Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    विघटनकारी ताकतों के भटकाव में न आएं छात्र, अब शिक्षकों पर जिम्मेदारी: योगी

    Updated: Sun, 26 Jul 2026 09:56 PM (IST)

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगरा में शिक्षकों से छात्रों को राष्ट्रविरोधी दुष्प्रचार से बचाने और अनुशासन सिखाने का आह्वान किया। ...और पढ़ें

    News Article Hero Image

    HighLights

    1. सीएम योगी ने शिक्षकों को राष्ट्र निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी।

    2. छात्रों को राष्ट्रविरोधी दुष्प्रचार, भ्रामक सूचनाओं से बचाने पर जोर।

    3. मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का आगरा में शुभारंभ।

    जागरण संवाददाता, आगरा।  मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस योजना का उदघाटन करने डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के खंदारी कैंपस पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को शिक्षकों को उनका महत्व बताते हुए राष्ट्र निर्माण की जिम्मेदारी भी सौंपी। धर्म गुरु बनकर मुख्यमंत्री ने शिक्षकों की क्लास ली और श्लोक भी सुनाए।

    उन्होंने कहा कि छात्र विदेशी षडयंत्र और विघटनकारी के भटकाव का शिकार ना हों, यह शैक्षणिक संस्थानों और शिक्षकों की जिम्मेदारी है। इंटरनेट मीडिया से ये लोग जब विद्वेष फैलाते हैं तो पूरा सिस्टम अराजकता का शिकार होता है। देश के वर्तमान और भविष्य यह दोनों के लिए जरूरी है कि शिक्षक छात्रों को राष्ट्रविरोधी दुष्प्रचार, भ्रामक सूचनाओं से बचाएं।

    उन्होंने डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के खंदारी परिसर स्थित शिवाजी मंडपम से रविवार को मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ करते हुए कहा कि शिक्षक का दायित्व केवल पाठ्यक्रम पढ़ाना नहीं, बल्कि छात्रों को सही मार्ग, सही दृष्टि और श्रेष्ठ जीवन मूल्यों से जोड़ना भी है।

    उन्होंने कहा कि पहले छात्रों को पाठ्यपुस्तकों के साथ समाचार-पत्र, संदर्भ ग्रंथ तथा ज्ञानवर्धक साहित्य पढ़ने के लिए प्रेरित किया जाता था। पुस्तकालय विद्यार्थियों की बौद्धिक गतिविधियों के प्रमुख केंद्र होते थे लेकिन अब 60 प्रतिशत छात्र इंटरनेट मीडिया से पाठ्य सामग्री ले रहे हैं। जबकि यहां उपलब्ध प्रत्येक तथ्य सत्य हो यह आवश्यक नहीं है।

    खबरें और भी

    अब इंटरनेट मीडिया और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) समय की आवश्यकता इनसे दूरी बनाकर नहीं चला जा सकता। उन्होंने शिक्षकों से कहा कि वे अपने ज्ञान और अनुभव का उपयोग करते हुए इंटरनेट मीडिया पर सकारात्मक, तथ्यपरक और प्रेरणादायी सामग्री साझा करें। जिससे समाज को सकारात्मक दिशा दी जा सके।

    भारत ने लंबे संघर्ष के बाद स्वतंत्रता प्राप्त की है। इसलिए प्रत्येक नागरिक और विशेष रूप से शिक्षकों का दायित्व है कि वे राष्ट्रविरोधी दुष्प्रचार, भ्रामक सूचनाओं और समाज को विभाजित करने वाले किसी भी षड्यंत्र के प्रति छात्रों को जागरूक करें। देश के वर्तमान और भविष्य दोनों को सही दिशा देने के लिए छात्रों को अनुशासन और आत्मानुशासन का महत्व समझाना होगा। कार्यक्रम में केंद्रीय पंचायती राज राज्य मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल, उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, सूक्ष्म-लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री और आगरा के प्रभारी मंत्री भूपेंद्र चौधरी आदि मौजूद रहे।

    गुरु पूर्णिमा से पहले शिक्षकों को निश्शुल्क इलाज की योजना

    सीएम योगी आदित्यनाथ ने गुरु पूर्णिमा से पहले शिक्षकों को मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ किया गया। इस योजना से राज्य विश्वविद्यालय के शिक्षक, अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों के शिक्षक, स्ववित्त पोषित महाविद्यालयों के शिक्षकों व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों और उनके आश्रितों सहित प्रदेश भर में 7.50 लाख लोगों को निश्शुल्क इलाज की सुविधा मिलेगी। आयुष्मान योजना की तरह अनुबंधित अस्पतालों में एक वर्ष में पांच लाख रुपये तक का इलाज करा सकेंगे।

    वहीं, पीएनबी के साथ हुए एमओयू के तहत शिक्षकों व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को 1.50 करोड़ तक का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा, 3 करोड़ तक का हवाई दुर्घटना बीमा, 60 हजार तक का अस्पताल नकद लाभ तथा 12 लाख तक का टर्म लाइफ बीमा जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

    सही जानकारी के लिए छात्रों को समाचार पत्र पढ़ने के लिए करें प्रेरित

    उन्होंने कहा कि देश के स्वतंत्रता संग्राम के दौरान समाचार-पत्रों ने राष्ट्रीय चेतना को जागृत करने और स्वतंत्रता आंदोलन को गति देने में योगदान दिया। प्रिंट एवं इलेक्ट्रानिक मीडिया में जवाबदेही की स्पष्ट व्यवस्था होती है।

    मगर, इंटरनेट मीडिया में यह नहीं है, भ्रामक सूचनाएं, अफवाह और समाज में विद्वेष फैलाने का प्रयास किया जा रहा है। इसलिए छात्रों को समाचार पत्र पढ़ने के लिए प्रेरित करें।

    यह भी पढ़ें- सीएम योगी ने इटावा को दी 604 करोड़ की सौगात, बोले- सपा सरकार में अटका सैफई मेडिकल संस्थान, हमने पूरा किया