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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 08, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    कटेंगे तो बंटेगे बाद अब छत्रपति शिवाजी महाराज की जय... ना राजनीतिक बात ना किया कटाक्ष, CM Yogi का दिखा नया अंदाज

    Updated: Sat, 08 Mar 2025 12:04 PM (IST)

    Agra News मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगरा में युवा उद्यमियों को संबोधित करते हुए छत्रपति शिवाजी महाराज की जय का नारा लगाया। इस नारे के पीछे गहरे रा ...और पढ़ें

    अभिवादन स्वीकारते सीएम। बाएं से मंत्री राकेश सचान, योगेंद्र उपाध्याय व ठा. जयवीर सिंह। दाएं प्रो. एसपी सिंह बघेल। जागरण
    अभिवादन स्वीकारते सीएम। बाएं से मंत्री राकेश सचान, योगेंद्र उपाध्याय व ठा. जयवीर सिंह। दाएं प्रो. एसपी सिंह बघेल। जागरण

    HighLights

    1. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंच से दिए नारे के गहरे हैं राजनीतिक निहतार्थ
    2. पिछले वर्ष कई राज्यों के चुनाव से पहले हिट हुआ था योगी का दिया नारा

    यशपाल चौहान, आगरा। बरसाने में लड्डू होली में राधे-राधे बोलकर श्रद्धालुओं में जोश का संचार करने के बाद सर्किट हाउस में युवा उद्यमियों को भविष्य के सुनहरे सपने दिखाने पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का अंदाज अलग दिखा। यहां उन्होंने कोई राजनीतिक बात नहीं की। न ही किसी पर राजनीतिक कटाक्ष किया। मगर, उन्होंने संबोधन समाप्त करने के बाद वृंदावन बिहारी लाल की जय बोली। युवा उद्यमियों ने प्रतिउत्तर में जय बोली।फिर मुख्यमंत्री छत्रपति शिवाजी महाराज की जय बोलकर मंच से चले गए।

    मगर, उनके इस जयघोष के गहरे राजनीतिक निहितार्थ देखे जा रहे हैं। आगामी विधान सभा चुनाव में कंटेंगे तो बंटेंगी तरह से यह नारा भी जोर पकड़ सकता है। क्योंकि शिवाजी महाराज ने आगरा किला में ही औरंगजेब को शौर्य दिखाया था।इसी के साथ ही हिंदवी स्वराज्य की नींव रखी गई थी।

    सीएम ने योजनाओं की दी जानकारी

    सर्किट हाउस में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के कार्यक्रम में उद्यमियों को ऋण और टूल किट वितरण करने पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंच से देश से लेकर प्रदेश की आर्थिक उन्नति पर पूरा संबोधन दिया।आजादी से पहले से लेकर आजादी के बाद के आर्थिक परिदृश्य को बताया। इसके बाद उत्तर प्रदेश की सुरक्षा और उद्यमियों के लिए चलाई जा रही योजनाओं को बताया। साथ ही कुंभ से मिले अवसरों को भी गिनाया। 20 मिनट के संबोधन में उन्होंने कोई न तो राजनीतिक बात कही और न ही किसी राजनीतिक दल पर सीधे टिप्पणी की।

    आगरा: आगरा किला के सामने लगी छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा। जागरण

    उद्यमियों को किया संबोधित

    वृंदावन की लड्डू मार होली के कार्यक्रम से मुख्यमंत्री यहां पहुंचे थे। यहां युवा उद्यमियों को संबाेधित करने के बाद उन्होंने वृंदावन बिहारी लाल की जय बोलकर संबोधन समाप्त किया। इसके ठीक बाद ही उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज की जय बोली।

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    सीएम ने औरंगजेब को कहा था दुष्ट 

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अगस्त 2024 में ताजगंज के पुरानी मंडी चौराहे पर लगाई गई वीर दुर्गादास राठौर की प्रतिमा का अनावरण करने आए थे। तब उन्होंने औरंगजेब को दुष्ट कहा था। बांग्लादेश का उदाहरण देते हुए उन्होंने कटेंगे तो बटेंगे का नारा इसी मंच से उन्होंने पहली बार दिया था। इसके बाद यह नारा राज्यों के विधानसभा चुनाव में हिट रहा। 19 फरवरी को आगरा किला में शिवाजी जयंती पर हुए शानदार आयोजन में आए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने आगरा में स्मारक बनाने की बात कही थी। यहां छत्रपति शिवाजी म्यूजियम बनाया जा रहा है।

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    सीएम अबू आजमी को लेकर किया था तीखा हमला

    हाल ही में सपा नेता अबू आजमी द्वारा दिए गए बयान का विरोध हो रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विधान सभा में भी इसको लेकर तल्ख अंदाज दिखा चुके हैं। अब बिहार में विधान सभा चुनाव होने हैं।इससे पहले मुख्यमंत्री ने मंच से छत्रपति शिवाजी महाराज की जय बोलकर नया नारा दे दिया है।

    आगरा से छत्रपति शिवाजी महाराज का नाता

    छह जून 1674 को रायगढ़ में हिंदवी स्वराज्य की नींव रखने वाले छत्रपति शिवाजी महाराज, औरंगजेब से मिलने उसके दरबार में आए थे। इतिहासकार जदुनाथ सरकार ने अपनी पुस्तक ''''औरंगजेब'''' में शिवाजी की आगरा यात्रा का वर्णन किया है। राजा जयसिंह से पुरंदर की संधि के बाद शिवाजी अपने दल के साथ 11 मई, 1666 को आगरा पहुंचे थे। 12 मई को शिवाजी, औरंगजेब के आगरा किला के दीवान-ए-खास में लगे दरबार में गए। यहां यथोचित सम्मान नहीं मिलने पर वह नाराजगी जताकर चले गए। आगरा किला में दीवान-ए-खास के पास लगे शिलालेख में शिवाजी के औरंगजेब के दरबार में आने का जिक्र है।

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    मुख्यमंत्री ने बदला था म्यूजियम का नाम

    वर्ष 2016 में शिल्पग्राम के समीप मुगल म्यूजियम का निर्माण शुरू हुआ था। इसके निर्माण पर 99 करोड़ रुपये व्यय हो चुके हैं और जनवरी, 2020 से काम बंद पड़ा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सितंबर, 2020 में आगरा मंडल की समीक्षा बैठक में म्यूजियम का नाम बदलकर छत्रपति शिवाजी म्यूजियम करने के निर्देश दिए थे। उनके निर्देशों पर म्यूजियम का नाम बदला जा चुका है।