निवासी सानू गोयल बाबा बर्फानी के दर्शन नहीं कर पाए। इससे वह कुछ देर के लिए चिंतित हुए, लेकिन बाबा के स्थान पर हाथ जोड़कर अगली बार समय से दर्शन करने की मनकामना मांगी। इसके बाद सोनू शहर की ओर वापस लौट आए हैं। उन्होंने बताया कि अगली बार परिवार के साथ समय से पहुंचकर दर्शन करेंगे।
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सदर बाजार निवासी रमेश बघेल ने बताया कि लगभग 15 लोगों के साथ बाबा के दर्शन करने के लिए गए थे। बुधवार को बाबा के दर्शन नहीं हो पाए हैं, इससे बच्चे निराश हैं। अगली बार बाबा के दर्शन करने की अवश्य करेंगे। इनके साथ दयालबाग के नरेंद्र चौधरी, नुनिहाई के सतेंद्र दुबे आदि भी दर्शन नहीं कर पाए।
2027 में 25 जून से शुरू हो सकती है यात्रा
श्रीअमरनाथ श्राइन बोर्ड के अधिकारियों का मानना है कि पिछले कुछ वर्षों में बढ़ते तापमान और जलवायु परिवर्तन के कारण प्राकृतिक हिमलिंग अपेक्षाकृत जल्दी पिघल रहा है।
इसी को देखते हुए बोर्ड वर्ष 2027 से अमरनाथ यात्रा की शुरुआत पहले करने पर विचार कर रहा है। प्रस्ताव के अनुसार यात्रा 25 जून से शुरू की जा सकती है, ताकि हिमलिंग अधिक समय तक सुरक्षित रहे और अधिक से अधिक श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दिव्य दर्शन कर सकें।
बढ़ते तापमान में समय से पहले पिघल रहा है हिमलिंग
मौसम विज्ञानियों का कहना है कि मौसम में तेजी से हो रहे बदलाव, बढ़ते तापमान और ग्लोबल वार्मिंग के कारण बाबा बर्फानी अंतर्ध्यान (पिघल) हो गए। इस साल मई में शिवलिंग की ऊंचाई लगभग सात फीट आंकी गई थी, लेकिन यात्रा शुरू होने के महज पांच दिनों के भीतर ही यह 90 प्रतिशत से ज्यादा पिघलकर लगभग एक फीट रह गया और मंगलवार को बाबा बर्फानी अंतर्ध्यान हो गए।