यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 26, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Taj Mahal Lover: ताजमहल की दीवानगी, दीदार से पहले बनवाया टैटू, 8000 KM की पैदल यात्रा पर है निको मोरो
Taj Mahal Agra निको मोरो ने बताया कि उनकी यात्रा का उद्देश्य स्वयं की खोज करना है। भारत और यहां के निवासी बहुत अच्छे हैं। निको मोरो जर्मन फिल्म लोटे ए ...और पढ़ें

HighLights
- स्वयं की खोज में आठ हजार किमी की पदयात्रा पर हैं निको मोरो
- एक वर्ष में पूरी होगी निको मोरो की यात्रा
जागरण संवाददाता, आगरा। यह ताजमहल के प्रति एक पर्यटक की दीवानगी है। ताजमहल हमेशा साथ रहे, इसके लिए उसने ताजमहल देखने से पूर्व अपने हाथों पर ही ताजमहल का टैटू गुदवा लिया। नेपाल के लुंबिनी से चेक गणराज्य के ट्रेबिक तक स्वयं की खोज में वह आठ हजार किमी की पदयात्रा एक वर्ष में पूरा करेंगे।
चेक गणराज्य के 24 वर्षीय निको मोरो ने 26 सितंबर को नेपाल के काठमांडू पहुंचे थे। वहां से पोखरा, सोनौली, लखनऊ, कानपुर होते हुए 1076 किमी की पदयात्रा कर आगरा पहुंचे। निको मोरो ने बताया कि भारत में उनकी यात्रा का मुख्य उद्देश्य दुनिया के आश्चर्यों में शामिल ताजमहल देखना था। ताजमहल बहुत सुंदर है। वह प्रत्येक देश में एक टैटू बनवाना चाहते हैं।
हाथ पर ताजमहल का टैटू बनवाया
आगरा आने पर ताजमहल देखने से पूर्व उन्होंने छह हजार रुपये खर्च कर हाथ पर ताजमहल का टैटू बनवाया। ताजमहल में टैटू के साथ फाेटो लिए। पैदल भ्रमण करते हुए आगरा किला, फतेहपुर सीकरी, अकबर का मकबरा और एत्माद्दौला देखे। आगरा से वह मथुरा होते हुए दिल्ली पहुंचेंगे।
पहले कर चुके हैं 1600 किमी की यात्रा
निको मोरो इससे पूर्व पेरिस से सैंटियागो डि काम्पोस्टेला तक 1600 किमी की पदयात्रा कर चुके हैं। इसे पूरा करने में उन्हें 55 दिन का समय लगा था। इस यात्रा पर उन्होंने चेक भाषा में पुस्तक 'पेस्की जेड पेरीज डो सैंटियागा' लिखी है। एशिया की उनकी यह पहली यात्रा है।
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भारत से पाकिस्तान, ओमान, दुबई, तेहरान, ईरान, आर्मेनिया, जार्जिया, तुर्की, ग्रीस, बुल्गारिया, रोमानिया, हंगरी, स्लोवाकिया होते हुए चेक गणरराज्य पहुंचेंगे।