यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 10, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
ताजमहल पर पर्यटक बनकर पहुंचे डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी का सच से हुआ सामना, कई खामियां मिलीं
डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने शनिवार सुबह शिल्पग्राम और ताजमहल के पूर्वी गेट का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हें कई अव्यवस्थाएं देखने को मिलीं। कुछ ...और पढ़ें

HighLights
- पार्किंग ठेकेदार के कर्मचारियों का पर्यटकों से अमर्यादित व्यवहार, अव्यवस्था की खुली पोल
- पर्यटक बनकर ताजमहल के पूर्वी गेट में पहुंचे थे डीएम, बंद मिला आनलाइन टिकट काउंटर -
- ताज में लपकों ने डीएम को जबरन थमाया सामान, दिव्यांग चेयर के किराये में मनमानी
जागरण संवाददाता, आगरा। शिल्पग्राम और ताजमहल के पूर्वी गेट पर पर्यटक बनकर पहुंचे डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी का सच से सामना हुआ। डीएम ने डीएम को ही जबरन सामान थमाने का प्रयास किया। डीएम के मना करने पर लड़ने के लिए तैयार हो गए।
डीएम ने किसी तरीके से खुद को बचाया। गेट के पास दिव्यांग चेयर के किराये में मनमानी मिली। हर कर्मचारी ने किराया अलग-अलग तय कर रखा था। खासकर विदेशी पर्यटक को देखकर किराया और भी बढ़ा दिया जा रहा था।
ताज का ऑनलाइन टिकट काउंटर बंद था। वहीं शिल्पग्राम के पार्किंग ठेकेदार के कर्मचारियों का व्यवहार ठीक नहीं था। नाइट ड्रेस में घूम रहे थे। गाली−गालौज सामान्य बात थी। डीएम से अमर्यादित व्यवहार किया गया। इससे अव्यवस्थाओं की पोल खुल गई।
सुबह पैदल निकले थे डीएम
डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी शनिवार सुबह छह बजे एमजी रोड स्थित आवास से पैदल निकले। वह क्रीम कलर का अपर और काले रंग की हाफ पैंट पहने हुए थे। उनके साथ अर्दली या फिर कोई भी सुरक्षा कर्मचारी नहीं था। फतेहाबाद रोड से होते हुए पर्यटक बने डीएम शिल्पग्राम पहुंचे। शिल्पग्राम की पार्किंग में वाहन खड़ा करने का बहाना बनाया। ठेकेदार के कर्मचारी से बात की। कर्मचारी नाइट ड्रेस में था। गुटखा खाए हुए था। गुटखा थूकते हुए डीएम से बोला जहां पर जगह मिल जाए। गाड़ी खड़ी कर दो।
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डीएम ने बोला काम से काम रखो
डीएम ने पूछा तुम्हारा नाम क्या है। ड्रेस और परिचय पत्र कहां है। कर्मचारी बोला चचा अपने काम से काम रखो। तुमसे इससे कोई मतलब नहीं है। एक और कर्मचारी पास आ गया। कर्मचारियों का व्यवहार शालीन नहीं था। डीएम थोड़ा आगे बढ़े। एक शख्स ने जबरन सामान बेचने का प्रयास किया। खुद को डीएम ने किसी तरीके से बचाया फिर शिल्पग्राम से ताज पूर्वी गेट पहुंचे। रास्ते में कई लपकों ने परेशान किया। सामान न खरीदने पर लड़ने के लिए तैयार हो गए।
हर चेयर का अलग किराया
ताज पूर्वी गेट के पास कई दिव्यांग चेयर रखी हुई थीं। हर चेयर का किराया अलग अलग था। विदेशी पर्यटक के साथ मनमानी किराया वसूला जा रहा था। डीएम ने कई पर्यटकों और कर्मचारी से बात कही। इलेक्ट्रिक वाहनों का संचालन भी ठीक से नहीं हो रहा था। इसे देखने वाला भी कोई नहीं था। ऑनलाइन टिकट काउंटर बंद था। पर्यटकों की लाइन लगी हुई थी। डीएम ने शौचालय को भी देखा। इसमें सेंसर नहीं लगा हुआ था।
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यह उठाए जाएंगे कदम
- दिव्यांग चेयर का किराया एक समान होगा। गेट के पास जितनी भी चेयर हैं। उसके आसपास रेट लिस्ट लगेगी। कर्मचारियों का व्यवहार शिष्ट होगा।
- लपकों को पकड़ने का अभियान चलेगा।
- नए पार्किंग स्थल की तलाश की जाएगी।
- शिल्पग्राम के पार्किंग ठेकेदार के कर्मचारियों को प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाएगी।
- कर्मचारी एक ड्रेस में होंगे और प्रत्येक का परिचय पत्र बनाया जाएगा।
- पार्किंग गेट पर बूम गेट लगेगा। पर्ची सिस्टम को खत्म करते हुए हैंड हेल्ड मशीन का प्रयोग किया जाएगा।
- सेंसर युक्त शौचालय होंगे।
- सफाई व्यवस्था को और भी बेहतर किया जाएगा।