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    डायबिटीज और मोटापा, दोनों को कंट्रोल रखेगा एक इंजेक्शन; पेटेंट हटते ही घटे दाम-बाजार में लेने को मारामारी

    By Ajay Dubey Edited By: Prateek Gupta
    Updated: Wed, 01 Apr 2026 01:42 PM (IST)

    मधुमेह और मोटापे के इलाज में इस्तेमाल होने वाले सेमाग्लूटाइड इंजेक्शन का पेटेंट खत्म होने से दाम काफी गिर गए हैं। पहले 18,000 रुपये का इंजेक्शन अब 1,2 ...और पढ़ें

    सांकेतिक तस्वीर।

    सांकेतिक तस्वीर।

    जागरण संवाददाता, आगरा। मधुमेह रोगियों में शुगर (ब्लड ग्लूकोज) कंट्रोल के साथ मोटापा कम करने वाले इंजेक्शन (सेमाग्लूटाइड) के रेट कम होते ही दवा बाजार में मारामारी मची हुई है। एक महीने के लिए 18 हजार कीमत वाला इंजेक्शन 1200 से चार हजार रुपये में बाजार में उपलब्ध है।

    जिन लोगों को मधुमेह नहीं है लेकिन वजन ज्यादा है वे भी सोशल मीडिया पर देखकर 1200 (वाइल) से चार हजार रुपये कीमत (प्री लोड इंजेक्शन पेन) के इंजेक्शन को दवा बाजार से खरीद रहे हैं।

    ऑनलाइन फार्मेसी से भी इंजेक्शन खरीदे जा रहे हैं, आठ दिन में ही दवा बाजार में इंजेक्शन की जबरदस्त मांग को देखते हुए केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन ने डाक्टर के पर्चे के बिना इंजेक्शन की बिक्री पर रोक लगा दी है।

    मधुमेह रोगियों में शुगर को कंट्रोल करने के साथ ही तीन 18 से 20 प्रतिशत वजन कम करने के लिए फार्मा कंपनी नोवो नार्डिस्क कंपनी ने ग्लूकागान-लाइक पेप्टाइड-1 (जीएलपी वन, वेगोवी इंजेक्शन) लांच किया था, यह इंजेक्शन हर सप्ताह लगाया जाता है। इंजेक्शन पेटेंट होने के कारण चार डोज के इंजेक्शन की कीमत 18 हजार रुपये तक थी।

    21 मार्च को कंपनी का पेटेंट खत्म हो गया। एसएन मेडिकल कालेज के फिजीशियन डा. प्रभात अग्रवाल ने बताया कि सात दिन में ही एल्केम, टोरेंट सहित 10 कंपनियों के सेमाग्लूटाइड इंजेक्शन बाजार में आ गए हैं। 1200 रुपये (वाइल में) 2500 रुपये से चार हजार रुपये (प्री लोड इंजेक्शन पेन) में इंजेक्शन उपलब्ध है।

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    30 से 40 और कंपनियों के इंजेक्शन आने वाले हैं। हर सप्ताह इंजेक्शन लगता है, इसे इंसुलिन की तरह से ही लगाया जाता है। इंजेक्शन को 0.25 एमजी लो डोज से शुरू किया जाता है, हर महीने डोज बढ़ाई जाती है और एक एमजी तक डोज तक ले जाते हैं।

    जिन लोगों का वजन 100 किलोग्राम है वह तीन महीने में घटकर 80 से 82 किलोग्राम तक पहुंच सकता है। इंजेक्शन शुगर का स्तर ज्यादा होने पर ही उसे कम करता है इसलिए जिन लोगों का शुगर का स्तर सामान्य है लेकिन वजन ज्यादा है उन्हें भी इंजेक्शन दिया जा सकता है। मगर, सभी मरीजों के लिए यह इंजेक्शन नहीं है।

    जिन लोगों को मोटापा से कोई बीमारी नहीं है वे व्यायाम, संतुलित भोजन और जीवनशैली में बदलाव कर वजन कम कर सकते हैं।

    आगरा फार्मा एसोसिएशन के मीडिया प्रभारी पुनीत कालरा ने बताया कि बाजार में इंजेक्शन खरीदने के लिए लोग आ रहे हैं, जान पहचान वाले भी फोन कर इंजेक्शन कहां मिलने यह पूछ रहे हैं। मगर, अब डाक्टर के पर्चे से ही इंजेक्शन की बिक्री के निर्देश दिए गए हैं।
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    इन्हें नहीं दिया जा सकता है इंजेक्शन

    मधुमेह रोगी जिनके रेटिना में सूजन है, पेंक्रेटाइटिस की कोई समस्या हो चुकी है और पेट संबंधी कोई बीमारी है। मेडुलरी थायराइड कैंसर है। इन मरीजों में इंजेक्शन घातक हो सकता है।

    हाईडोज से शुरू करने पर उल्टी, बेचैनी और घबराहट : डा. अतुल कुलश्रेष्ठ

    वरिष्ठ मधुमेह रोग विशेषज्ञ डा. अतुल कुलश्रेष्ठ ने बताया कि सेमाग्लूटाइड इंजेक्शन लो डोज (0.25 ) से शुरू किया जाता है, ऐसे में लोग एक एमजी की डोज से इंजेक्शन की शुरूआत करते हैं तो उन्हें उल्टी, दस्त हो सकते हैं, इससे शरीर में पानी की कमी हो सकती है।

    यह घातक हो सकता है, साथ ही बेचैनी और घबराहट के गुर्दे पर भी असर पड़ सकता है। जिन लोगों के रेटिना में सूजन और पैंक्रियाज में संक्रमण और सूजन रह चुकी है उनके लिए यह घातक है।

    हर मरीज को इंजेक्शन की जरूरत नहीं : डा. धर्मेंद्र तिवारी

    सस्ता होते ही लोग मोटापा कम करने के लिए सेमाग्लूटाइड इंजेक्शन शुरू करने के लिए कहने लगे हैं। मगर, मधुमेह और मोटापा के हर मरीज के लिए यह इंजेक्शन नहीं है। जिन लोगों में मोटापा के कारण मधुमेह की बीमारी है, उनमें दवा के साथ वजन कम करने से शुगर का स्तर नियंत्रित रखने के लिए इंजेक्शन दिया जाता है।

    वहीं, मोटापा के कारण फैटी लिवर सहित अन्य समस्या होने पर ही इंजेक्शन की जरूरत है। व्यायाम और खाने के परहेज से भी वजन कम कर सकते हैं।

    डाक्टर के पर्चे से ही इंजेक्शन की बिक्री 

    सहायक औषधि आयुक्त अतुल उपाध्याय ने बताया कि केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने सेमाग्लूटाइड इंजेक्शन के दुरुपयोग को रोकने के लिए सख्त आदेश जारी किए गए हैं।

    यह इंजेक्शन एमडी फिजीशियन, मधुमेह व ह्रदय रोग विशेषज्ञ व एंडोक्राइनोलाजिस्टव ही पर्चे पर लिख सकते हैं। डाक्टर के पर्चे के बिना इंजेक्शन की दवा की दुकान से बिक्री नहीं की जा सकती है। बिना पर्चे के बिक्री करने पर कार्रवाई की जाएगी।

     

    (नोट: इंजेक्शन का प्रयोग चिकित्सकीय परामर्श के बाद ही करें।)