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    आगरा मानसिक स्वास्थ्य संस्थान: कपल थेरेपी से पति-पत्नी के रिश्तों में सुधार, पसंद-नापसंद समझाकर विवाद सुलझा रहे विवादों 

    Updated: Sun, 19 Jul 2026 09:59 AM (IST)

    आगरा के मानसिक स्वास्थ्य संस्थान में कपल थेरेपी से पति-पत्नी के बिगड़ते रिश्तों का इलाज किया जा रहा है। काउंसलर वैज्ञानिक तरीके से एक-दूसरे की पसंद-ना ...और पढ़ें

    मानसिक स्वास्थ्य संस्थान में कपल थेरेपी।

    मानसिक स्वास्थ्य संस्थान में कपल थेरेपी।

    HighLights

    1. मानसिक स्वास्थ्य संस्थान में कपल थेरेपी से रिश्तों का इलाज

    2. 60% मामले पति-पत्नी के विवादों से संबंधित होते हैं

    3. काउंसलर वैज्ञानिक तरीके से पसंद-नापसंद समझाकर विवाद सुलझाते हैं

    केस वन
    मल्टीनेशनल कंपनी में मैनेजर की छह महीने पहले बैंक में कार्यरत युवती से शादी हुई थी, एक महीने तक सब ठीक चला। इसके बाद छोटी छोटी बातों पर विवाद होने लगा। पति पत्नी दोनों ही अवसाद में रहने लगे। साइको सोशल क्लीनिक में दोनों की काउंसिलिंग की गई। उन्हें समझाया गया कि एक दूसरे की पूरी बात सुनने के बाद मिलकर समस्या का समाधान कैसे हो यह तय करें। इससे दोनों में से किसी की भी भावना को ठेस नहीं पहुंचेगी।

    केस टू
    शादी के 16 वर्ष बाद पति पत्नी के बीच अपने बच्चों की परवरिश को लेकर विवाद होने लगा। पति बच्चों के ज्यादा समय तक मोबाइल देखने पर पत्नी को जिम्मेदार ठहराने लगे। जबकि पत्नी का कहना था कि पति घर पर ज्यादा समय नहीं देते हैं। इससे बच्चे बिगड़ गए और अब बात सुनते नहीं हैं। दोनों की काउंसिलिंग की गई, इसके बाद बच्चे की भी काउंसिलिंग हुई। पूरा परिवार अब ठीक है, एक दूसरे से कोई समस्या नहीं है।

    जागरण संवाददाता, आगरा। ये महज उदाहरण हैं, घर को मिलकर ही पति पत्नी चला सकते हैं। मगर, छोटी-छोटी बातों पर एक-दूसरे को समझने के बजाय गुस्सा करने। गुस्से में अपशब्द बोलने से समस्या और बढ़ जाती है। इससे पति पत्नी के बीच के रिश्ते बीमार हो रहे हैं। मानसिक स्वास्थ्य संस्थान एवं चिकित्सालय के साइको सोशल क्लीनिक में बीमार रिश्तों का कपल थेरेपी से इलाज किया जा रहा है।

    60 प्रतिशत मामले दंपती के विवाद के

    मानसिक स्वास्थ्य संस्थान एवं चिकित्सालय के साइको सोशल क्लीनिक में 40 से अधिक मरीज परामर्श लेने पहुंच रहे हैं। इसमें 60 प्रतिशत मामले पति पत्नी के बीच के विवाद के होते हैं। विवाद इतना बढ़ जाता है कि एक दूसरे से बात करना नहीं चाहते हैं। दोनों की तनाव में रहते हैं इससे पूरा परिवार प्रभावित होता है, बच्चों पर भी असर पड़ता है।

    एक दूसरे की पसंद और नापसंद को वैज्ञानिक तरीके से पता कर रहे काउंसलर

    मानसिक स्वास्थ्य संस्थान के निदेशक प्रो. दिनेश राठौर ने बताया कि कपल थेरेपी दी जाती है, इसमें दोनों की अलग अलग काउंसिलिंग की जाती है, अलग अलग प्रश्न पूछे जाते हैं, एक दूसरे की पसंद और नापसंद के बारे में पूछा जाता है। इसके बाद दोनों को एक साथ बिठाकर समझाया जाता है कि ऐसी बातें जो एक दूसरे को पसंद नहीं हैं उन्हें दोनों हटा दें तो पूरी समस्या खत्म हो सकती है। इसे वैज्ञानिक तरीके से कई सेशन में किया जाता है, इससे पति पत्नी को भी समझ में आ जाता है कि यह कोई ऐसी समस्या नहीं है जिसके कारण पति पत्नी के बीच के रिश्ते में दरार पड़े, जबकि दोनों एक दूसरे के पूरक हैं। अधिकांश मामलों में पति पत्नी के बीच विवाद खत्म होने के साथ ही अच्छी जिंदगी जीने लगते हैं।

    पति-पत्नी के बीच के विवाद के प्रमुख कारण

    • युवक और युवती अलग अलग परिवार से होते हैं। दोनों का रहन सहन अलग अलग होता है, इससे सामंजस्य नहीं बिठा पाते हैं।
    • पति पत्नी दोनों का व्यवहार अलग अलग होता है, एक दूसरे को समझ नहीं पाते हैं
    • पति पत्नी के नौकरीपेशा होने पर एक दूसरे पर शक करते हैं, मोबाइल साझा नहीं करते इससे समस्या और बढ़ जाती है
    • परिवार के अन्य सदस्यों के कारण भी विवाद होता है
    • बच्चों की परवरिश को लेकर भी विवाद हो रहा है

    टेलीमेडिसिन ओपीडी में फोन से भी कर सकते हैं संपर्क

    मानसिक स्वास्थ्य संस्थान में टेलीमेडिसिन ओपीडी संचालित है। हेल्पलाइन नंबर 14416 या टोल फ्री 1800914416 पर 24 घंटे काल कर परामर्श ले सकते हैं। पति पत्नी के बीच के विवाद के मामले भी टेलीमेडिसिन की ओपीडी में आ रहे हैं। वहीं, जिन दंपती का सोशल साइको क्लीनिक में इलाज किया जाता है उनसे फोन पर टेलीमेडिसिन ओपीडी के माध्यम से फीडबैक भी लिया जाता है।

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