एनालॉग पनीर का बढ़ता कारोबार: आगरा में 70% नमूने फेल, ऐसे जांचें शुद्धता
आगरा में एनालॉग पनीर का कारोबार सालाना 10 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जिसकी दैनिक खपत 150 क्विंटल है। खाद्य सुरक्षा विभाग के 70% नमूने फेल हुए हैं, ज ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।
HighLights
आगरा में सालाना 10 करोड़ का एनालॉग पनीर कारोबार।
दैनिक 150 कुंतल खपत, स्वास्थ्य के लिए हानिकारक।
लिए गए 70% एनालॉग पनीर के नमूने फेल।
जागरण संवाददाता, आगरा। अगर आप सेहत बनाने के लिए पनीर खा रहे हैं तो एक बार उसे अच्छी तरीके से जरूर चेक कर लें। अगर दूध जैसा पनीर का स्वाद नहीं है। पनीर में खिंचाव अधिक है तो इसकी सतर्क हो जाएं। संभव है कि जिस पनीर को आप खा रहे हैं या फिर खरीद कर घर ला रहे हैं। वह एनालॉग पनीर हो सकता है। ऐसे पनीर में प्रोटीन के बदले फैट की मात्रा अधिक होती है। पनीर सोयाबीन या फिर पामोलिन ऑयल, वनस्पति से बनता है।
एनालॉग पनीर की बिक्री पर महाराष्ट्र सरकार ने पूरी तरह से रोक लगा दी है। अगर जिले की बात की जाए तो इसका कारोबार 10 करोड़ रुपये सालाना है। हर दिन 150 कुंतल की खपत है। एक साल में 70 प्रतिशत नमूने फेल हो चुके हैं। एडीएम सिटी कोर्ट में इन सभी के वाद चल रहे हैं।
फुटकर में एनालॉग पनीर की बिक्री पर है रोक
आगरा सहित प्रदेश के सभी जिलों में एनालॉग पनीर के फुटकर कारोबार पर पूरी तरह से रोक है। सिर्फ पैकेटबंद पनीर बिक सकता है। पैकेट में पनीर किससे बना है और किस कटेंट की कितनी मात्रा है। इसका उल्लेख करना होगा लेकिन खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) के अधिकारियों की लचर कार्यशैली के चलते एनालॉग पनीर का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है। सबसे अधिक एनालॉग पनीर राजखेड़ा, धौलपुर, बसेड़ी राजस्थान से आता है।
सबसे अधिक राजस्थान और मध्य प्रदेश से होती है आपूर्ति
इन क्षेत्रों से हर दिन 100 कुंतल पनीर 15 से 17 गाड़ियों में शहर आता है। इसे विभिन्न क्षेत्रों की डेरी में पहुंचाया जाता है। मध्य प्रदेश के मुरैना और उसके आसपास के गांवों से हर दिन 40 कुंतल पानी आता है। यह 9 से 11 गाड़ियां से यहां आता है। 10 कुंतल पनीर फतेहाबाद कस्बा और उसके गांवों, बाह, पिनाहट, फतेहपुर सीकरी, खेरागढ़ कस्बा, जगनेर सहित अन्य में तैयार होता है।
खबरें और भी
एक साल में 70 प्रतिशत नमूने हुए फेल
एफएसडीए के आंकड़ों के हिसाब से एक साल में 100 कुंतल एनालॉग पनीर बरामद किया है। यह पनीर संबंधित क्षेत्रों से यहां आया और बिक्री के लिए भेजा गया। नेटवर्क का पता लगाया गया तो सबसे अधिक पनीर रात 11 से सुबह सात बजे के मध्य आता है। गाड़ियों के माध्यम से सीधे डेरी या फिर थोक विक्रेताओं के यहां पहुंचा दिया जाता है। जहां से यह पनीर 210 से 230 रुपये प्रति किग्रा में बिकता है। सबसे अधिक गेस्ट हाउस, ढाबा, 1500 ठेल विक्रेताओं, छोटे रेस्टोरेंट में इसकी खपत होती है।
250 लिए गए नमूने
एफएसडीए ने एक साल में पनीर के 250 नमूने लिए हैं। इसमें एनालाग पनीर के 200 नमूने थे। एनालाग पनीर के 70 प्रतिशत नमूने फेल मिले हैं। इसमें दूध का अंश नहीं मिला है। नमूनों में पाम आयल, वनस्पति, स्टार्च, सोया प्रोटीन मिला है। जिस पर 100 कुंतल पनीर को नष्ट कराया गया है।
लगातार लिए जा रहे हैं नमूने
सहायक आयुक्त खाद्य महेंद्र प्रताप ने कहा कि एनालाग पनीर की बिक्री तेजी से बढ़ी है। छापेमारी में इसके साफ संकेत मिले हैैं। जिस पर नमूने लेने की गति को बढ़ा दिया गया है। ऐसे पनीर का नमूना लेने के बाद नष्ट करा दिया जाता है। एनालाग पनीर में दूध का अंश नहीं मिलता है। प्रोटीन के बदले फैट की मात्रा कहीं अधिक होती है।
यह भी पढ़ें- कांवड़ यात्रा पर पुष्पवर्षा के सहारे 2027 चुनाव की नींव रख गए सीएम योगी, मंच से रालोद संग दिया गठबंधन का संदेश
एनालॉग पनीर की पहचान का तरीका
- असली पनीर का स्वाद दूध जैसा होता है। एनालाग पनीर का स्वाद कुछ कसैला होता है
- एनालॉग पनीर रबर जैसा खिंचता है
- गर्म करने पर इसका रंग बदल जाता है
- लैब जांच से एनालाग पनीर की सटीक पहचान की जा सकती है
यह है शिकायती नंबर
- टोल फ्री नंबर 1800112100
- वाट्सएप नंबर, 9868686868
- ई-मेल: compliance@fssai.gov.in
यह भी पढ़ें- कौन हैं 'फ्लाइंग कार' बनाने वाले अल्मोड़ा के रवि टम्टा? 20 की उम्र में बनाया हेलीकॉप्टर, 12 साल पुराना सपना किया पूरा
एनालॉग पनीर की खपत तेजी से बढ़ रही है। इसी बात का फायदा मिलावटखोर उठा रहे हैं और इसे अधिक मात्रा में तैयार किया जाता है। एनालॉग पनीर की कमियों को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने प्रतिबंध लगा दिया है।
सेवानिवृत्त खाद्य सुरक्षा अधिकारी एसके गुप्ता।